UP: बरेली में रेलवे कारखाना में कोच की मरम्मत के दौरान लगी आग, महिला कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसी
इज्जतनगर स्थित रेलवे यांत्रिक कारखाना में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। कैरिज रिपेयर शॉप में कोच की मरम्मत के दौरान आग लग गई, जिससे एक महिला कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया।
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बरेली के इज्जतनगर स्थित रेलवे यांत्रिक कारखाने के कैरिज रिपेयर शॉप में शनिवार सुबह 10 बजे कोच की मरम्मत के दौरान आग लगने से महिला कर्मचारी निर्मला देवी झुलस गईं। निर्मला को इज्जतनगर मंडलीय रेलवे अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर होने के कारण वहां से उनको भोजीपुरा स्थित निजी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद काफी देर तक वहां अफरा-तफरी मची रही। घटना के विरोध में कर्मचारियों ने प्रशासन पर सुरक्षा बंदोबस्त की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। मुख्य कारखाना प्रबंधक अशोक कुमार ने मामले की रिपोर्ट तलब की है।
मुख्य कारखाना प्रबंधक ने बताया कि शनिवार सुबह सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुबोध कुमार की देखरेख में कैरिज रिपेयर शॉप की लाइन नंबर तीन पर एसएलआर कोच की मरम्मत की जा रही थी। पेंट शॉप में तैनात निर्मला देवी (50) कोच में पीवीसी का काम कर रही थीं। कुछ कर्मचारी कोच की पेंटिंग कर रहे थे। निर्मला देवी ज्वलनशील रसायन से कोच के फर्श पर रबर व प्लास्टिक सीट चिपका रही थीं।
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कर्मचारी नेताओं ने बताया कि कोच में अन्य कार्यों के साथ ही वेल्डिंग का काम भी चल रहा था। किसी तरह वेल्डिंग की चिंगारी निर्मला देवी तक पहुंच गई। कुछ ही सेकंड में केमिकल और निर्मला देवी के कपड़ों ने आग पकड़ ली। निर्मला के चीखने की आवाज सुनकर पहुंचे कर्मचारियों ने उनको बाहर निकालकर मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। उनकी कमर के नीचे का हिस्सा काफी जल गया है।
सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर कराया जा रहा था काम
कर्मचारियों ने बताया कि कारखाने में सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर काम किया जा रहा है। पहले भी हादसे होते रहे हैं। छोटे-मोटे हादसों की जानकारियां बाहर नहीं आ पातीं। शनिवार को बड़ा हादसा हो गया तो जानकारी बाहर आ गई। कर्मचारी यूनियनों ने सुरक्षा संसाधनों की बेहतरी को लेकर कई बार मांग उठाई, लेकिन उसकी अनदेखी की गई।
कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ की नारेबाजी
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और हादसे के विरोध में रेलवे यूनियनों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कारखाना सूत्रों ने बताया कि हादसे के बाद कुछ कर्मचारी नेताओं और अधिकारियों के बीच तकरार भी हुई। दो यूनियनों से जुड़े कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। कर्मचारी नेताओं के बीच रेलवे अस्पताल में भी कहासुनी हुई।
जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी
एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के मंडल मंत्री रजनीश तिवारी ने कहा कि जिस जगह काम कराया जा रहा था, वहां यह काम नहीं होना चाहिए था। किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानक पूरे नहीं किए जा रहे। भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए जरूरी है कि जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन के मंडल मंत्री आरडी शर्मा ने कहा कि सोमवार को यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्य कारखाना प्रबंधक से मिलकर ज्ञापन देगा। जिस तीन नंबर लाइन पर यह काम कराया जा रहा था, वह लाइन इस काम के लिए अधिकृत नहीं है। जांच, कार्रवाई व सुरक्षा मानकों को पूरा कराने की मांग की जाएगी।
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मुख्य कारखाना प्रबंधक अशोक कुमार ने कहा कि महिला कर्मचारी कोच में काम करते समय किसी कारण झुलस गई है। वेल्डिंग का काम कोच में नहीं, बल्कि दूरी पर हो रहा था। वेल्डिंग की चिंगारी कोच तक कैसे पहुंची, यह जांच का विषय है। पेंट व पेस्टिंग के दौरान वेल्डिंग या ऐसा कोई दूसरा काम करने की अनुमति नहीं होती। सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।