{"_id":"5e5809928ebc3ef40a424430","slug":"former-chairman-of-fatehganj-eastern-stuck-in-embezzlement-charge-sheet-ready-bareilly-news-bly3976176132","type":"story","status":"publish","title_hn":"फतेहगंज पूर्वी की पूर्व चेयरमैन गबन में फंसी, चार्जशीट तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फतेहगंज पूर्वी की पूर्व चेयरमैन गबन में फंसी, चार्जशीट तैयार
विज्ञापन
रूपया(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
गिरफ्तारी की लटकी तलवार, 53 लाख रुपये गबन की पुलिस कर रही थी जांच
विज्ञापन
फतेहगंज पूर्वी। नगर पंचायत में सात साल पहले 53 लाख रुपये के गबन मामले में पूर्व चेयरमैन किश्वरी बेगम फंस गई हैं। पुलिस ने चार्जशीट तैयार कर ली है, जो अब कोर्ट में पेश की जाएगी। बता दें कि कोर्ट ने उन्हें चार्जशीट दाखिल होने तक जमानत दी है।
पूर्व चेयरमैन पर गबन के आरोप में मामला थाना पुलिस ने करीब एक साल पहले डीएम के आदेश पर दर्ज किया था। जांच अधिकारी एसएसआई विजय प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 में फतेहगंज पूर्वी के प्रदीप शर्मा, अमित अग्रवाल, चांद मोहम्मद अहसान अली, संजीव सैनी सहित नौ सभासदों ने डीएम को सौंपे पत्र में पूर्व चेयरमैन किश्वरी बेेगम सहित उनके बेटे, पति तथा तत्कालीन अधिशासी अधिकारी सहित छह लोगों पर एक करोड़ से अधिक का गबन का आरोप लगाया था। डीएम के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम फरीदपुर प्रशांत शर्मा ने जांच के बाद आरोपों की पुष्टि करते हुए मार्च 2014 में डीएम को छह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किए जाने की सिफारिश की थी। बाद में पूर्व चेयरमैन ने कोर्ट में दूसरे अधिकारी से जांच कराने की मांग की तो डीएम रामपुर से जांच कराई गई। उनकी रिपोर्ट में गबन 53 लाख का बताया गया और केवल पूर्व चेयरमैन पर मामला दर्ज करने की आख्या 2017 में सौंपी गई। इस संबंध में सीओ फरीदपुर नागेंद्र यादव ने बताया कि चार्जशीट मिल गई है। शुक्रवार को देखेंगे। इसके बाद कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
पूर्व चेयरमैन पर गबन के आरोप में मामला थाना पुलिस ने करीब एक साल पहले डीएम के आदेश पर दर्ज किया था। जांच अधिकारी एसएसआई विजय प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 में फतेहगंज पूर्वी के प्रदीप शर्मा, अमित अग्रवाल, चांद मोहम्मद अहसान अली, संजीव सैनी सहित नौ सभासदों ने डीएम को सौंपे पत्र में पूर्व चेयरमैन किश्वरी बेेगम सहित उनके बेटे, पति तथा तत्कालीन अधिशासी अधिकारी सहित छह लोगों पर एक करोड़ से अधिक का गबन का आरोप लगाया था। डीएम के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम फरीदपुर प्रशांत शर्मा ने जांच के बाद आरोपों की पुष्टि करते हुए मार्च 2014 में डीएम को छह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किए जाने की सिफारिश की थी। बाद में पूर्व चेयरमैन ने कोर्ट में दूसरे अधिकारी से जांच कराने की मांग की तो डीएम रामपुर से जांच कराई गई। उनकी रिपोर्ट में गबन 53 लाख का बताया गया और केवल पूर्व चेयरमैन पर मामला दर्ज करने की आख्या 2017 में सौंपी गई। इस संबंध में सीओ फरीदपुर नागेंद्र यादव ने बताया कि चार्जशीट मिल गई है। शुक्रवार को देखेंगे। इसके बाद कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
विज्ञापन
2017 तक लटका रहा मामला
सपा सरकार में किश्वरी बेगम पर आरोपों की जांच में देरी होती रही। किश्वरी सपा के टिकट पर ही चुनाव लड़कर जीतीं थीं। 2017 में भाजपा सरकार आने पर पुलिस से लेकर प्रशासन ने जांच में तेजी लाई।
विज्ञापन