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Bareilly News: नदी किनारे के गांवों में बाढ़, 60 हजार लोग घिरे

Tue, 09 Jul 2024 06:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2024 06:54 AM IST
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Flood in riverside villages, 60 thousand people surrounded
नवाबगंज/फरीदपुर। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इससे नवाबगंज, फरीदपुर, मीरगंज और बहेड़ी के नदी किनारे स्थित गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। इससे इन क्षेत्रों के करीब 60 हजार लोग बाढ़ से घिर गए हैं, जिनको अब प्रशासन की तरफ से राहत का इंतजार है। वहीं, लगातार बारिश से क्षेत्र में चार लोगों के मकान जमींदोज हो गए। पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। हालांकि प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए अलर्ट जारी कर दिया है।
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बाढ़ चौकियों को किया सक्रिय
नवाबगंज क्षेत्र में सोमवार को एसडीएम ने बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर नदियों के जलस्तर का जायजा लिया। तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों से बढ़ते जल स्तर को देखते हुए नदियों के किनारों पर न जाने की अपील की है। साथ ही बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने के लिए भी सलाह दी गई है।
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दरअसल, चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते शारदा नहर और पनघैली नदी अपने खतरे के निशान के आस पास बह रही है। जनपद पीलीभीत से होकर बह रही देवहा नदी,पनघेली नदी, सिंघइया नदी, अफसरा नदी, कैलाश नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एसडीएम नवाबगंज मल्लिका नैन ने टीम के साथ बाढ़ क्षेत्र का दौरा किया। एसडीएम ने गरेम डाम, बहर जागीर, नकटी नरायनपुर आदि गांवों का निरीक्षण कर बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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गोशाला में फंसे गोवंशीय पशुओं का किया रेस्क्यू

फरीदपुर में बहगुल नदी के उफनाने से सिमरा केशोपुर गांव में बनी गोशाला में पानी भर गया। इसमें फंसे पशुओं को प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सुरक्षित बाहर निकलवाया। वहीं, देवहा नदी में जलस्तर बढ़ने से शेखापुर गांव में बने गोशाला तक जाने के लिए कोई मार्ग नहीं बचा, जिससे गोशाला को जाने वाले सारे मार्ग जलभराव के कारण बंद हो गए। हालांकि वहां से रेस्कूल ऑपरेशन से संबंधित कोई सूचना नहीं मिली7

बहगुल नदी से कुछ ही दूर पर सिमर केशोपुर गांव में बने गोशाला में भी यही हाल रहा। बीडीओ भुता विजय शंकर मणि ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से नौकाओं व ट्यूब का सहारा लिया और पशुओं का रेस्क्यू कराया। इस दौरान एसडीएम फरीदपुर अजय उपाध्याय, तहसीलदार रजनीश सक्सेना, नायब तहसीलदार अभिषेक तिवारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पर्याप्त इंतजाम के लिए निर्देश दिए।गो-सेवक ने दी तहरीर
फरीदपुर नगर के मोहल्ला बक्सरिया निवासी गो-सेवक सत्यम गौड़ ने फरीदपुर थाने में तहरीर देते हुए बताया कि सिमरा केशोपुर गांव में बनी गोशाला में गोवंशीय पशुओं के पानी में फंसने की सूचना पर पहुंचे थे, जिसका वीडियो उन्होंने अपने मोबाइल से बनाना शुरू किया तो गांव में किसी ने उनका मोबाइल छीन कर बंद कर दिया, उन्हें वीडियो नहीं बनाने दिया। संवाद
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काड़ू नदी का जलस्तर बढ़ा, दो ग्रामीणों के घर गिरे
भड़सर। क्षेत्र में काड़ू नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे लोगों में बेचैनी बढ़ गई। वहीं, रविवार रात बारिश से दो ग्रामीणों के घर गिर गए और उदरनपुर स्थित प्राथमिक पाठशाला की बाउंड्री धराशाई हो गई। नदी का पानी निकट के एक मंदिर में घुस गया। उधर, गांव बड़ेपुरा निवासी मिश्रीलाल का छप्पर का घर बरसात में ढह गया, जिसमें रखा सारा सामान तहस-नहस हो गया। इसी गांव के निवासी अजमेरी के घर की छत बरसात में गिर गई। संवाद
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एसडीएम ने किच्छा नदी के किनारे के गांवों का निरीक्षण किया

बहेड़ी। एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव ने बाढ़ खंड की टीम के साथ मेगाफूड पार्क के किच्छा नदी के तलहटी के इलाके के अलावा उत्तराखंड से बहकर आने वाली किच्छा नदी के तलहटी पर बसे दर्जनों गांव का दौरा किया। यहां 32 गांवों के प्रधानों व कोटेदारों के साथ बैठक कर सजग रहने की चेतावनी दी। किसी तरह की समस्या होने पर तत्काल तहसील प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए। संवाद
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गांवों में कटान शुरू, किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन जलमग्न
मीरगंज। बहगुल नदी में बाढ़ आने से धर्मपुरा, सुल्तानपुर, दुनका, बफरी अब्दुलनवीपुर, गौसगंज, फिरोजपुर आदि गांवों में कटान शुरू हो गया है।वहीं, सुल्तानपुर में नदी का जलस्तर बढ़ने से फसलें जलमग्न हो गई हैं। उधर, मीरगंज में रामगंगा, पीलाखार, भाखड़ा नदी में पानी आने से रामगंगा किनारे के अम्बरपुर लभेडा, मोहम्मद गंज, ठिरिया, करौरा, गोरा, हेमराजपुर और श्यामपुर में कटान हो रहा है, जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन रामगंगा नदी में समा गई है।

10 नौकाओं की व्यवस्था की गईं
उपजिलाधिकारी तृप्ति गुप्ता ने राजस्व टीम के साथ धर्मपुरा, बसई आदि गांवों में भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए तहसील परिसर में कंट्रोल रूम खोला गया है। किसी को कोई समस्या हो तो कंट्रोल रूम पर फोन करें। तुरंत समस्या का समाधान किया जाएगा। क्षेत्र के लिए 10 नावों की व्यवस्था की गई हैं। संवाद
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