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Bareilly News: रबी की फसल की बोआई के लिए बना अनुकूल माहौल, देर न करें किसान
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बरेली। मौसम चक्र में परिवर्तन से रबी की फसलों की बोआई का समय करीब 15 दिन आगे खिसक गया है। कृषि विशेषज्ञ का मानना है कि बोआई के लिए अब अनुकूल माहौल है। 20 नवंबर तक बोआई होने से गेहूं की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। किसान कतई देरी न करें।
आईवीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र के विभागाध्यक्ष एचआर मीणा के मुताबिक मौसम चक्र में बदलाव आने से अक्तूबर में होने वाली रबी की प्रमुख फसल गेहूं, सरसों आदि की बोआई अब नवंबर में होने लगी है। करीब दो सप्ताह बीतने को हैं, लेकिन ज्यादातर किसानों ने अभी बोआई नहीं की है। 20 नवंबर के बाद बोआई किए जाने का मन बनाए बैठे किसानों की फसल का उत्पादन कम होने की आशंका है, क्योंकि अब फरवरी में ही धूप निकलने से मौसम गर्म होने लगता है। उस दौरान गेहूं के दानों में दूध भर रहा हाेता है। जो गर्माहट से सूखने लगता है। दाने कम भरते हैं।
ऐसे में फसल बेहतर होने के बावजूद पैदावार पर असर पड़ता है। अभी बुआई होगी तो फरवरी तक दाने भर जाएंगे। उत्पादन अनुकूल होगा। किसानों को सुझाव दिया है कि 20 नवंबर तक हर हाल में बोआई कर लें। क्योंकि तापमान, धूप की तपिश, आर्दता कोपल के अनुकूल है।
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मौसम चक्र बदलने से फसल पर पड़ रहा प्रभाव
प्रगतिशील किसान अनिल साहनी के मुताबिक करीब 20 वर्षों में मौसम चक्र में काफी बदलाव आया है। गेहूं की बोआई अब नवंबर में होने लगी है। करीब सप्ताह भर में बोआई का अनुकूल मौसम बनेगा। ऐसे में किसानों को अब तैयारी कर लेनी चाहिए। जिले में अब तक अनुमानित करीब 12 फीसदी किसानों ने ही गेहूं की अगेती बोआई की है। जो किसान इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए अब अनुकूल माहौल है। अमर उजाला ब्यूरो
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आईवीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र के विभागाध्यक्ष एचआर मीणा के मुताबिक मौसम चक्र में बदलाव आने से अक्तूबर में होने वाली रबी की प्रमुख फसल गेहूं, सरसों आदि की बोआई अब नवंबर में होने लगी है। करीब दो सप्ताह बीतने को हैं, लेकिन ज्यादातर किसानों ने अभी बोआई नहीं की है। 20 नवंबर के बाद बोआई किए जाने का मन बनाए बैठे किसानों की फसल का उत्पादन कम होने की आशंका है, क्योंकि अब फरवरी में ही धूप निकलने से मौसम गर्म होने लगता है। उस दौरान गेहूं के दानों में दूध भर रहा हाेता है। जो गर्माहट से सूखने लगता है। दाने कम भरते हैं।
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ऐसे में फसल बेहतर होने के बावजूद पैदावार पर असर पड़ता है। अभी बुआई होगी तो फरवरी तक दाने भर जाएंगे। उत्पादन अनुकूल होगा। किसानों को सुझाव दिया है कि 20 नवंबर तक हर हाल में बोआई कर लें। क्योंकि तापमान, धूप की तपिश, आर्दता कोपल के अनुकूल है।
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मौसम चक्र बदलने से फसल पर पड़ रहा प्रभाव
प्रगतिशील किसान अनिल साहनी के मुताबिक करीब 20 वर्षों में मौसम चक्र में काफी बदलाव आया है। गेहूं की बोआई अब नवंबर में होने लगी है। करीब सप्ताह भर में बोआई का अनुकूल मौसम बनेगा। ऐसे में किसानों को अब तैयारी कर लेनी चाहिए। जिले में अब तक अनुमानित करीब 12 फीसदी किसानों ने ही गेहूं की अगेती बोआई की है। जो किसान इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए अब अनुकूल माहौल है। अमर उजाला ब्यूरो