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UP News: बरेली में फर्जी आईएएस विप्रा का ड्राइवर और पिता भी ठगी में शामिल, नौ और रिपोर्ट दर्ज

Fri, 08 May 2026 01:19 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Fri, 08 May 2026 01:19 AM IST
सार

बरेली में फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा और उसकी बहनों ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। बारादरी थाने में नौ और नए मामले दर्ज हुए हैं। विप्रा, उसकी बहनें शिखा व दीक्षा, पिता वीरेंद्र शर्मा और ड्राइवर विनोद पर भी धोखाधड़ी का आरोप है। 

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Fake IAS Vipra Driver and Father Also Involved in Fraud
ठगी की आरोपी तीनों बहनें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के बारादरी इलाके में रहने वाली फर्जी आईएएस व उसकी बहनों ने बेरोजगारों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर ली। जब गिरोह का भंड़ाफोड़ हुआ तो ठगी का शिकार हुए लोग भी सामने आने लगे। बारादरी थाने में नौ और मामलों में विप्रा शर्मा, उसकी बहन शिखा व दीक्षा, ड्राइवर विनोद और पिता सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त अभियंता वीरेंद्र शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट हुई है। इससे पहले भी विभिन्न थानों में 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पुलिस आरोपियों की संपत्ति चिह्नित कर रही है।

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फर्जी आईएएस विप्रा गैंग की सरगना है। वह लग्जरी कार से ड्राइवर और गनर लेकर चलती थी। इसी चमक-दमक में फंसकर ठगी का शिकार हुए जगतपुर निवासी ठेकेदार कफील ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कफील ने बताया कि वर्ष 2021 में विप्रा शर्मा खुद को एसडीएम बताकर मिली और नौकरी लगवाने के बदले सवा पांच लाख रुपये मांगे। कफील ने रुपये दे दिए। विप्रा ने बदायूं के इस्लामनगर ब्लॉक में सहायक विकास अधिकारी पद पर तैनाती का नियुक्ति पत्र कफील को दिया। जब कफील इस्लामनगर गए तो बताया गया कि इस नाम का कोई पद यहां नहीं है। रुपये मांगने पर विप्रा ने टालमटोल कर दी।
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अग्रसेन नगर के कश्मीर सिंह ने बताया कि विप्रा ने खुद को एसडीएम बताकर उन्हें सरकारी कुर्सी पर बैठाने का सपना दिखाया। भरोसा कर कश्मीर सिंह ने खुद और भाई दिग्विजय की नौकरी के लिए 8.65 लाख रुपये दे दिए। विप्रा ने शाहजहांपुर के तिलहर ब्लॉक में तैनाती संबंधी नियुक्ति पत्र डाक से भेज दिया। वहां गए तो पता  लगा कि ये फर्जी है। विप्रा ने रुपये नहीं लौटाए और बहाने बनाने लगी।

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पिता वीरेंद्र ने भी की धोखाधड़ी 
विप्रा के पिता वीरेंद्र शर्मा ने क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा देकर सात लाख रुपये हड़प लिए। बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले देवरनियां निवासी अर्जुन ने बताया कि यूनिवर्सिटी में शिखा नाम की लड़की मिली। शिखा ने अपनी बहन विप्रा को एसडीएम बताकर उसके घर ग्रीन पार्क में मिलवाया। वहां पर इनका पिता वीरेंद्र शर्मा भी था। तीनों ने सरकारी नौकरी लगवाने के बदले सात लाख रुपये मांगे। अर्जुन ने सात लाख रुपये तीनों  के खातों में डाल दिए। इसके बाद बदायूं के दातागंज ब्लॉक में कंप्यूटर अनुभाग का नियुक्ति पत्र डाक से मिला। वह दातागंज गए तो ये फर्जी निकला। रुपये मांगने पर तीनों झगड़ा कर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगे। 

विकास भवन में नौकरी लगवाने के नाम पर हड़पे साढ़े सात लाख
विप्रा और शिखा ने विकास भवन में नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवक से साढ़े सात लाख रुपये झटक लिए। शीशगढ़ के भैंसिया गांव निवासी अंकित ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि दोनों बहनों ने रुपये लेकर उन्हें शाहजहांपुर के तिलहर ब्लॉक में नौकरी का नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब फर्जीवाड़े का विरोध कर रुपये लौटाने के लिए कहा तो दोनों ने जान से मारने की धमकी दी।

लेखपाल बनाने का झांसा देकर 13.50 लाख ठगे
शिखा और विप्रा ने लेखपाल बनाने का झांसा देकर युवक से साढ़े तेरह लाख रुपये ऐंठ लिए। बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भोजीपुरा के सैदपुर सरौरा निवासी सुरेंद्र पाल ने बताया कि यूनिवर्सिटी में शिखा से मुलाकात हुई थी। शिखा ने अपनी बहन विप्रा को एसडीएम बताकर उनसे मिलवाया। शिखा का पिता वीरेंद्र भी वहां था। श्रेणी तीन की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 13.50 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद बदायूं की सदर तहसील में लेखपाल के पद का फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया

विप्रा और शिखा ने ठगे पांच लाख
विप्रा और शिखा ने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर नेकपुर निवासी प्रशांत से पांच लाख रुपये ठग लिए। प्रशांत ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रशांत को भी डाक से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर गुमराह किया गया। बदायूं निवासी श्रीराम गंगवार से भी इसी तरह डेढ़ लाख रुपये ठग लिए। बदायूं रोड की गंगानगर कॉलोनी निवासी हिमांशु पाल ने भी सरकारी नौकरी का झांसा देकर चार लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए दोनों बहनों के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

विप्रा और शिखा ने ठगे पांच लाख
विप्रा और शिखा ने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर नेकपुर निवासी प्रशांत से पांच लाख रुपये ठग लिए। प्रशांत ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रशांत को भी डाक से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर गुमराह किया गया। बदायूं निवासी श्रीराम गंगवार से भी इसी तरह डेढ़ लाख रुपये ठग लिए। बदायूं रोड की गंगानगर कॉलोनी निवासी हिमांशु पाल ने भी सरकारी नौकरी का झांसा देकर चार लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए दोनों बहनों के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि फर्जी तरीके से खुद को प्रशासनिक अफसर बताने वाली विप्रा शर्मा और उसकी बहनों व अन्य साथियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी जा रही हैं। कई लोग काफी पहले ठगी का शिकार हो चुके हैं, लेकिन रुपये वापसी की उम्मीद में शिकायत नहीं कर रहे थे। पूरे गिरोह पर कार्रवाई की जाएगी। 

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