अजमेर प्रकरण: अब दरगाह आला हजरत परिवार में तकरार, इस मुलाकात के बाद से शुरू हुआ यह विवाद
अजमेर शरीफ दरगाह के खादिमों और बरेलवी संप्रदाय के अनुयायियों के बीच मारपीट हो गई थी। इसके बाद सलमान मियां ने गरीब नवाज दरगाह के खादिम सरवर चिश्ती से मुलाकात की थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया।
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अजमेर शरीफ प्रकरण के बाद अब दरगाह आला हजरत परिवार में तकरार शुरू हो गई। उस्ताद-ए-जमन ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना कैफ ने मंगलवार को अपनी वंशावली जारी कर आला हजरत परिवार से अपने रिश्ते का खुलासा किया है। मौलाना कैफ ने सोमवार को काजी हिंदुस्तान असजद मियां के दामाद सलमान मियां और अजमेर शरीफ के ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के खादिम सरवर चिश्ती की मुलाकात पर सवाल उठाया था। इसके बाद सलमान मियां ने मौलाना कैफ को पहचानने से इनकार कर दिया था।
शनिवार रात सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स के दौरान अजमेर शरीफ दरगाह के खादिमों और बरेलवी संप्रदाय के अनुयायियों के बीच मारपीट हो गई थी। इसके कुछ ही घंटे बाद सलमान मियां ने गरीब नवाज दरगाह के खादिम सरवर चिश्ती से मुलाकात की थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद ही यह पूरा विवाद शुरू हुआ। हालांकि सलमान मियां ने देर रात माफी मांग ली थी।
मौलाना कैफ बोले- सलमान मियां के नोटिस का जवाब देंगे
सलमान मियां और मौलाना कैफ के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ जंग छेड़ दी है। आला हजरत परिवार के सदस्य मौलाना कैफ को खुद से जुड़ा हुआ बता रहे हैं। वहीं, सलमान मियां ने अभी तक चुप्पी साध रखी है। मौलाना कैफ रजा खां कादरी ने कहा कि सलमान मियां सिर्फ असजद मियां के दामाद हैं। वह खानदानी लोगों और उनके रिश्तों से वाकिफ नहीं हैं। नोटिस भेजने पर उन्होंने कहा कि वह इसका जवाब देंगे।
'कैफ हमारे परिवार के सदस्य'
आला हजरत परिवार के सदस्य और इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने मौलाना कैफ को अपना भतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि मौलाना कैफ के परदादा अल्लामा हसन रजा खां आला हजरत के सगे नवासे और आला हजरत के छोटे भाई अल्लामा हसन रजा खां के सगे पोते हैं।
इसलिए आला हजरत से इनका रिश्ता दोनों ओर से है। वहीं, मुफ्ती आजम हिंद के नवासे और परिवार के वरिष्ठ सदस्य मौलाना मोहम्मद सिराज रजा खां ने कहा कि मौलाना कैफ आला हजरत के मझले भाई के बेटे हैं। मौलाना कैफ के ताऊ मोहम्मद मुस्तफा रजा के बेटे उवैस रजा खान के बेटे की औलाद हैं।
सोहेब मियां ने विवाद को बताया शर्मनाक
खानकाह रजविया नूरिया तहसीनिया के प्रबंधक सोहैब रजा खां ने कहा कि गरीब नवाज दरगाह और आला हजरत दरगाह के लोगों के बीच का विवाद शर्मनाक और अफसोसजनक है। मसलक-ए-आला हजरत के नारों से अजमेर शरीफ के खादिमों की नाराजगी समझ से परे है। मजार में आस्था रखने वालों को बरेलवी ही माना जाता है। दरगाह पर हाजिरी देने वालों को भी बरेली के बुजुर्गों के तरीके पर अमल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गरीब नवाज की बड़ी शान और बड़ा मर्तबा है। वहां हाजिरी अदब से देना चाहिए, न कि शोर गुल और नारेबाजी करें। सलाम से अगर विवाद का अंदेशा है तो दिल में पढ़ सकते थे, इस तरह के झगड़े की नौबत तो न आती। जो कुछ हुआ वह दुखद है। इसका गलत संदेश गया है। खादिम खुद को सूफी बताते हैं, उनका काम है दूसरों की गलती को माफ कर देना है। मगर दरगाह अजमेर शरीफ के खादिमों ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने मारपीट में लिप्त लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।