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थमा अभियान! सीएम पोर्टल की शिकायतें निपटाकर किया ‘संतोष’
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 24 Apr 2018 06:38 PM IST
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केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की चिट्ठी सामने आने के बाद सोमवार को नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान थम गया। भारत सेवा ट्रस्ट वाली सड़क पर अभियान चलाया जाना तय था लेकिन टीम वहां जाकर लौट आई। इसके बजाय निगम टीम ने कुमार टाकीज के पीछे मुख्यमंत्री के पोर्टल पर की गई शिकायतों का निस्तारण करके ‘संतोष’ कर लिया। हालांकि इस दौरान यहां पर जमकर शोरशराबा हुआ। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मेयर उमेश गौतम को अतिकमण हटाओ अभियान को स्थगित करने के संबंध में पत्र लिखा है। इस पत्र की कॉपी वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल और नगर विधायक डॉ. अरुण कुमार को भी भेजकर इस अभियान पर उनके सुझाव मांगे गए थे। पत्र में केंद्रीय मंत्री ने मेयर को युवा एवं उनके अतिक्रमण हटाओ अभियान के निर्णय को साहसपूर्ण कदम बताते हुए, खुद के लघु अनुभव के आधार पर इस अभियान को यहीं रोके जाने की बात कही थी। साथ ही जहां-जहां अभियान चलाया गया है, वहां विकास कार्य कराने को कहा। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से राय मशविरा कर जागरूकता अतिक्रमण हटाने के लिए उन्हें स्वयं प्रेरित करने को कहा है। हालांकि रविवार को मेयर ने यह पत्र प्राप्त न होना बताकर इसे जारी रखने की बात कही थी। मगर सोमवार को अभियान थम गया।
एक कॉल के बाद कोहाड़ापीर से लौट गया बुलडोजर
सोमवार को कोहाड़ापीर से भारत सेवा ट्रस्ट वाली रोड होते हुए धर्मकांटा चौराहा तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी थी। अतिक्रमण का समय पूर्वाह्न 11 बजे से शाम पांच बजे नियत था। तय समय पर अतिक्रमण दस्ता कोहाड़ापीर पहुंच गया। मगर अचानक ही अतिक्रमण दस्ते के पास एक फोन पहुंचा और टीम वहां से लौट गई। लोगों में चर्चा है कि टीम के वहां से लौटने का कारण केंद्रीय मंत्री की मुख्यमंत्री एवं मेयर को लिखी चिट्ठी है। मगर अतिक्रमण प्रभारी उत्तम वर्मा ने बताया कि कोहाड़ापीर-धर्मकांटा पीडब्ल्यूडी की सड़क है। पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी अभियान में नहीं आया है। पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा जाएगा और उनके अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान चलेगा।
वित्तमंत्री बोले, संतोष जी का तर्क सही
रविवार को वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का पत्र न मिलने की बात कही थी। मगर सोमवार को उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर संतोष जी का पत्र प्राप्त हुआ है। उनके दिए तर्क सही हैं, मेयर को अपने हिसाब से देखना चाहिए।
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अभियान जारी रहेगा..
कोहाड़ापीर से टीम का लौटना चिट्ठी का इफेक्ट नहीं है। वहां बीडीए, पीडब्ल्यूडी का कोआर्डिनेशन चाहिए। इसके लिए बात की गई है। एक-दो दिन में वहां फिर कार्रवाई होगी। आदरणीय मंत्री जी की चिट्ठी भी मैंने देख ली है। उनके एवं सभी के साथ बैठकर बात कर लेंगे लेकिन अभियान ऐसे ही जारी रहेगा। - उमेश गौतम, मेयर
कोहाड़ापीर से धर्मकांटा पीडब्ल्यूडी की सड़क है। पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी अभियान में नहीं पहुंचा था इसलिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखवाया जा रहा है। इसके बाद वहां भी अभियान चलेगा, कोई अवैध कब्जा छोड़ा नहीं जाएगा। - ईश शक्ति कुमार सिंह, प्रभारी नगर आयुक्त
पंजा रोकने छत पर चढ़ा दुकानदार, जमकर हंगामा
कोहाड़ापीर से लौटने के बाद निगम टीम बुलडोजर लेकर कुमार टाकीज के पीछे पहुंची। बाग ब्रिगटान निवासी सैयद मोहम्मद शाहिद के नाम से मुख्यमंत्री के पोर्टल पर यहां सड़क पर अवैध तरीके से बनी करीब दर्जन भर दुकानों की शिकायत की थी। टीम जब यहां पहुंची तो गली में घुसने से पहले ही विरोध शुरू हो गया। लोग कहने लगे कि पहले कोने पर बनी फैशन प्वाइंट की दुकान का अवैध निर्माण तोड़ा तो टीम ने स्टे होने की बात कही। इसके बाद पूर्व पार्षद बिलाल कुरैशी वहां पहुंचे और दो दिन का समय मांगने लगे, मगर टीम ने मेयर से बात करने को कहकर सड़क पर बनी अवैध दुकानें तोड़नी शुरू कर दीं। मगर बिलाल के पास मेयर का मोबाइल नंबर नहीं था। तोड़फोड़ होते देख दुकानदारों में हड़कंप मच गया कुछ महिलाएं भी रोने लगीं। इसी बीच जब टीम एमडी गारमेंट्स के नाम से सड़क पर बनी मोईन की दुकान पर पहुंची तो उसने हंगामा शुरू कर दिया। दुकान की छत पर चढ़कर कूदने का प्रयास करने लगा। अपने दोनों बेटे भी छत पर चढ़ा लिए और जमकर हंगामा किया। कुमार टाकीज की दीवार को अवैध बताकर वह उसे तोड़ने की मांग कर रहा था। बोला कि अगर दुकान तोड़नी है तो उसे गोली मार दी जाए। वहां जुटी अवैध दुकान वालों की भीड़ भी उसके पक्ष में एकजुट होकर हंगामा करने लगी तो टीम रुक गई। इसके बाद कोतवाली से पुलिस पहुंची और भीड़ को समझाकर हटाया गया। करीब आधा घंटे के हंगामे के बाद टीम ने अवैध दुकान ध्वस्त कर दी। इस दौरान टीम प्रभारी जयपाल सिंह पटेल, अनुज कुमार, हीरालाल, आनंद आदि मौजूद रहे।
टीम जाने के बाद फिर हंगामा
कार्रवाई के बाद टीम जब वहां से चली गई तो दुकान पर चढ़ने वाले दुकानदार मोईन ने शाम को वहां एक बार फिर हंगामा कर दिया। थोक व्यापारियों को जमकर गालियां दी। व्यापारियों के फोन पर जब पुलिस पहुंची तो वह भाग गया।
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एक कॉल के बाद कोहाड़ापीर से लौट गया बुलडोजर
सोमवार को कोहाड़ापीर से भारत सेवा ट्रस्ट वाली रोड होते हुए धर्मकांटा चौराहा तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी थी। अतिक्रमण का समय पूर्वाह्न 11 बजे से शाम पांच बजे नियत था। तय समय पर अतिक्रमण दस्ता कोहाड़ापीर पहुंच गया। मगर अचानक ही अतिक्रमण दस्ते के पास एक फोन पहुंचा और टीम वहां से लौट गई। लोगों में चर्चा है कि टीम के वहां से लौटने का कारण केंद्रीय मंत्री की मुख्यमंत्री एवं मेयर को लिखी चिट्ठी है। मगर अतिक्रमण प्रभारी उत्तम वर्मा ने बताया कि कोहाड़ापीर-धर्मकांटा पीडब्ल्यूडी की सड़क है। पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी अभियान में नहीं आया है। पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा जाएगा और उनके अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान चलेगा।
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वित्तमंत्री बोले, संतोष जी का तर्क सही
रविवार को वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का पत्र न मिलने की बात कही थी। मगर सोमवार को उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर संतोष जी का पत्र प्राप्त हुआ है। उनके दिए तर्क सही हैं, मेयर को अपने हिसाब से देखना चाहिए।
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अभियान जारी रहेगा..
कोहाड़ापीर से टीम का लौटना चिट्ठी का इफेक्ट नहीं है। वहां बीडीए, पीडब्ल्यूडी का कोआर्डिनेशन चाहिए। इसके लिए बात की गई है। एक-दो दिन में वहां फिर कार्रवाई होगी। आदरणीय मंत्री जी की चिट्ठी भी मैंने देख ली है। उनके एवं सभी के साथ बैठकर बात कर लेंगे लेकिन अभियान ऐसे ही जारी रहेगा। - उमेश गौतम, मेयर
कोहाड़ापीर से धर्मकांटा पीडब्ल्यूडी की सड़क है। पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी अभियान में नहीं पहुंचा था इसलिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखवाया जा रहा है। इसके बाद वहां भी अभियान चलेगा, कोई अवैध कब्जा छोड़ा नहीं जाएगा। - ईश शक्ति कुमार सिंह, प्रभारी नगर आयुक्त
पंजा रोकने छत पर चढ़ा दुकानदार, जमकर हंगामा
कोहाड़ापीर से लौटने के बाद निगम टीम बुलडोजर लेकर कुमार टाकीज के पीछे पहुंची। बाग ब्रिगटान निवासी सैयद मोहम्मद शाहिद के नाम से मुख्यमंत्री के पोर्टल पर यहां सड़क पर अवैध तरीके से बनी करीब दर्जन भर दुकानों की शिकायत की थी। टीम जब यहां पहुंची तो गली में घुसने से पहले ही विरोध शुरू हो गया। लोग कहने लगे कि पहले कोने पर बनी फैशन प्वाइंट की दुकान का अवैध निर्माण तोड़ा तो टीम ने स्टे होने की बात कही। इसके बाद पूर्व पार्षद बिलाल कुरैशी वहां पहुंचे और दो दिन का समय मांगने लगे, मगर टीम ने मेयर से बात करने को कहकर सड़क पर बनी अवैध दुकानें तोड़नी शुरू कर दीं। मगर बिलाल के पास मेयर का मोबाइल नंबर नहीं था। तोड़फोड़ होते देख दुकानदारों में हड़कंप मच गया कुछ महिलाएं भी रोने लगीं। इसी बीच जब टीम एमडी गारमेंट्स के नाम से सड़क पर बनी मोईन की दुकान पर पहुंची तो उसने हंगामा शुरू कर दिया। दुकान की छत पर चढ़कर कूदने का प्रयास करने लगा। अपने दोनों बेटे भी छत पर चढ़ा लिए और जमकर हंगामा किया। कुमार टाकीज की दीवार को अवैध बताकर वह उसे तोड़ने की मांग कर रहा था। बोला कि अगर दुकान तोड़नी है तो उसे गोली मार दी जाए। वहां जुटी अवैध दुकान वालों की भीड़ भी उसके पक्ष में एकजुट होकर हंगामा करने लगी तो टीम रुक गई। इसके बाद कोतवाली से पुलिस पहुंची और भीड़ को समझाकर हटाया गया। करीब आधा घंटे के हंगामे के बाद टीम ने अवैध दुकान ध्वस्त कर दी। इस दौरान टीम प्रभारी जयपाल सिंह पटेल, अनुज कुमार, हीरालाल, आनंद आदि मौजूद रहे।
टीम जाने के बाद फिर हंगामा
कार्रवाई के बाद टीम जब वहां से चली गई तो दुकान पर चढ़ने वाले दुकानदार मोईन ने शाम को वहां एक बार फिर हंगामा कर दिया। थोक व्यापारियों को जमकर गालियां दी। व्यापारियों के फोन पर जब पुलिस पहुंची तो वह भाग गया।