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Bareilly News: गैंग चार्ट में झोल, साक्ष्यों के अभाव में गैंगस्टर के छह आरोपी दोषमुक्त

Wed, 23 Sep 2026 01:39 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Wed, 23 Sep 2026 01:39 AM IST
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Flaws in the gang chart; six accused in the gang case acquitted due to lack of evidence.
गैंग चार्ट पर डीएम, एसएसपी, सीओ और थानाध्यक्ष के हस्ताक्षर अलग-अलग तिथियों में
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बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट अशोक कुमार यादव ने गैंगस्टर के छह आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। इनमें बदायूं के थाना कादरचौक के गांव डम्मर नगला निवासी प्रेमपाल सिंह उर्फ फौजी, सिविल लाइंस के गांव कुरऊ निवासी पप्पू, लखनपुर निवासी प्रेमपाल साहू, बरेली के आंवला थाना क्षेत्र के टांडा निवासी अजय चौहान उर्फ पिंकी, बिशारतगंज के वार्ड नंबर नौ निवासी विश्वास साहू और दिल्ली के संगम विहार निवासी जसवीर साहू शामिल है।
बिशारतगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष मुरारी लाल वर्मा ने 22 सितंबर 2010 को प्रेमपाल सिंह उर्फ फौजी, पप्पू, प्रेमपाल साहू, अजय चौहान उर्फ पिंकी, विश्वास साहू और जसवीर साहू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने छह गवाह पेश किए।
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सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि दाखिल किए गए गैंग चार्ट पर थानाध्यक्ष, सीओ, एसएसपी और डीएम के हस्ताक्षर अलग-अलग तारीखों में हैं, जबकि गैंग चार्ट का अनुमोदन संयुक्त बैठक में होता है। इसके अलावा अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ अवैध संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य भी नहीं दे सका। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
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गैर इरादतन हत्या की कोशिश में दोषी को तीन साल की कैद
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश उमाशंकर कहार ने गैर इरादतन हत्या की कोशिश में दोषी हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव ग्रेम निवासी रूपचंद्र को तीन साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
हाफिजगंज के गांव ग्रेम निवासी निशांत सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 मार्च 2013 को उसके पिता डालचंद्र और भाई मदनलाल गली में खड़े थे। तभी गांव का रूपचंद्र उनको गालियां देने लगा। विरोध करने पर रूपचंद्र ने राहुल व दो अन्य के साथ उसके पिता और भाई को पीटकर घायल कर दिया।
विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। इसमें मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर गैर इरादतन हत्या की कोशिश की धाराओं को बढ़ाया गया। 20 मार्च 2025 को अदालत ने दो किशोर अपचारियों की पत्रावली पृथक करते हुए किशोर न्याय बोर्ड भेज दी।

राहुल के लंबे समय से कोर्ट में हाजिर न होने के कारण उसकी पत्रावली को भी पृथक करते हुए रूपचंद्र के खिलाफ सुनवाई की गई। अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने रूपचंद्र को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
वादी की पत्नी और बेटा बयान से मुकरे, एससी-एसटी एक्ट का आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट अभय श्रीवास्तव ने एससी-एसटी एक्ट के आरोपी फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के गांव ट्यूलिया निवासी अशोक गंगवार को बरी कर दिया है। इस मामले में वादी मोतीराम जाटव का बेटा राहुल और पत्नी जगदेई अदालत में बयानों से मुकर गए।
मोतीराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अशोक गंगवार के खेत पर काम कर रहा था। 22 जुलाई 2022 को उसने अशोक से कहा कि जरूरी काम होने की वजह से दोपहर बाद काम पर नहीं आएगा। इस पर अशोक ने उसको पीटा। जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और कहा कि तुझे मेरे खेत पर बंधुआ मजदूरी करनी होगी। इसी दौरान मोतीराम की पत्नी जगदेई और बेटा राहुल आ गए।

विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान गवाह के रूप में वादी मोतीराम, उसकी पत्नी और बेटे पेश हुए। पत्नी और बेटे ने घटना से साफ इन्कार कर दिया। कहा कि उनके सामने अशोक ने मोतीराम को नहीं पीटा। मोतीराम ने कभी बताया भी नहीं कि अशोक से उनका कोई झगड़ा हुआ है। मेडिकल करने वाले डॉक्टर ने भी एक चोट का पुराना निशान होना बताया।
शहर में बवाल के एक आरोपी को जमानत, सभी 11 मामलों में दो ही जमानती पेश करने का आदेश
बरेली। शहर में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश अमृता शुक्ला ने आरोपी हनी उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की की याचिका स्वीकार कर ली है। उस पर दर्ज सभी 11 मामलों में दो ही जमानती और बांड दाखिल करने पर जमानत रिहाई का आदेश दिया है।
शहर में बवाल के बाद हनी के खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 489/25, 492/25, 502/25, 490/25, 491/25 और मुकदमा अपराध संख्या 497/25, थाना बारादरी में 1145/25, 1146/25, 11/25, थाना कैंट में दर्ज 528/25 और थाना प्रेमनगर में मुकदमा अपराध संख्या 388/25 दर्ज किए गए थे। आरोपी 11 माह से जेल में है। उसने कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उसको सभी मामलों में अग्रिम या फिर नियमित जमानत मिली चुकी है, लेकिन मामलों में अलग-अलग जमानती और बांड दाखिल करना उसके लिए संभव नहीं है।
आरोपी के वकील ने संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु आवेदक की आर्थिक स्थिति की रिपोर्ट पर विचार करते हुए सभी मामलों में कॉमन जमानतदार दाखिल करने की याचना की। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के प्रावधानों के अनुपालन में आरोपी को सभी मामलों में दो ही जमानती और बांड दाखिल करने पर रिहाई का आदेश दिया है।

ऑटो रिक्शा लूट के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त



बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश उमाशंकर कहार ने ऑटो रिक्शा लूट के आरोपी देवरनियां थाना क्षेत्र के सेमीखेड़ा निवासी शिवम गंगवार की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है। उसने जमानत याचिका दाखिल कर कोर्ट से कहा कि प्रथम सूचना रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ है। पुलिस 30 अगस्त को ऑटो रिक्शा बरामद कर चुकी है। फंसाने के लिए उसका नाम बढ़ाया गया है। पुलिस उसे बेवजह गिरफ्तार करना जेल भेजना चाहती है।

वाहन चोरी के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र मणि ने वाहन चोरी के आरोपी शीशगढ़ थाना क्षेत्र के मोहल्ला शेखूपुरा निवासी शाने आलम की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है। आरोपी को पुलिस ने 21 अगस्त को चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार किया था। यह बाइक सात जून 2026 को हाफिजगंज के बाजार से चोरी की गई थी।


अपहरण और पॉक्सो एक्ट के आरोपी की जमानत याचिका निरस्त
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट नमृता अग्रवाल ने अपहरण और पॉक्सो एक्ट के आरोपी बदायूं के बिसौली थाना क्षेत्र के गांव अजनावर निवासी राजपाल सागर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। आरोपी 23 अगस्त से जेल में है। बिशारतगंज थाना क्षेत्र की एक गांव की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 साल की बेटी 20 जुलाई को लापता हो गई। उसने पुलिस को बताया कि पंजाब के होशियारपुर में एक ईंट भट्ठा पर पर काम करते थे। बेटी भी साथ रहती थी। वहां उसकी जान पहचान राजपाल सागर से हुई थी। राजपाल सागर भी उसी क्षेत्र में दूसरे भट्ठे पर काम करता था। भट्ठा बंद होने के बाद उसका परिवार गांव लौट आया। राजपाल और उसका परिवार पंजाब में ही रहा। राजपाल शादीशुदा है। उसने उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया।
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