Exit Polls: 2019 में रुहेलखंड की चार सीटों पर सटीक रहा था एग्जिट पोल, इस सीट पर हुआ था बड़ा उलटफेर
Exit Poll 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें और अंतिम चरण का मतदान संपन्न हो गया है। अब सबकी निगाहें एग्जिट पोल पर टिकी है। रुहेलखंड की पांच सीटों पर लोकसभा चुनाव 2019 में मतगणना से पहले आए एग्जिट पोल, नतीजों के कितने करीब रहे विस्तार से जानते हैं...
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लोकसभा चुनाव 2019 में मीडिया के 'एग्जिट पोल' में बरेली समेत रुहेलखंड की चार सीटों पर जो अनुमान लगाया गया, वो बेहद सटीक रहा। लेकिन बदायूं सीट पर नतीजे हैरान करने वाले थे। 2019 में बदायूं लोकसभा सीट पर सपा का पलड़ा भारी बताया जा रहा था, लेकिन मतगणना के बाद नतीजों ने सबको चौंका दिया था। इस सीट से भाजपा की संघमित्रा मौर्य ने कड़ी टक्कर में धर्मेंद्र यादव को हराया। चुनाव के अंतिम नतीजों तक बदायूं सीट पर असमंजस की स्थिति बनी रही थी। संघमित्रा मौर्य ने महज 18454 मतों से जीत दर्ज की थी। इस जीत ने एग्जिट पोल को फेल कर दिया था।
बरेली में आठवीं बार जीते थे संतोष
पिछले लोकसभा चुनाव में बरेली सीट से भाजपा प्रत्याशी संतोष गंगवार ने आठवीं बार जीत दर्ज की थी। मतगणना से पहले एग्जिट पोल में संतोष गंगवार को आगे बताया गया था। जब नतीजे आए तो एग्जिट पोल सटीक साबित हुए। संतोष गंगवार ने सपा प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार को डेढ़ लाख से अधिक मतों को हराया था।
आंवला लोकसभा सीट
बरेली की तरह जिले की आंवला लोकसभा सीट पर भी एग्जिट पोल में भाजपा को बढ़त बताई गई थी। परिणाम भी ऐसी ही आया। यहां से भाजपा के धर्मेंद्र कश्यप ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की थी। उन्होंने बसपा प्रत्याशी रुचि वीरा को हराया था। तीसरे स्थान पर कांग्रेस के कुंवर सर्वराज सिंह रहे थे।
ढाई लाख मतों से जीते थे वरुण गांधी
पिछले चुनाव में वरुण गांधी के चलते पीलीभीत लोकसभा सीट पर सबकी नजर थी। चुनाव में वरुण गांधी की सीधी टक्कर सपा के हेमराज वर्मा से थी। सभी एग्जिट पोल में वरुण गांधी का पलड़ा भारी बताया गया। नतीजे भी वरुण गांधी के पक्ष में आए थे। उन्होंने करीब ढाई लाख वोटों से सपा प्रत्याशी को हराया था।
2019 में भाजपा ने शाहजहांपुर सीट से कृष्णा राज का टिकट काटकर अरुण सागर को प्रत्याशी बनाया था। उन्हें गठबंधन की ओर से बसपा के अमरचंद जौहर ने कांटे की टक्कर दी थी। एग्जिट पोल में कड़ी टक्कर के साथ भाजपा को बढ़त दिखाई गई। नतीजे आए तो भाजपा प्रत्याशी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
दरअसल, एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे होता है। एग्जिट पोल भले ही रिजल्ट नहीं होते, मगर नतीजों की एक झलक जरूर देते हैं। मतदान वाले दिन जब मतदाता वोट देकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलता है तो वहां अलग-अलग सर्वे एजेंसी और न्यूज चैनल के लोग मौजूद होते हैं। वह मतदाता से वोटिंग को लेकर सवाल पूछते हैं। इसमें उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसको वोट दिया है? इस तरह से हर विधानसभा के अलग-अलग पोलिंग बूथ से मतदाताओं से सवाल पूछा जाता है। मतदान खत्म होने तक ऐसे सवाल बड़ी संख्या में आंकड़े एकत्र हो जाते हैं। इन आंकड़ों को जुटाकर और उनके उत्तर के हिसाब से अंदाजा लगाया जाता है कि पब्लिक का मूड किस ओर है? मैथमेटिक्स मॉडल के आधार पर ये निकाला जाता है कि कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इसका प्रसारण मतदान खत्म होने के बाद ही किया जाता है।