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Bareilly News: वैज्ञानिक पद्धति से मांस उत्पादन और प्रसंस्करण पर जोर
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बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान के एग्री इंक्यूबेशन केंद्र और पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी की ओर से मंगलवार को मांस प्रसंस्करण पर उद्यमिता विकास कार्यक्रम हुआ। इसमें वैज्ञानिक पद्धति से मांस उत्पादन और प्रसंस्करण पर जोर दिया गया।
मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डॉ. एसके मेंदीरत्ता ने प्रसंस्कृत मूल्य वर्धित उत्पाद और उप उत्पाद समेत मार्केटिंग और पैकेजिंग पर ध्यान देने का सुझाव दिया। संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ. रूपसी तिवारी ने सामूहिक स्तर पर मांस उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए वैज्ञानिक पद्धति को अपनाने पर जोर दिया। आईवीआरआई मुक्तेश्वर के प्रभारी डाॅ. बी मंडल ने मांस के लिए प्रयोग होने वाले जानवरों को बीमारियों से बचाने के लिए कहा ताकि गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव न हो सके।
पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. एआर सेन ने मांस उत्पादों की ई-मार्केटिंग का सुझाव दिया। एग्री इंक्यूबेशन केंद्र के प्रधान अन्वेषक डाॅ. बबलू कुमार ने वर्तमान परिस्थितियों में मांस की मांग बढ़ने से इसमें उद्यमिता की संभावना जताई। यहां डाॅ. बबलू कुमार, डाॅ. देवेंद्र कुमार, डाॅ. असीम विश्वास, डाॅ. गीता चौहान, डाॅ. तनवीर, डाॅ. सुमन तालुकदार, डाॅ. सागर, पुनीत, सुरेश अन्य मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक शैक्षणिक डॉ. एसके मेंदीरत्ता ने प्रसंस्कृत मूल्य वर्धित उत्पाद और उप उत्पाद समेत मार्केटिंग और पैकेजिंग पर ध्यान देने का सुझाव दिया। संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डाॅ. रूपसी तिवारी ने सामूहिक स्तर पर मांस उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए वैज्ञानिक पद्धति को अपनाने पर जोर दिया। आईवीआरआई मुक्तेश्वर के प्रभारी डाॅ. बी मंडल ने मांस के लिए प्रयोग होने वाले जानवरों को बीमारियों से बचाने के लिए कहा ताकि गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव न हो सके।
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पशुधन उत्पाद प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. एआर सेन ने मांस उत्पादों की ई-मार्केटिंग का सुझाव दिया। एग्री इंक्यूबेशन केंद्र के प्रधान अन्वेषक डाॅ. बबलू कुमार ने वर्तमान परिस्थितियों में मांस की मांग बढ़ने से इसमें उद्यमिता की संभावना जताई। यहां डाॅ. बबलू कुमार, डाॅ. देवेंद्र कुमार, डाॅ. असीम विश्वास, डाॅ. गीता चौहान, डाॅ. तनवीर, डाॅ. सुमन तालुकदार, डाॅ. सागर, पुनीत, सुरेश अन्य मौजूद रहे।
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