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Bareilly News: सड़कों की फाइलें गायब करने वाले बाबुओं पर होगी एफआईआर
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नगर आयुक्त बोलीं- नए सिरे से बनेंगे एस्टीमेट, होंगे काम, बाबुओं से लेकर अभियंताओं तक की जिम्मेदारी होगी तय
बरेली। संवाद के दौरान पार्षदों ने निर्माण विभाग से फाइलें गायब होने का मुद्दा उठाया। पार्षद रेहान अली, अनीस ने नाराजगी जाहिर की। नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग के जेई और लिपिक से पूछा, पर वे उचित जवाब नहीं दे सके। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि- जो फाइलें नहीं मिल रही हैं, उनसे संबंधित लिपिक के खिलाफ बुधवार को शाम तक नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। इसके बाद भी फाइल नहीं मिलती है तो नए एस्टीमेट बनाएं और काम कराएं। लंबित कार्यों की समीक्षा होगी। कार्यों की सूची बनेगी और प्रगति देखी जाएगी। जेई की जिम्मेदारी तय होगी।
पार्षदों ने जेई वीना मौर्य पर आरोप लगाया कि वे उपकरण न होने की बात कहकर मरम्मत के काम टाल देती हैं। नगर आयुक्त ने जवाब मांगा तो वह संतोषजनक उत्तर न दे सकीं। पार्षद सौरभ ने कहा कि कई बार तो जेई निर्माण सामग्री वार्ड तक पहुंचाने के लिए वाहन न होने का बहाना बना देते हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि वाहन की कमी नहीं है। पार्षद सलमान ने कहा कि अवर अभियंता उनकी कॉल रिसीव नहीं करते। शमीम अहमद और आरेंद्र अरोड़ा कुक्की ने भी सड़कों की खस्ताहाली के मुद्दे उठाए।
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ये मुद्दे गूंजे
- पार्षद शशि सक्सेना ने बताया कि आवास विकास और राजेंद्रनगर में चंद्रशेखर आजाद पार्क से माथुर के घर से होते हुए उमेश चाट वाले के यहां तक सीसी रोड प्रस्तावित थी, पर बन नहीं पाई। चौथी बार टेंडर निकाला गया है, क्योंकि दो बार कोई ठेकेदार नहीं आया था। तीसरी बार किसी त्रुटि की वजह से टेंडर फंस गया था।
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- वार्ड संख्या 38 की पार्षद हर्ष कुमारी ने बताया कि उनके वार्ड में 30 लाख रुपये के कोई काम शुरू नहीं हो सके। 15वें वित्त आयोग से उनके वार्ड में 80 लाख रुपये के काम स्वीकृत हुए थे। ठेकेदार ने 8-10 लाख के काम कराए। उसके बाद भुगतान न मिलने पर काम रोक दिया है।
- वार्ड संख्या 18 की पार्षद सुधा सक्सेना ने बताया कि कृष्णानगर, सिद्धार्थनगर और शिव स्टेट के लिए उन्होंने सड़कें प्रस्तावित की थीं, पर एक भी काम शुरू नहीं हो सका।
- वार्ड संख्या 49 शास्त्रीनगर के पार्षद गौरव सक्सेना ने बताया कि अशरफ की छावनी की हालत बहुत खराब है। तीन कार्य प्रस्तावित थे। दो के टेंडर लेने के लिए ठेकेदार आगे नहीं आए। बार-बार टेंडर निकाले गए।
- वार्ड संख्या 56 कुंवरपुर के पार्षद सागर मौर्य ने बताया कि कब्रिस्तान और मोहसिन वाली गली के लिए तीसरी बार टेंडर निकाले हैं, काम शुरू नहीं हो पाए।
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गैलरी में धरने पर बैठे दो पार्षद
पार्षद जयप्रकाश और आरिफ कुरैशी अपने वार्ड के मुद्दों को उठाते हुए सभागार की गैलरी में कुछ देर के लिए जमीन पर बैठ गए तो हंगामे की स्थिति बन गई। दूसरे पार्षदों ने उन्हें समझाकर उठाया। आरिफ कुरैशी ने कहा कि 14 माह पहले सड़क मंजूर हुई थी। अब तक नहीं बनी। जीएसटी को लेकर मामला फंसा है। जयप्रकाश ने कहा कि, नगर निगम का निर्माण विभाग मौके की हकीकत से वाकिफ नहीं होता।
ठेकेदारों का भुगतान न होने से अटक गए काम
टेंडर व अनुबंध के बाद भी कुछ ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किए। कुछ ने काम शुरू किए, पर अधूरे छोड़ दिए। पार्षद सलीम पटवारी समेत कई पार्षदों ने ऐसे मुद्दे उठाए। तब नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि जो ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें तीन नोटिस देकर जवाब लीजिए। काम पूरा नहीं करते हैं तो उनकी फर्मों को ब्लैक लिस्ट कीजिए। अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली। संवाद के दौरान पार्षदों ने निर्माण विभाग से फाइलें गायब होने का मुद्दा उठाया। पार्षद रेहान अली, अनीस ने नाराजगी जाहिर की। नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग के जेई और लिपिक से पूछा, पर वे उचित जवाब नहीं दे सके। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि- जो फाइलें नहीं मिल रही हैं, उनसे संबंधित लिपिक के खिलाफ बुधवार को शाम तक नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। इसके बाद भी फाइल नहीं मिलती है तो नए एस्टीमेट बनाएं और काम कराएं। लंबित कार्यों की समीक्षा होगी। कार्यों की सूची बनेगी और प्रगति देखी जाएगी। जेई की जिम्मेदारी तय होगी।
पार्षदों ने जेई वीना मौर्य पर आरोप लगाया कि वे उपकरण न होने की बात कहकर मरम्मत के काम टाल देती हैं। नगर आयुक्त ने जवाब मांगा तो वह संतोषजनक उत्तर न दे सकीं। पार्षद सौरभ ने कहा कि कई बार तो जेई निर्माण सामग्री वार्ड तक पहुंचाने के लिए वाहन न होने का बहाना बना देते हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि वाहन की कमी नहीं है। पार्षद सलमान ने कहा कि अवर अभियंता उनकी कॉल रिसीव नहीं करते। शमीम अहमद और आरेंद्र अरोड़ा कुक्की ने भी सड़कों की खस्ताहाली के मुद्दे उठाए।
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ये मुद्दे गूंजे
- पार्षद शशि सक्सेना ने बताया कि आवास विकास और राजेंद्रनगर में चंद्रशेखर आजाद पार्क से माथुर के घर से होते हुए उमेश चाट वाले के यहां तक सीसी रोड प्रस्तावित थी, पर बन नहीं पाई। चौथी बार टेंडर निकाला गया है, क्योंकि दो बार कोई ठेकेदार नहीं आया था। तीसरी बार किसी त्रुटि की वजह से टेंडर फंस गया था।
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- वार्ड संख्या 38 की पार्षद हर्ष कुमारी ने बताया कि उनके वार्ड में 30 लाख रुपये के कोई काम शुरू नहीं हो सके। 15वें वित्त आयोग से उनके वार्ड में 80 लाख रुपये के काम स्वीकृत हुए थे। ठेकेदार ने 8-10 लाख के काम कराए। उसके बाद भुगतान न मिलने पर काम रोक दिया है।
- वार्ड संख्या 18 की पार्षद सुधा सक्सेना ने बताया कि कृष्णानगर, सिद्धार्थनगर और शिव स्टेट के लिए उन्होंने सड़कें प्रस्तावित की थीं, पर एक भी काम शुरू नहीं हो सका।
- वार्ड संख्या 49 शास्त्रीनगर के पार्षद गौरव सक्सेना ने बताया कि अशरफ की छावनी की हालत बहुत खराब है। तीन कार्य प्रस्तावित थे। दो के टेंडर लेने के लिए ठेकेदार आगे नहीं आए। बार-बार टेंडर निकाले गए।
- वार्ड संख्या 56 कुंवरपुर के पार्षद सागर मौर्य ने बताया कि कब्रिस्तान और मोहसिन वाली गली के लिए तीसरी बार टेंडर निकाले हैं, काम शुरू नहीं हो पाए।
गैलरी में धरने पर बैठे दो पार्षद
पार्षद जयप्रकाश और आरिफ कुरैशी अपने वार्ड के मुद्दों को उठाते हुए सभागार की गैलरी में कुछ देर के लिए जमीन पर बैठ गए तो हंगामे की स्थिति बन गई। दूसरे पार्षदों ने उन्हें समझाकर उठाया। आरिफ कुरैशी ने कहा कि 14 माह पहले सड़क मंजूर हुई थी। अब तक नहीं बनी। जीएसटी को लेकर मामला फंसा है। जयप्रकाश ने कहा कि, नगर निगम का निर्माण विभाग मौके की हकीकत से वाकिफ नहीं होता।
ठेकेदारों का भुगतान न होने से अटक गए काम
टेंडर व अनुबंध के बाद भी कुछ ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किए। कुछ ने काम शुरू किए, पर अधूरे छोड़ दिए। पार्षद सलीम पटवारी समेत कई पार्षदों ने ऐसे मुद्दे उठाए। तब नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि जो ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें तीन नोटिस देकर जवाब लीजिए। काम पूरा नहीं करते हैं तो उनकी फर्मों को ब्लैक लिस्ट कीजिए। अमर उजाला ब्यूरो