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Bareilly News: खाली भूखंड बने कूड़ाघर... पार्क में जंगल जैसे हालात, स्ट्रीट लाइटें भी खराब

Fri, 22 Aug 2025 02:57 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 22 Aug 2025 02:57 AM IST
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Empty plots have become garbage dumps... Jungle-like conditions in the park, street lights are also not working
बरेली। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) नई-नई टाउनशिप बसा रहा है, लेकिन पहले से बसाई गईं आवासीय योजनाओं के कई हिस्सों में वहां के निवासी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं। ऐसा ही हाल रामगंगानगर के सेक्टर चार का है। वहां खाली भूखंडों पर कूड़ा फेंका जा रहा है। पार्क भी जंगल में तब्दील हो रहे है। रात में अधिकांश स्ट्रीट लाइटें जलती नहीं हैं।
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सेक्टर चार में जिन लोगों ने लाखों रुपये खर्च कर भूखंड खरीदे और मकान बनाए, वे लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे है। नियमित सफाई के लिए कोई मुकम्मल इंतजाम नहीं किया गया। मार्गों की सफाई नहीं होती है, कूड़ा एकत्र करने के लिए डोर-टू-डोर सर्विस भी शुरू नहीं की गई है। लोग अपने हाल पर रहने को मजबूर हैं। देखरेख न होने से पार्क की हालत बेहद खराब हो गई है। बच्चे और बड़े खेलने व टहलने के लिए पार्क में घुसने तक की हिम्मत नहीं कर पाते, क्योंकि लोगों को सांप-कीड़ों के काटने का डर बना रहता है। मौके का हाल समझने के लिए बृहस्पतिवार को पड़ताल के दौरान यह जमीनी हकीकत सामने आई। लोगों ने भी तकलीफ को बयां किया। सेक्टर चार में ही कांशीराम कॉलोनी बसी है। वहां भी खाली भूखंडों पर कूड़ाघर बन गए हैं और पार्कों में बड़ी-बड़ी घास जम गई है। कई जगह जलभराव की स्थिति हो गई है। संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है और उससे निपटने के लिए एहतियाती इंतजाम कहीं नजर नहीं आते। ब्यूरो
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बीडीए ने भूखंड बेच दिए, अब देखने भी नहीं आना चाहते

1- सेक्टर चार में भूखंड बेचकर बीडीए अफसर नई टाउनशिप बसाने में व्यस्त हो गए। अब वे यहां समस्याएं देखने और सुनने के लिए नहीं आना चाहते। शहरी सुविधाओं की उम्मीद के साथ भूखंड खरीदा, लेकिन सुविधाएं बिल्कुल नहीं हैं। -डॉ. प्रवीण कुमार
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2-रात में पैदल आना-जाना है तो मोबाइल फोन की लाइट की मदद लेना पड़ती है। अगर बाइक से जाते हैं तो हेडलाइट की मदद से धीरे-धीरे ही बढ़ पाते हैं। स्ट्रीट लाइट अक्सर जलती ही नहीं है। जो लाइटें खराब हैं उन्हें ठीक कराने कोई नहीं आता। - सत्यप्रकाश पटेल

3-भूखंड खरीदने और मकान बनाने में करीब 25 लाख रुपये खर्च कर दिए। दो साल से यहां रह रहे हैं। पार्क बदहाल है, इनकी न बाउंड्रीवाल है न बैठने के लिए बेंच और टहलने के लिए पैदल पथ। सबसे बड़ी समस्या यह है कि खंभे तो लगा दिए हैं, मगर उन पर लाइट नहीं है। - रविंद्र पटेल



पुलिस चौकी के सामने पाइप लाइन फटी...बह रहा पानी

सेक्टर चार में जनसहूलियतों का क्या हाल है, जब इस पर लोगों से बात हुई तो उन्होंने कहा कि आप खुद देख लीजिए मुख्य मार्ग पर पानी की क्षतिग्रस्त पाइप लाइन करीब दस दिन बाद ठीक हुई। लाइन ठीक करने वालों ने गड्ढा भी छोड़ दिया था। नतीजा यह हुआ कि कई लोग उसमें गिरे, तब आसपास के लोगो ने मलबा और मिट्टी भरी। अब पुलिस चौकी के सामने पाइप लाइन फट गई है, वहां भी गड्ढा हो गया है। जैसे ही पानी की आपूर्ति होती है वैसे ही सड़क पर पानी बहने लगता है। इस समस्या को चार-पांच दिन हो गए हैं। कोई देखने तक नहीं आया।


प्रत्येक सेक्टर में दो-दो पार्क संवारे जाने हैं। टेंडर हो चुके हैं। सेक्टर चार में भी पार्क ठीक होंगे। कहीं स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं है तो उसे ठीक कराएंगे। जहां आबादी बस गई है वहां सफाई कराई जाती है। फिर भी अगर कहीं कोई दिक्कत है तो हमें अवगत कराएं। व्यवस्था ठीक कराएंगे। - एपीएन सिंंह, मुख्य अभियंता, बीडीए
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