{"_id":"5f63b6708ebc3ef47a52d212","slug":"fire-in-furniture-market-in-bareilly-bareilly-news-bly4201948126","type":"story","status":"publish","title_hn":"आग: बारूद की तरह जल उठा फर्नीचर मार्केट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आग: बारूद की तरह जल उठा फर्नीचर मार्केट
विज्ञापन
बरेली। कुमार टाकीज के पीछे आजमनगर स्थित फर्नीचर मार्केट की अधिकांश दुकानों पर बांस-बेंत के फर्नीचर के अलावा प्लास्टिक फर्नीचर भी बेचा जाता है। ऐसे में जब यहां आग लगी तो प्लास्टिक फर्नीचर ने बारूद का काम किया। लकड़ी में लिपटकर प्लास्टिक फर्नीचर और कपड़े के जलने से वहां कई फुट ऊंची लपटें निकल रही थीं। हर ओर हाहाकार मचा था, लोग अपनी दुकानें बचाने को चिल्ला रहे थे लेकिन पूरी मार्केट में आग होने के चलते कोई किसी की सुनने वाला नहीं था।
दुकानदारों ने मुताबिक रात करीब पौने बजे जब आग लगी तो बाजार बंदी के चलते अधिकांश लोग अपने घरों में थे। इसके चलते पीछे की दुकान में आग लगी तो किसी को पता नहीं लगा और कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची तो आग बुझाने का प्रयास शुरू हुआ लेकिन शुरुआत आग बुझने के बजाय बढ़ती जा रही थी। करीब घंटे भी बाद आग कम होनी शुरू हुई लेकिन कुछ ही देर बाद फिर ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। फायर ब्रिगेड की करीब दर्जन भर गाड़ियों की मदद से रात करीब 11 बजे आग पर काबू पाया जा सका। गरीब नवाज होटल के मालिक मो. शाहिद ने बताया कि पीछे की दुकान से लगी गोदाम को लपेटे में लेकर विकराल हो गई। इसमें उनका होटल, मो. मंसूर खां की गारमेंट शॉप और राजू, मोमीन समेत करीब दो दर्जन लोगों की दुकानें व फड़ जल गए। आग में कुछ भी सामान बाकी नहीं बचा है।
बदहवास लोग छत से फेंक रहे थे मिट्टी
विकराल आग पर काबू पाने के लिए जिसे जो बन पड़ रहा था, वह उसमें लगा था। कुछ लोग फर्नीचर मार्केट के पीछे स्थित शालीमार मार्केट की छत पर चढ़ गए और बोरियों में मिट्टी ले जाकर ऊपर से फेंक रहे थे। मगर आग इतनी विकराल थी कि उस मिट्टी का कोई असर नहीं हो रहा था। इस वजह से वहां हर ओर लोग बदहवास नजर आ रहे थे।
विज्ञापन
भीड़ संभालने को एसपी सिटी ने हड़काया
आग की सूचना पर आजमनगर समेत आसपास के इलाकों की भारी भीड़ वहां जमा हो गई। इसके चलते फायर ब्रिगेड को दमकल वाहनों को वहां लाने ले जाने में दिक्कत हो रही थी। भीड़ को काबू पाने के लिए कोतवाली के अलावा प्रेमनगर, बारादरी, सुभाषनगर समेत कई थानों से फोर्स बुलाया गया था। इस दौरान एसपी सिटी रविंद्र सिंह ने भीड़ देखकर लाउडहेलर पर लोगों को हड़काया कि धारा 144 लागू है और कोरोना काल चल रहा है। अगर वहां से नहीं जाएंगे तो पुलिस पकड़कर थाने ले जाएगी।
तपिश और सिलिंडर की दहशत में खाली हुए घर
फर्नीचर मार्केट के पीछे ही एक मस्जिद और घर भी हैं। आग की तपिश बढ़ी तो लोगों को वहां रुकना मुश्किल हो गया और दहशत के चलते घरों से निकलकर सड़क पर आ गए। आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि सड़क के दूसरी ओर स्थित कई दुकानों के प्लास्टिक के बोर्ड पिघल गए। साथ ही कुछ दुकानों में गैस सिलिंडर भी रखे थे, लोगों में इसकी भी दहशत थी कि अगर कोई सिलिंडर फट गया तो बड़ा हादसा हो जाएगा।
बिजली कटवाने पर भी लगा करंट
आग की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने फर्नीचर मार्केट के आसपास के पूरे इलाके की बिजली कटवा दी। मगर कुछ दुकानों में इंवर्टर लगे थे और वे चल रहे थे। बिजली कटने के बाद इन दुकानों में इंवर्टर से सप्लाई शुरू हो गई तो दो अग्निशमन कर्मियों को करंट भी लगा।
नहीं उठे फायर ब्रिगेड और यूपी 112 के फोन
मुजफ्फर अली ने बताया कि जब आग लगी वह पास के ही एक होटल में खाना खा रहे थे। उन्होंने तत्काल अग्निशमन कंट्रोल रूम के नंबर 101 और यूपी 112 पर फोन किया लेकिन दोनों ही फोन नहीं उठे। फिर उन्होंने कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल को फोन करके आग की सूचना दी। इंस्पेक्टर ने तत्काल कंट्रोल रूम को वायरलेस पर मेसेज दिया तो फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई।
लॉकडाउन का घाटा था, आग ने तबाह कर दिया
मौके पर मौजूद दुकानदार बस एक ही बात कह रहे थे कोरोना संक्रमण के चलते कारोबार बिल्कुल चौपट हो गया। लंबे समय लॉकडाउन रहने से गुजारा करना भी मुश्किल हो गया था। कुछ दिन से थोड़ा बहुत कारोबार शुरू हुआ तो जिनसे माल खरीदा था, वे लोग भी तकादा करने लगे। मगर आग से सबकुछ तबाह हो गया है, अब वे लोग कैसे गुजारा करेंगे और कैसे खर्च चलाएंगे।
विज्ञापन
दुकानदारों ने मुताबिक रात करीब पौने बजे जब आग लगी तो बाजार बंदी के चलते अधिकांश लोग अपने घरों में थे। इसके चलते पीछे की दुकान में आग लगी तो किसी को पता नहीं लगा और कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची तो आग बुझाने का प्रयास शुरू हुआ लेकिन शुरुआत आग बुझने के बजाय बढ़ती जा रही थी। करीब घंटे भी बाद आग कम होनी शुरू हुई लेकिन कुछ ही देर बाद फिर ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। फायर ब्रिगेड की करीब दर्जन भर गाड़ियों की मदद से रात करीब 11 बजे आग पर काबू पाया जा सका। गरीब नवाज होटल के मालिक मो. शाहिद ने बताया कि पीछे की दुकान से लगी गोदाम को लपेटे में लेकर विकराल हो गई। इसमें उनका होटल, मो. मंसूर खां की गारमेंट शॉप और राजू, मोमीन समेत करीब दो दर्जन लोगों की दुकानें व फड़ जल गए। आग में कुछ भी सामान बाकी नहीं बचा है।
विज्ञापन
बदहवास लोग छत से फेंक रहे थे मिट्टी
विकराल आग पर काबू पाने के लिए जिसे जो बन पड़ रहा था, वह उसमें लगा था। कुछ लोग फर्नीचर मार्केट के पीछे स्थित शालीमार मार्केट की छत पर चढ़ गए और बोरियों में मिट्टी ले जाकर ऊपर से फेंक रहे थे। मगर आग इतनी विकराल थी कि उस मिट्टी का कोई असर नहीं हो रहा था। इस वजह से वहां हर ओर लोग बदहवास नजर आ रहे थे।
विज्ञापन
भीड़ संभालने को एसपी सिटी ने हड़काया
आग की सूचना पर आजमनगर समेत आसपास के इलाकों की भारी भीड़ वहां जमा हो गई। इसके चलते फायर ब्रिगेड को दमकल वाहनों को वहां लाने ले जाने में दिक्कत हो रही थी। भीड़ को काबू पाने के लिए कोतवाली के अलावा प्रेमनगर, बारादरी, सुभाषनगर समेत कई थानों से फोर्स बुलाया गया था। इस दौरान एसपी सिटी रविंद्र सिंह ने भीड़ देखकर लाउडहेलर पर लोगों को हड़काया कि धारा 144 लागू है और कोरोना काल चल रहा है। अगर वहां से नहीं जाएंगे तो पुलिस पकड़कर थाने ले जाएगी।
तपिश और सिलिंडर की दहशत में खाली हुए घर
फर्नीचर मार्केट के पीछे ही एक मस्जिद और घर भी हैं। आग की तपिश बढ़ी तो लोगों को वहां रुकना मुश्किल हो गया और दहशत के चलते घरों से निकलकर सड़क पर आ गए। आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि सड़क के दूसरी ओर स्थित कई दुकानों के प्लास्टिक के बोर्ड पिघल गए। साथ ही कुछ दुकानों में गैस सिलिंडर भी रखे थे, लोगों में इसकी भी दहशत थी कि अगर कोई सिलिंडर फट गया तो बड़ा हादसा हो जाएगा।
बिजली कटवाने पर भी लगा करंट
आग की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने फर्नीचर मार्केट के आसपास के पूरे इलाके की बिजली कटवा दी। मगर कुछ दुकानों में इंवर्टर लगे थे और वे चल रहे थे। बिजली कटने के बाद इन दुकानों में इंवर्टर से सप्लाई शुरू हो गई तो दो अग्निशमन कर्मियों को करंट भी लगा।
नहीं उठे फायर ब्रिगेड और यूपी 112 के फोन
मुजफ्फर अली ने बताया कि जब आग लगी वह पास के ही एक होटल में खाना खा रहे थे। उन्होंने तत्काल अग्निशमन कंट्रोल रूम के नंबर 101 और यूपी 112 पर फोन किया लेकिन दोनों ही फोन नहीं उठे। फिर उन्होंने कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल को फोन करके आग की सूचना दी। इंस्पेक्टर ने तत्काल कंट्रोल रूम को वायरलेस पर मेसेज दिया तो फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच गई।
लॉकडाउन का घाटा था, आग ने तबाह कर दिया
मौके पर मौजूद दुकानदार बस एक ही बात कह रहे थे कोरोना संक्रमण के चलते कारोबार बिल्कुल चौपट हो गया। लंबे समय लॉकडाउन रहने से गुजारा करना भी मुश्किल हो गया था। कुछ दिन से थोड़ा बहुत कारोबार शुरू हुआ तो जिनसे माल खरीदा था, वे लोग भी तकादा करने लगे। मगर आग से सबकुछ तबाह हो गया है, अब वे लोग कैसे गुजारा करेंगे और कैसे खर्च चलाएंगे।