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Bareilly News: खरीफ गोष्ठी में 'अन्न-पानी' के लिए जूझे अन्नदाता, सिर चढ़कर बोली अव्यवस्था; देखें वीडियो
Mon, 26 May 2025 10:49 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 26 May 2025 10:49 PM IST
सार
बरेली के स्मार्ट सिटी ऑडिटोरियम में सोमवार को खरीफ गोष्ठी के बाद भोजन के पैकेट लेने के लिए किसानों में छीनाझपटी मच गई। जल्दबाजी के चक्कर में किसान आपस में ही धक्का-मुक्की करते दिखे।
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खाने के पैकेट के लिए हुई धक्का-मुक्की
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली के राजकीय इंटर कॉलेज के ऑडिटोरियम में हुई मुरादाबाद और बरेली मंडल की संयुक्त खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में अव्यवस्थाएं सिर चढ़कर बोलीं। जिसके कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
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सोमवार को अपराह्न तीन बजे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का भाषण समाप्त होते ही ऑडिटोरियम हॉल से किसान बाहर निकलने लगे थे। वहीं, हॉल के बाहरी गेट पर बरामदे में किसानों को भोजन पैकेट वितरण की व्यवस्था थी। भोजन पैकेट वितरण काउंटर पर लोगों की भीड़ आपस में ही छीना-झपटी करने लगी थी।
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हाल देखकर महिलाओं ने तो भोजन पैकेट लेने की हिम्मत ही नहीं की और वह लौट गईं। पीने के पानी के तौर पर कुछ टैंकर का इंतजाम था। जिनमें पानी गरम भी हो गया था। काफी किसानों ने पानी पीने से परहेज किया। ऐसे में आयोजन में आए लोग भोजन के पैकेट साथ लेकर चले गए थे।
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पानी तक की व्यवस्था नहीं थी
बिजनौर से आए किसान राकेश सिंह ने कहा कि दोपहर 12 बजे से हॉल में बैठे-बैठे परेशान हो गए और वहां पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। मंच पर बैठे लोगों के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में नाश्ता-पानी आ रहा था, जबकि हॉल में उनके सामने बैठे किसानों से कोई पानी तक को पूछने वाला नहीं था। राकेश ने कहा, छीना-झपटी के बाद भोजन पैकेट मिला है यहां शुद्ध पानी की सुविधा नहीं है तो उसे कहीं बाहर खाएंगे।
महिला किसान उर्मिला ने कहा, इतनी भीड़ और अव्यवस्था है जिसे पार कर भोजन पैकेट लेना उनके बस की बात नहीं है। पीलीभीत के किसान कृष्ण कुमार भोजन पैकेट लेने का प्रयास किया लेकिन, भीड़ और अव्यवस्था के कारण वह कामयाब नहीं हुए तो बिना भोजन पैकेट लिए निकल गए।
संयुक्त कृषि निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि खरीफ गोष्ठी में आए किसानों के लिए छोटे वाले 40 टैंकर पानी मंगाया था। हमने भोजन के 900 पैकेट बनवाए थे। कोशिश यही थी कि सभी को खाना मिल जाए और कार्यक्रम में आए लोगों को दिक्कत नहीं हो।
बिजनौर से आए किसान राकेश सिंह ने कहा कि दोपहर 12 बजे से हॉल में बैठे-बैठे परेशान हो गए और वहां पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। मंच पर बैठे लोगों के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में नाश्ता-पानी आ रहा था, जबकि हॉल में उनके सामने बैठे किसानों से कोई पानी तक को पूछने वाला नहीं था। राकेश ने कहा, छीना-झपटी के बाद भोजन पैकेट मिला है यहां शुद्ध पानी की सुविधा नहीं है तो उसे कहीं बाहर खाएंगे।
महिला किसान उर्मिला ने कहा, इतनी भीड़ और अव्यवस्था है जिसे पार कर भोजन पैकेट लेना उनके बस की बात नहीं है। पीलीभीत के किसान कृष्ण कुमार भोजन पैकेट लेने का प्रयास किया लेकिन, भीड़ और अव्यवस्था के कारण वह कामयाब नहीं हुए तो बिना भोजन पैकेट लिए निकल गए।
संयुक्त कृषि निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि खरीफ गोष्ठी में आए किसानों के लिए छोटे वाले 40 टैंकर पानी मंगाया था। हमने भोजन के 900 पैकेट बनवाए थे। कोशिश यही थी कि सभी को खाना मिल जाए और कार्यक्रम में आए लोगों को दिक्कत नहीं हो।