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हज यात्रा- सूटकेस लेने की अनिवार्यता समाप्त
बरेली
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:32 AM IST
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बरेली। हज कमेटी ने इस बार कुछ फैसले हज यात्रियों के हक में किए हैं। इसमें खास तौर से हज कमेटी की ओर से लिए जाने वाले सूटकेस और कुरबानी की रकम हज फीस के साथ जमा कराए जाने की अनिवर्यता को समाप्त कर दिया है। साथ ही सऊदी अरब में हज यात्रियों को दिए जाने वाले दैनिक खर्चे के लिए मिलने वाली रकम 15 सौ रियाल की जगह 21 सौ रियाल कर दी गई है।
रजा हज सेवा समिति के महासचिव हाजी नाजिम बेग ने यह जानकारी हज कमेटी ऑफ इंडिया से जारी हुई गाइड लाईन के माध्य से दी है। उन्होंने बताया कि इस बार फर्स्ट कैटागरी ग्रीन के हज यात्रियों को लगभग दो लाख 13 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। इसी तरह सेकेंड कैटागरी अजीजिया के लिए लगभग एक लाख 80 हजार रुपये लिए जाएंगे। जो किस्तों में जमा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि हज कमेटी के आवेदन पत्र जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय से भी नि:शुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं।
फैसले का स्वागत
इस संबंध में समिति के अध्यक्ष मौलाना असजद रजा खां की सरपरस्ती में एवं मौलाना शहाबउद्दीन रजवी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। इसमें हज कमेटी के इस फैसले का स्वागत किया गया। इस मौके पर मौलाना शहामत खां ने कहा हर साहिबे निसाब मुसलमान पर हज एक बार फर्ज है। ऐसे मुसलमान को हज पर जाने की कोशिश करना चाहिए। इस दौरान मुफ्ती कौसर रजवी, मौलाना यूनुस रजा, हाजी मोहम्मद फहीम रजा, खां नाजिम बेग, हाजी इस्लाम बब्बू, माजिद खां आदि मौजूद रहे।
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गोद के बच्चों का किराया लेने के
विरोध में आए मन्नानी मियां
इसको वापस कराने के लिए मिलेंगे विदेश मंत्री से
बरेली। रजा मुस्लिम मिशन के सदर शहजादे आला हजरत मौलाना मन्नान रजा खां (मन्नानी मियां) ने हज यात्रा में गोद के बच्चे का किराया लिए जाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की निंदा करते हुए कहा कि यह नियम मुसलमानों को कुबूल नहीं है। क्यों कि कोई भी मां अपने दूध पीते बच्चे को खुद से अलग नहीं कर सकती है।
मन्नानी मियां दगाह आला हजरत स्थित अपने निवास पर प्रेस से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान महिला पुरुष हज करने की तमन्ना रखता है। इस नियम के चलते तो कितने लोग हज पर ही नहीं जा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सब्सिडी के नाम पर भी हज यात्रियों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सब्सिडी हटा दी जाए तो हज कर सफर भी सस्ता हो जाएगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गोद वाले बच्चों को किराया मुक्त नहीं किया गया तो पूरे मुल्क के मुसलमान इसका विरोध करेंगे। इस सिलसिले में दरगाह आला हजरत का शिष्टमंडल जल्द ही रजा मुस्लिम मिशन के माध्यम से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात करेगा। इस दौरान इमरान रजा खां, सैफ अली, समीउर रहमान, ताहिर रजा, अली अहमद बाबा, जाकिर खान, आरिफ हुसैन, मतीम अहमद भी मौजूद रहे।
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रजा हज सेवा समिति के महासचिव हाजी नाजिम बेग ने यह जानकारी हज कमेटी ऑफ इंडिया से जारी हुई गाइड लाईन के माध्य से दी है। उन्होंने बताया कि इस बार फर्स्ट कैटागरी ग्रीन के हज यात्रियों को लगभग दो लाख 13 हजार रुपये का भुगतान करना होगा। इसी तरह सेकेंड कैटागरी अजीजिया के लिए लगभग एक लाख 80 हजार रुपये लिए जाएंगे। जो किस्तों में जमा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि हज कमेटी के आवेदन पत्र जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय से भी नि:शुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं।
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फैसले का स्वागत
इस संबंध में समिति के अध्यक्ष मौलाना असजद रजा खां की सरपरस्ती में एवं मौलाना शहाबउद्दीन रजवी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। इसमें हज कमेटी के इस फैसले का स्वागत किया गया। इस मौके पर मौलाना शहामत खां ने कहा हर साहिबे निसाब मुसलमान पर हज एक बार फर्ज है। ऐसे मुसलमान को हज पर जाने की कोशिश करना चाहिए। इस दौरान मुफ्ती कौसर रजवी, मौलाना यूनुस रजा, हाजी मोहम्मद फहीम रजा, खां नाजिम बेग, हाजी इस्लाम बब्बू, माजिद खां आदि मौजूद रहे।
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गोद के बच्चों का किराया लेने के
विरोध में आए मन्नानी मियां
इसको वापस कराने के लिए मिलेंगे विदेश मंत्री से
बरेली। रजा मुस्लिम मिशन के सदर शहजादे आला हजरत मौलाना मन्नान रजा खां (मन्नानी मियां) ने हज यात्रा में गोद के बच्चे का किराया लिए जाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की निंदा करते हुए कहा कि यह नियम मुसलमानों को कुबूल नहीं है। क्यों कि कोई भी मां अपने दूध पीते बच्चे को खुद से अलग नहीं कर सकती है।
मन्नानी मियां दगाह आला हजरत स्थित अपने निवास पर प्रेस से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान महिला पुरुष हज करने की तमन्ना रखता है। इस नियम के चलते तो कितने लोग हज पर ही नहीं जा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सब्सिडी के नाम पर भी हज यात्रियों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सब्सिडी हटा दी जाए तो हज कर सफर भी सस्ता हो जाएगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गोद वाले बच्चों को किराया मुक्त नहीं किया गया तो पूरे मुल्क के मुसलमान इसका विरोध करेंगे। इस सिलसिले में दरगाह आला हजरत का शिष्टमंडल जल्द ही रजा मुस्लिम मिशन के माध्यम से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात करेगा। इस दौरान इमरान रजा खां, सैफ अली, समीउर रहमान, ताहिर रजा, अली अहमद बाबा, जाकिर खान, आरिफ हुसैन, मतीम अहमद भी मौजूद रहे।