{"_id":"6ad285ae5f299c602d0e27a6","slug":"finance-bank-area-manager-arrested-for-defrauding-38-customers-bareilly-news-c-4-bly1015-989898-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: 38 ग्राहकों से धोखाधड़ी में फाइनेंस बैंक का एरिया मैनेजर गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: 38 ग्राहकों से धोखाधड़ी में फाइनेंस बैंक का एरिया मैनेजर गिरफ्तार
विज्ञापन
बरेली। मुथूट माइक्रोफिन कंपनी के एरिया मैनेजर नेपाल सिंह को ग्राहकों से लोन की किस्त वसूलकर कंपनी में जमा न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उस पर 38 ग्राहकों के 40 लोन खातों से कुल 5,31,737 रुपये हड़पने का आरोप है। कोतवाली पुलिस उसे मुरादाबाद स्थित उसके घर से पकड़कर लाई। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
एसपी सिटी चिराग जैन ने बताया कि नेपाल सिंह मुरादाबाद के मूढ़ापांडे थाना क्षेत्र के गांव दोलारी का निवासी है। वह बरेली में मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड में एरिया मैनेजर था। संस्था के डिविजनल मैनेजर सोनू कुमार ने 24 जून को कोतवाली में रिपोर्ट कराई थी कि नेपाल सिंह ने तीन नवंबर 2024 से पांच जनवरी 2026 के बीच ग्राहकों से कुल 6,95,960 रुपये लिए थे। इनमें से केवल 1,64,223 रुपये ही कंपनी के बैंक खाते में जमा किए गए।
नेपाल सिंह पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा। उसने 38 ग्राहकों के 40 लोन खातों से लोन बंद करने और किस्तें जमा करने के नाम पर यह रकम ली। करीब 5,31,737 रुपये कंपनी के खाते में जमा नहीं किए गए। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने बृहस्पतिवार रात उसे मुरादाबाद में उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने अपने निजी खर्चे चलाने के लिए यह धनराशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की थी।
विज्ञापन
-- -
85 साल के बुजुर्ग से 25 लाख की ठगी
बरेली। साइबर ठगों ने बुजुर्ग की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) के बदले 27 लाख रुपये का लोन लेकर 25 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बैंक की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
स्टेशन रोड निवासी 85 साल के सुदर्शन सहगल ने रिपोर्ट में बताया कि 13 जुलाई को 30 लाख रुपये की एफडी कराई थी। 13 अक्तूबर की रात नौ बजे उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और बीमा योजना की जानकारी दी। उसने कहा कि यह योजना बैंक की ओर से संचालित है और आज आखिरी दिन है। ठग ने एक फॉर्म भरने का आग्रह किया। इसके बाद कुछ ओटीपी और मेसेज आए।
सहगल को शक हुआ तो उन्होंने उस नंबर को ब्लॉक कर दिया। सुरक्षा के लिए उन्होंने रात दस बजे अपना बचत खाता फ्रीज करा दिया। इस दौरान उन्हें एक नए खाता संख्या 2701 के खुलने की जानकारी मिली। उन्होंने रात में ही बैंक मैनेजर से संपर्क किया। सहगल के मुताबिक, मैनेजर ने एफडी सुरक्षित होने का आश्वासन दिया।
अगले दिन सहगल ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया। उन्हें पता चला कि उनकी एफडी के बदले 27 लाख रुपये का लोन दिया गया है। ठग ने इस खाते से 25,79,554 रुपये निकाल लिए थे। सुदर्शन सहगल ने प्रकरण में निजी बैंक की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है। एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। ठग ने जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था, उसकी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
एसपी सिटी चिराग जैन ने बताया कि नेपाल सिंह मुरादाबाद के मूढ़ापांडे थाना क्षेत्र के गांव दोलारी का निवासी है। वह बरेली में मुथूट माइक्रोफिन लिमिटेड में एरिया मैनेजर था। संस्था के डिविजनल मैनेजर सोनू कुमार ने 24 जून को कोतवाली में रिपोर्ट कराई थी कि नेपाल सिंह ने तीन नवंबर 2024 से पांच जनवरी 2026 के बीच ग्राहकों से कुल 6,95,960 रुपये लिए थे। इनमें से केवल 1,64,223 रुपये ही कंपनी के बैंक खाते में जमा किए गए।
विज्ञापन
नेपाल सिंह पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा। उसने 38 ग्राहकों के 40 लोन खातों से लोन बंद करने और किस्तें जमा करने के नाम पर यह रकम ली। करीब 5,31,737 रुपये कंपनी के खाते में जमा नहीं किए गए। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने बृहस्पतिवार रात उसे मुरादाबाद में उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने अपने निजी खर्चे चलाने के लिए यह धनराशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की थी।
विज्ञापन
85 साल के बुजुर्ग से 25 लाख की ठगी
बरेली। साइबर ठगों ने बुजुर्ग की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) के बदले 27 लाख रुपये का लोन लेकर 25 लाख रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बैंक की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
स्टेशन रोड निवासी 85 साल के सुदर्शन सहगल ने रिपोर्ट में बताया कि 13 जुलाई को 30 लाख रुपये की एफडी कराई थी। 13 अक्तूबर की रात नौ बजे उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और बीमा योजना की जानकारी दी। उसने कहा कि यह योजना बैंक की ओर से संचालित है और आज आखिरी दिन है। ठग ने एक फॉर्म भरने का आग्रह किया। इसके बाद कुछ ओटीपी और मेसेज आए।
सहगल को शक हुआ तो उन्होंने उस नंबर को ब्लॉक कर दिया। सुरक्षा के लिए उन्होंने रात दस बजे अपना बचत खाता फ्रीज करा दिया। इस दौरान उन्हें एक नए खाता संख्या 2701 के खुलने की जानकारी मिली। उन्होंने रात में ही बैंक मैनेजर से संपर्क किया। सहगल के मुताबिक, मैनेजर ने एफडी सुरक्षित होने का आश्वासन दिया।
अगले दिन सहगल ने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया। उन्हें पता चला कि उनकी एफडी के बदले 27 लाख रुपये का लोन दिया गया है। ठग ने इस खाते से 25,79,554 रुपये निकाल लिए थे। सुदर्शन सहगल ने प्रकरण में निजी बैंक की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है। एसपी क्राइम मनीष सोनकर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। ठग ने जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था, उसकी जांच की जा रही है।