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गांव नरौठा में बुखार से 15 दिन में सात लोगों की मौत
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खुटार। गांव नरौठा देवीदास में बुखार का जबरदस्त प्रकोप है। पिछले 15 दिन में बुखार से सात लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार मौतों के बाद शनिवार को मामले की शिकायत कर गांव में दवा वितरण कराए जाने की मांग की गई है। आरोप है कि सरकारी अस्पताल में ठीक दवा नहीं मिलने के कारण लोग मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को विवश हो रहे हैं।
गांव नरौठा देवीदास में कई लोग बुखार, उल्टी, दस्त से पीड़ित है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा बेखबर बना हुआ है। गांव के हीरालाल की पत्नी कटोरी देवी, कोमल का पुत्र अशरफ, छोटे मोहम्मद, राम सिंह की पत्नी आरती देवी, शमशुल की 12 वर्षीय पुत्री अफसाना, मिश्रीलाल की पत्नी सावित्री देवी और रामसहाय की बुखार की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। गांव के रामनिवास ने बताया है कि उसकी पत्नी रामवती को पंद्रह दिन पूर्व बुखार आया था। उसने पत्नी का खुटार के निजी अस्पताल में इलाज कराया था लेकिन लाभ नहीं होने पर गंभीर हालत में पूरनपुर ले जाना पड़ा। जहां पत्नी अब भी भर्ती है। गांव के ही हरवंशलाल का 35 वर्षीय पुत्र अमित कुमार पांच दिन से बुखार की चपेट है, उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने के कारण परिवार के लोग उसे इलाज के लिए गोला ले गए हैं।
इसके अलावा गांव के पप्पू, सुंदरलाल, अनुज कुमार, रामऔतार की पुत्री खुशबू, केशवराम, शरफुद्दीन की पत्नी तायरा, अजय कुमार, विजय कुमार, धर्मेंद्र पाल की पुत्री गायत्री, राजकुमार, रामनिवास, बसरूद्दीन, शेर मोहम्मद, रियासुद्दीन, राजेश कुमार सहित तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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सरकारी अस्पताल से टरका देते हें डॉक्टर
मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों और मेडिकल से कराते है इलाज
खुटार। गांव नरौठा देवीदास के लोगों ने बताया कि खुटार के सरकारी अस्पताल के हालात बेहद खराब हैं, वहां लाल पीली गोली दे दी जाती हैं और टरका दिया जाता है, जिससे कोई लाभ नहीं होने पर मजबूरन निजी डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ती है।
गांव के रामनिवास ने बताया कि उसे बुखार आने पर वह सरकारी अस्पताल गया था। सरकारी अस्पताल में डॉक्टर ने उसे जांच के लिए लिख दिया। जांच के लिए गया तो कह दिया गया कि कोई समस्या नहीं है और बुखार भी नहीं है। बाद में वह तिकुनियां चौराहे पर निजी डॉक्टर के यहां गया तो 102 डिग्री बुखार निकला। ऐसा ही तमाम रोगियों के साथ किया जा रहा है।
मजबूरन गांव के लोग बुखार, उल्टी, दस्त का इलाज कराने खुटार के सरकारी अस्पताल जाने के स्थान पर गांव में झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं। कुछ लोग तो मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर खा रहे हैं। इस कारण बुखार ठीक होने के स्थान पर और ज्यादा बिगड़ जाता है। हालत बिगड़ने पर लोग बड़े अस्पतालों तक पहुंच रहे हैं।
झोलाछाप की भरमार, कागजी कार्रवाई करता स्वास्थ्य विभाग
खुटार। गांव नरौठा में बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर चलने के साथ ही झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है, जो रोगी को ठीक करने का दावा कर इलाज करने लगते हैं और हालत बिगड़ जाने पर बाहर ले जाने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कई बार गांव आई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिस कारण झोलाछापों का धंधा खूब फल फूल रहा है।
फोटो-02 पीडब्लूएनपी 05 (राजेश कुमार)
मैं कई दिन बुखार से पीड़ित हूं। निजी डॉक्टर से इलाज कराया तो कुछ लाभ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव भेजकर रोगियों की जांच करानी चाहिए।
राजेश कुमार, नरौठा देवीदास
मेरे घर भाई राजकुमार और पत्नी रामवती बुखार से पीड़ित हैं। मुझे भी कई दिन से बुखार आ रहा है। सरकारी अस्पताल में जाने पर लाल पीली गोली देकर टरका देते है।
रामनिवास, नरौठा देवीदास
नरौठा देवीदास के प्रधान का फोन आया था। उन्होंने गांव के लोगों के बुखार से पीड़ित होने की बात बताई थी। सोमवार को गांव में कैंप लगाकर मरीजों का उपचार कराया जाएगा। बुखार से ज्यादा पीड़ित मरीज खुटार अस्पताल पहुंचकर डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच करा लें, जिससे उनका इलाज सही से हो सके।
डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी पीएचसी खुटार
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गांव नरौठा देवीदास में कई लोग बुखार, उल्टी, दस्त से पीड़ित है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा बेखबर बना हुआ है। गांव के हीरालाल की पत्नी कटोरी देवी, कोमल का पुत्र अशरफ, छोटे मोहम्मद, राम सिंह की पत्नी आरती देवी, शमशुल की 12 वर्षीय पुत्री अफसाना, मिश्रीलाल की पत्नी सावित्री देवी और रामसहाय की बुखार की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। गांव के रामनिवास ने बताया है कि उसकी पत्नी रामवती को पंद्रह दिन पूर्व बुखार आया था। उसने पत्नी का खुटार के निजी अस्पताल में इलाज कराया था लेकिन लाभ नहीं होने पर गंभीर हालत में पूरनपुर ले जाना पड़ा। जहां पत्नी अब भी भर्ती है। गांव के ही हरवंशलाल का 35 वर्षीय पुत्र अमित कुमार पांच दिन से बुखार की चपेट है, उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने के कारण परिवार के लोग उसे इलाज के लिए गोला ले गए हैं।
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इसके अलावा गांव के पप्पू, सुंदरलाल, अनुज कुमार, रामऔतार की पुत्री खुशबू, केशवराम, शरफुद्दीन की पत्नी तायरा, अजय कुमार, विजय कुमार, धर्मेंद्र पाल की पुत्री गायत्री, राजकुमार, रामनिवास, बसरूद्दीन, शेर मोहम्मद, रियासुद्दीन, राजेश कुमार सहित तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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सरकारी अस्पताल से टरका देते हें डॉक्टर
मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों और मेडिकल से कराते है इलाज
खुटार। गांव नरौठा देवीदास के लोगों ने बताया कि खुटार के सरकारी अस्पताल के हालात बेहद खराब हैं, वहां लाल पीली गोली दे दी जाती हैं और टरका दिया जाता है, जिससे कोई लाभ नहीं होने पर मजबूरन निजी डॉक्टरों की शरण लेनी पड़ती है।
गांव के रामनिवास ने बताया कि उसे बुखार आने पर वह सरकारी अस्पताल गया था। सरकारी अस्पताल में डॉक्टर ने उसे जांच के लिए लिख दिया। जांच के लिए गया तो कह दिया गया कि कोई समस्या नहीं है और बुखार भी नहीं है। बाद में वह तिकुनियां चौराहे पर निजी डॉक्टर के यहां गया तो 102 डिग्री बुखार निकला। ऐसा ही तमाम रोगियों के साथ किया जा रहा है।
मजबूरन गांव के लोग बुखार, उल्टी, दस्त का इलाज कराने खुटार के सरकारी अस्पताल जाने के स्थान पर गांव में झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं। कुछ लोग तो मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर खा रहे हैं। इस कारण बुखार ठीक होने के स्थान पर और ज्यादा बिगड़ जाता है। हालत बिगड़ने पर लोग बड़े अस्पतालों तक पहुंच रहे हैं।
झोलाछाप की भरमार, कागजी कार्रवाई करता स्वास्थ्य विभाग
खुटार। गांव नरौठा में बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर चलने के साथ ही झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है, जो रोगी को ठीक करने का दावा कर इलाज करने लगते हैं और हालत बिगड़ जाने पर बाहर ले जाने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कई बार गांव आई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिस कारण झोलाछापों का धंधा खूब फल फूल रहा है।
फोटो-02 पीडब्लूएनपी 05 (राजेश कुमार)
मैं कई दिन बुखार से पीड़ित हूं। निजी डॉक्टर से इलाज कराया तो कुछ लाभ हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव भेजकर रोगियों की जांच करानी चाहिए।
राजेश कुमार, नरौठा देवीदास
मेरे घर भाई राजकुमार और पत्नी रामवती बुखार से पीड़ित हैं। मुझे भी कई दिन से बुखार आ रहा है। सरकारी अस्पताल में जाने पर लाल पीली गोली देकर टरका देते है।
रामनिवास, नरौठा देवीदास
नरौठा देवीदास के प्रधान का फोन आया था। उन्होंने गांव के लोगों के बुखार से पीड़ित होने की बात बताई थी। सोमवार को गांव में कैंप लगाकर मरीजों का उपचार कराया जाएगा। बुखार से ज्यादा पीड़ित मरीज खुटार अस्पताल पहुंचकर डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच करा लें, जिससे उनका इलाज सही से हो सके।
डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी पीएचसी खुटार