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Bareilly: हवालात से फरार हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर की तलाश में पुलिस की पांच टीमें, अब तक नहीं लगा सुराग
Tue, 27 Feb 2024 04:20 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 27 Feb 2024 04:20 PM IST
सार
बरेली में शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के दौरान शाम के वक्त हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर हवालात की खिड़की की सरिया काटकर फरार हो गए थे। दोनों की तलाश में पुलिस और एसओजी की पांच टीमें लगाई गईं।
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गैंगस्टर सचिन सैनी और हिस्ट्रीशीटर अंकित यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली में हवालात से फरार हिस्ट्रीशीटर अंकित यादव और गैंगस्टर सचिन सैनी का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस और एसओजी की पांच टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गई हैं। एसओजी ने जेल में इनसे मिलने वालों का रिकॉर्ड खंगाला। पता लगा कि दोनों कई दिनों से भागने की तैयारी कर रहे थे।
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शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के दौरान शाम के वक्त दोनों खिड़की की सरिया काटकर फरार हो गए थे। मामले में एक दरोगा और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया था। एसएसपी ने उनकी तलाश में एसओजी, सर्विलांस व पुलिस की पांच टीमें लगाई हैं। उनके घरों से लेकर रिश्तेदारों के घरों तक कई जगह दबिश दी पर उनका कोई पता नहीं लग सका। उनके परिचितों और दोस्तों के नंबर सर्विलांस पर लगाकर डिटेल जुटाई जा रही है।
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जेल में मुलाकात करने वालों की भी तलाश
एसओजी ने दोनों के परिचित उन लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है जो जेल में इनसे मिलने आए थे। जेल के रजिस्टर से उनके नाम व नंबर लेकर तलाश की जा रही है। संभावना ये भी है कि पिछली तारीखों में कोर्ट परिसर में मुलाकात के दौरान भी किसी परिचित ने इन्हें हेक्सा आरी का टुकड़ा दे दिया हो। सूत्रों के मुताबिक ये हर मुलाकात में उसी खिड़की के पास बैठते थे और धीमे धीमे सरिया काटते रहते थे। इनके भागने में कुछ बंदियों की भूमिका बताई जा रही है। एसओजी ने शनिवार को उनसे भी पूछताछ की।
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मुकदमे में बढ़ सकता है नाम
लापरवाही के मामले में दरोगा वीरेंद्र कुमार, सिपाही प्रांशू कुमार और रॉबिन निलंबित किए गए थे। उनकी विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। तीनों अगर मिलीभगत के दोषी पाए गए तो बंदियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में इनका नाम शामिल किया जा सकता है।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि दोनों बंदियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें लगाई हैं। सभी टीम को अलग लक्ष्य दिए हैं। जेल में इनसे साथियों व मिलने वालों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
लापरवाही के मामले में दरोगा वीरेंद्र कुमार, सिपाही प्रांशू कुमार और रॉबिन निलंबित किए गए थे। उनकी विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। तीनों अगर मिलीभगत के दोषी पाए गए तो बंदियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में इनका नाम शामिल किया जा सकता है।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि दोनों बंदियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें लगाई हैं। सभी टीम को अलग लक्ष्य दिए हैं। जेल में इनसे साथियों व मिलने वालों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।