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Bareilly News: गोकिलपुर में सड़क निर्माण की मांग को लेकर गरजे किसान
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बरेली। परसाखेड़ा, बंजरिया, गरगईया उर्फ गोकिलपुर, ललपुरा और परसाखेड़ा गौटिया गांव के किसानों ने मंगलवार दोपहर सड़क निर्माण की मांग को लेकर डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वह डीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे रहेंगे। तीन घंटे तक प्रदर्शन चला। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य और एडीएम सिटी सौरभ दुबे के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। इस दौरान यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई। पुलिस को मार्ग परिवर्तित करना पड़ा।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के नेतृत्व में सभी किसान डीएम रविंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपने उनके कार्यालय पहुंचे थे। जिलाध्यक्ष दुर्गेश मौर्य ने बताया कि वह 12 सितंबर से धरने पर बैठे हैं। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2023 में नगर निगम के कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया था। उस दौरान नगर निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जल्द उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा।
आरोप है कि एक पूर्व पार्षद ने अधिकारियों को भ्रमित कर दिया और नए रास्ते की कवायद शुरू करा दी। नए रास्ते के निर्माण के लिए रेलवे से एनओसी लेनी पड़ेगी। इस पर जलभराव की समस्या रहेगी। नया रास्ता करीब एक किलोमीटर दूर होगा और पुराना रास्ता करीब तीन सौ मीटर दूर है। पुराने रास्ते में रेलवे फाटक के पास डामर रोड है। उस पर केवल एक ही किसान की भूमि है। वह भूमि देने के लिए तैयार भी है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष अवध गंगवार, जसपाल सिंह फौजी, ममता गंगवार समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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पूरी तैयारी से आए थे किसान, सिलिंडर लगाकर पकाई खिचड़ी
भारतीय किसान यूनियन टिकैट गुट के नेतृत्व में किसान अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की तैयारी कर डीएम कार्यालय पहुंचे थे। वह अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली में भोजन-पानी का इंतजाम करके लाए थे। टेंट भी रखा था। वहीं, गैस सिलिंडर लगाकर खिचड़ी बनाकर खाई। अगर धरना समाप्त नहीं होता तो वे गेट के सामने ही टेंट लगाते।
किसान की मौत का मांगा मुआवजा
जिलाध्यक्ष दुर्गेश मौर्य ने बताया कि उनका धरना-प्रदर्शन 12 सितंबर से चल रहा है। मंगलवार सुबह बंजरिया परसाखेड़ा निवासी किसान जमील अंसारी की धरना प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई। उनके परिवार वालों को मुआवजा दिया जाए। संवाद
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भारतीय किसान यूनियन टिकैत ग्रुप के नेतृत्व में सभी किसान डीएम रविंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपने उनके कार्यालय पहुंचे थे। जिलाध्यक्ष दुर्गेश मौर्य ने बताया कि वह 12 सितंबर से धरने पर बैठे हैं। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2023 में नगर निगम के कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया था। उस दौरान नगर निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि जल्द उनकी समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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आरोप है कि एक पूर्व पार्षद ने अधिकारियों को भ्रमित कर दिया और नए रास्ते की कवायद शुरू करा दी। नए रास्ते के निर्माण के लिए रेलवे से एनओसी लेनी पड़ेगी। इस पर जलभराव की समस्या रहेगी। नया रास्ता करीब एक किलोमीटर दूर होगा और पुराना रास्ता करीब तीन सौ मीटर दूर है। पुराने रास्ते में रेलवे फाटक के पास डामर रोड है। उस पर केवल एक ही किसान की भूमि है। वह भूमि देने के लिए तैयार भी है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष अवध गंगवार, जसपाल सिंह फौजी, ममता गंगवार समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
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पूरी तैयारी से आए थे किसान, सिलिंडर लगाकर पकाई खिचड़ी
भारतीय किसान यूनियन टिकैट गुट के नेतृत्व में किसान अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की तैयारी कर डीएम कार्यालय पहुंचे थे। वह अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली में भोजन-पानी का इंतजाम करके लाए थे। टेंट भी रखा था। वहीं, गैस सिलिंडर लगाकर खिचड़ी बनाकर खाई। अगर धरना समाप्त नहीं होता तो वे गेट के सामने ही टेंट लगाते।
किसान की मौत का मांगा मुआवजा
जिलाध्यक्ष दुर्गेश मौर्य ने बताया कि उनका धरना-प्रदर्शन 12 सितंबर से चल रहा है। मंगलवार सुबह बंजरिया परसाखेड़ा निवासी किसान जमील अंसारी की धरना प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई। उनके परिवार वालों को मुआवजा दिया जाए। संवाद