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Bareilly News: फर्जी आईएएस ने प्रॉपर्टी डीलर को लेखपाल बनाने का झांसा देकर दस लाख ठगे

Fri, 01 May 2026 01:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 01 May 2026 01:13 AM IST
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Fake IAS officer duped property dealer of Rs 10 lakh by promising him a job as accountant
बरेली बारादरी पुलिस ने मंगलवार को जिस फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा को गिरफ्तार किया था, उसके खिलाफ अब सुभाषनगर थाने में भी एक रिपोर्ट दर्ज हो गई है। इलाके के प्रॉपर्टी डीलर ने लेखपाल की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। जोगी नवादा के विनोद कुमार और सनराइज कॉलोनी निवासी अमित राय भी इस गिरोह पर ठगी की रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं।
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सुभाषनगर राजीव कॉलोनी निवासी अमित राज ने थाना प्रभारी सतीश कुमार को बताया कि वह प्रापर्टी डीलर हैं। वर्ष 2020 में विप्रा शर्मा से एक प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर उनकी मुलाकात हुई थी। विप्रा ने तब अपना परिचय लखनऊ में तैनात एसडीएम के रूप में दिया था। विप्रा ने अमित के दोनों भाइयों की नौकरी राजस्व विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर और क्लर्क के पद पर लगवाने की बात कही और दस लाख रुपये मांगे।
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अमित ने असमर्थता जताई तो विप्रा ने अमित से कहा कि तुम्हें भी इन्हीं दस लाख रुपये में लेखपाल बनवा दूंगी। अमित के माता-पिता ने वर्ष 2024 में जेवर बेचकर दो लाख रुपये नकद व आठ लाख रुपये विप्रा को आरटीजीएस के माध्यम से दिए। चार महीने बाद अमित के भाई शेखर राज के नाम का नियुक्तिपत्र डाक से आया। ये उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ की तरफ से जारी दिखाया गया, उस पर आयोग के सचिव आशुतोष मोहन अग्निहोत्री के फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए थे।
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जब विप्रा को नियुक्तिपत्र के बारे में बताया तो वह बोली कि तीनों के नियुक्तिपत्र आने दो, मैं खुद चलकर ज्वाइन करा दूंगी। इसके बाद विप्रा टालमटोल करने लगी। लखनऊ जाकर जानकारी की तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। विप्रा से दस लाख रुपये वापस मांगे तो वह जान से मारने की धमकी देने लगी।


गैंग को चिह्नित करने में जुटी पुलिस
बताया जा रहा है कि विप्रा शर्मा के साथ कई अन्य लोग भी मिलकर ठगी का धंधा कर रहे थे। पुलिस विप्रा के गिरोह की कुंडली खंगाल रही है। विप्रा के ड्राइवर का भी नाम लाखों की हेरफेर करने वालों में शामिल बताया जा रहा है। उसके कई करीबी शहर छोड़कर भाग गए हैं। विप्रा और उसकी बहनों की सीडीआर और खातों की जांच की जा रही है।
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