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स्टाफ की कमी से शहर की पेयजल सप्लाई चरमराई
Extreme flooding of the city's drinking water supply staff
Updated Thu, 08 Jun 2017 12:58 AM IST
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Extreme flooding of the city's drinking water supply staff
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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नगर निगम का जलकल विभाग सबसे दयनीय स्थिति से गुजर रहा है। स्टाफ की भारी कमी से शहर की पेयजल सप्लाई की व्यवस्था चरमरा गई है। 10 लाख से ज्यादा आबादी को पेयजल सप्लाई और 659 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन की लीकेज ठीक करने के लिए एक भी सुपरवाइजर नहीं है। सीवर और पेयजल सप्लाई की पूरी व्यवस्था एक जेई के सहारे है। डेढ़ माह पहले कार्यरत जलकल एई आरबी राजपूत का कानपुर स्थानांतरण हो चुका है।
ढाई दशक पहले मात्र चार लाख शहर की आबादी पर पांच पाइप लाइन इंस्पेक्टर (जेई) और इतने ही सीवर पंप इंस्पेक्टर कार्यरत थे। सीवर अधीक्षक और पंप अधीक्षक भी अपने काम की अलग-अलग मानीटरिंग करते थे। 14 सुपरवाइजर और 20 फिटर भी थे। अब 11 लाख की आबादी में जलकल विभाग एई और सुपरवाइजर विहीन है। जेई पीसी आर्या पेयजल सप्लाई के साथ सीवर और पंप का काम भी देखते हैं। 40 फिटर की जरूरत के सापेक्ष मात्र चार फिटर हैं। प्रत्येक फिटर के साथ कम से तीन खलासी की जरूरत होती है। यहां केवल पांच खलासी बचे हैं। अधिकांश सीवर और पेयजल सप्लाई पंप ठेके पर चलते हैं लेकिन ठेकेदारों की मानीटरिंग करने के लिए सुपरवाइजर नहीं हैं। क्लर्क और चतुर्थ श्रेणी अपने हिसाब से मानीटरिंग करके ऊपरी आमदनी का इंतजाम बनाते हैं। वार्ड या कालोनी से लीकेज का फोन आ जाए तो टीम समय पर नहीं पहुंचती। बारिश में जब शहर से फोन पर सूचना आती है तो हालात और बिगड़ते हैं
रोजाना 105 एमएलडी पानी की सप्लाई
नगर निगम का जलकल विभाग प्रतिदिन 66 नलकूप और 32 ओवरहेड टैंकों से प्रतिदिन 105 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) पानी की सप्लाई करता है। शहर में 659 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन है। कभी सड़क बनने तो कभी सीवर मरम्मत के चलते अक्सर ये लीक होती है। मई जून की भीषण गर्मी में शहरवासियों को पर्याप्त पानी की सप्लाई देने में मुश्किलें आ रही हैं।
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हेल्पलाइन नंबर पर करें फोन
7055519611
0581-2550076
टोल फ्री नंबर 18001803817
जलकल विभाग में स्टाफ बहुत ही कम हो चुका है। सुपरवाइजर और एई एक भी नहीं है। जेई में अकेला मैं हूं और महाप्रबंधक हैं। सब व्यवस्था किसी तरह चला रहे हैं। कम से कम संविदा या प्राइवेट लोग ही रखे जाएं ताकि जनता को बेहतर सुविधा मिले। शासन को स्टाफ की कमी के बारे में लिखकर भेजा गया है।
- पीसी आर्या, जेई जलकल
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ढाई दशक पहले मात्र चार लाख शहर की आबादी पर पांच पाइप लाइन इंस्पेक्टर (जेई) और इतने ही सीवर पंप इंस्पेक्टर कार्यरत थे। सीवर अधीक्षक और पंप अधीक्षक भी अपने काम की अलग-अलग मानीटरिंग करते थे। 14 सुपरवाइजर और 20 फिटर भी थे। अब 11 लाख की आबादी में जलकल विभाग एई और सुपरवाइजर विहीन है। जेई पीसी आर्या पेयजल सप्लाई के साथ सीवर और पंप का काम भी देखते हैं। 40 फिटर की जरूरत के सापेक्ष मात्र चार फिटर हैं। प्रत्येक फिटर के साथ कम से तीन खलासी की जरूरत होती है। यहां केवल पांच खलासी बचे हैं। अधिकांश सीवर और पेयजल सप्लाई पंप ठेके पर चलते हैं लेकिन ठेकेदारों की मानीटरिंग करने के लिए सुपरवाइजर नहीं हैं। क्लर्क और चतुर्थ श्रेणी अपने हिसाब से मानीटरिंग करके ऊपरी आमदनी का इंतजाम बनाते हैं। वार्ड या कालोनी से लीकेज का फोन आ जाए तो टीम समय पर नहीं पहुंचती। बारिश में जब शहर से फोन पर सूचना आती है तो हालात और बिगड़ते हैं
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रोजाना 105 एमएलडी पानी की सप्लाई
नगर निगम का जलकल विभाग प्रतिदिन 66 नलकूप और 32 ओवरहेड टैंकों से प्रतिदिन 105 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) पानी की सप्लाई करता है। शहर में 659 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन है। कभी सड़क बनने तो कभी सीवर मरम्मत के चलते अक्सर ये लीक होती है। मई जून की भीषण गर्मी में शहरवासियों को पर्याप्त पानी की सप्लाई देने में मुश्किलें आ रही हैं।
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7055519611
0581-2550076
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जलकल विभाग में स्टाफ बहुत ही कम हो चुका है। सुपरवाइजर और एई एक भी नहीं है। जेई में अकेला मैं हूं और महाप्रबंधक हैं। सब व्यवस्था किसी तरह चला रहे हैं। कम से कम संविदा या प्राइवेट लोग ही रखे जाएं ताकि जनता को बेहतर सुविधा मिले। शासन को स्टाफ की कमी के बारे में लिखकर भेजा गया है।
- पीसी आर्या, जेई जलकल