{"_id":"b8b09057794e2b464b0de426ae0afa42","slug":"farmers-will-now-agenda-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब चलेगा किसान एजेंडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब चलेगा किसान एजेंडा
बरेली
Updated Mon, 29 Feb 2016 02:05 AM IST
विज्ञापन
आगामी विधान सभा चुनावों में किसान चुनावी एजेंडे में टॉप रहेगा। मोदी की किसान कल्याण रैली में जिस तरह किसानों को सपने दिखाए गए और उन सपनों को पूरा करने में मोदी सरकार की अहमियत समझाई गई उससे जाहिर है कि भाजपा अपने घोषणा पत्र में किसान समस्याओं को टॉप पर रखने वाली है। यूपी की सपा सरकार केंद्र सरकार के रुख को भांपते हुए पहले ही बजट में किसानों को विशेष पैकेज के सब्जबाग दिखाए हैं।
2012 में सभी पार्टियों ने किसानों के लिए बड़े बड़े वादे किए थे। सभी के घोषणा पत्रों में किसान प्राथमिकता पर थे लेकिन सरकार बनने के बाद यूपी में खासतौर से गन्ना किसान बेहाल होते गए। धान की बिक्री भी ठीक नहीं रही उसके रेट भी तीन साल से स्थिर ही रहे। इसी बीच केंद्र भूमिअधिग्रण बिल को लेकर सरकार पर आरोप लगने लगे थे कि वह किसान विरोधी है । किसान कल्याण रैलियों की शुरुआत कर भाजपा ने अपना मोर्चा संभाला है। चुनावी जंग किसानों पर किस तरह होगी इसका तत्काल असर रामपुर में दिखा जहां आजम खां ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मोदी बरेली में किसानों के कल्याण की बात करने नहीं बल्कि चुनावी रैली करने आए थे।
विज्ञापन
2012 में सभी पार्टियों ने किसानों के लिए बड़े बड़े वादे किए थे। सभी के घोषणा पत्रों में किसान प्राथमिकता पर थे लेकिन सरकार बनने के बाद यूपी में खासतौर से गन्ना किसान बेहाल होते गए। धान की बिक्री भी ठीक नहीं रही उसके रेट भी तीन साल से स्थिर ही रहे। इसी बीच केंद्र भूमिअधिग्रण बिल को लेकर सरकार पर आरोप लगने लगे थे कि वह किसान विरोधी है । किसान कल्याण रैलियों की शुरुआत कर भाजपा ने अपना मोर्चा संभाला है। चुनावी जंग किसानों पर किस तरह होगी इसका तत्काल असर रामपुर में दिखा जहां आजम खां ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मोदी बरेली में किसानों के कल्याण की बात करने नहीं बल्कि चुनावी रैली करने आए थे।
विज्ञापन