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बरेली कॉलेज को केेंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए कर्मचारियों ने दिया धरना
Tue, 05 Jan 2021 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 12:13 AM IST
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बरेली कॉलेज (फाइल फोटो)
- फोटो : demo photo
बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के मुद्दे को लेकर कर्मचारी कल्याण सेवा समिति ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को इसको लेकर कर्मचारियों ने कॉलेज परिसर में धरना दिया। साथ ही अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की भी मांग की। आगे के आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार को कर्मचारी पूर्वी गेट पर सभा करेंगे।
कर्मचारियों ने कहा कि 183 वर्ष पुराने बरेली कॉलेज के पास एतिहासिक भवन है, जो काफी बड़ा भी है। बड़ी तादात में छात्र-छात्राएं भी यहां पढ़ते हैं। कहा कि इस आधार पर बरेली कॉलेज को केेंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग काफी समय से हो रही है लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दिलचस्पी न लेने से इसमें सफलता नहीं मिल सकी है।
समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि कॉलेज के 162 अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने का मुद्दा काफी समय से उठाया जा रहा है। अब इन दोनों ही मांगों को लेकर आरपार की लड़ाई होगी। वे लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन को तैयार हैं। अगर जरूरत पड़ी तो महाविद्यालय में तालाबंदी भी की जाएगी। इस मौके पर मनीष मिश्रा, रविंद्र सहारा, विजय पटेल, पूरनलाल मसीह, शरद मुनीम, रामपाल आदि ने भी संबोधित किया।
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कर्मचारियों ने कहा कि 183 वर्ष पुराने बरेली कॉलेज के पास एतिहासिक भवन है, जो काफी बड़ा भी है। बड़ी तादात में छात्र-छात्राएं भी यहां पढ़ते हैं। कहा कि इस आधार पर बरेली कॉलेज को केेंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग काफी समय से हो रही है लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के दिलचस्पी न लेने से इसमें सफलता नहीं मिल सकी है।
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समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि कॉलेज के 162 अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने का मुद्दा काफी समय से उठाया जा रहा है। अब इन दोनों ही मांगों को लेकर आरपार की लड़ाई होगी। वे लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन को तैयार हैं। अगर जरूरत पड़ी तो महाविद्यालय में तालाबंदी भी की जाएगी। इस मौके पर मनीष मिश्रा, रविंद्र सहारा, विजय पटेल, पूरनलाल मसीह, शरद मुनीम, रामपाल आदि ने भी संबोधित किया।
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