शहर में नौ दिन में नौ ट्रांसफार्मर फुंके
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शहर में लगे ज्यादातर ट्रांसफार्मर जर्जर स्थिति में हैं। इनमें तेल पूरी मात्रा में न डालने और समय से न बदलने के साथ देखभाल में लापरवाही के चलते ट्रांसफार्मर लोड नहीं उठा पा रहे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि तीन चार जेई वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हैं, इसलिए वे विभागीय निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण इस तरह की समस्याएं आ रही हैं।
पुराने शहर में स्थिति सबसे ज्यादा बदतर है। यहां सर्वाधिक ट्रांसफार्मर फुंके हुए हैं। दर्जनों स्थानों पर शाहदाना और जगतपुर उपकेंद्र स्टाफ ने दो-दो लाइनों से सप्लाई दे रखी है। इससे एक लाइन में फाल्ट आते ही दूसरी लाइन पर लोड बढ़ जाता है और ट्रांसफार्मर धमाके के साथ ठप हो जाते हैं। पुराने शहर में अप्रैल से अब तक पांच ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं। पिछले दिनों विभागीय अफसरों ने बानखाना स्थित एक ट्रांसफार्मर की चेकिंग किया तो उसमें अर्थिंग तक नहीं मिली। सीबीगंज में धमाके के साथ ट्रांसफार्मर जला तो बगल में खड़े दो आटो भी जल गए।
इन इलाकों में है ओवरलोडिंग की समस्या
सुभाषनगर, इज्जतनगर, शाहदाना, चक, संजयनगर, बमनपुरी, बानखाना, किला, कोहाड़ापीर, कटरा चांद खां, बालजती, सैलानी, बुखारपुरा, रोहली टोला, गंगापुर, कालीबाड़ी, सिकलापुर, किशोर बाजार, मढ़ीनाथ, सीबीगंज, शास्त्री नगर, सनसिटी विस्तार, साहूृकारा, कुतुबखाना, सराय, पशुपति विहार, चौपुला आदि स्थानों पर ओवरलोडिंग की समस्या लगातार बनी हुई है। इन इलाकों में रोजाना स्थानीय स्तर पर दो-दो घंटे की कटौती हो रही है।
मई में कहां कितने ट्रांसफार्मर हुए ठप
वितरण खंड प्रथम 3
वितरण खंड द्वितीय 4
वितरण खंड तृतीय 2
शहर में कुल ट्रांसफार्मर-1266
क्या हैं मानक
ट्रांसफार्मर अनुरक्षण के लिए नियमित देखभाल के दिशा-निर्देश तय हैं, लेकिन इनका पालन नहीं किया जा रहा है। इनके प्रमुख बिंदु निम्न हैं-
1- ट्रांसफार्मर में तेल की कमी
2- एलटी लाइन में फाल्ट आना
3- ओवरलोडिंग और चोरी
4- लोड बैलेंसिंग न होना
5- फ्यूज वायर सही न होना
6- नियमित देखभाल में कमी
7- सही अर्थिंग न होना
वर्जन-
‘ट्रांसफार्मर ठप होना गंभीर बात है। इससे पब्लिक और विभाग दोनों ही प्रभावित होते हैं। अब ट्रांसफार्मर फुंकने पर पूरी छानबीन होगी। तकनीकी जांच में कमी पाए जाने पर संबंधित कार्रवाई की जाएगी।’
- एनके श्रीवास्तव, एसई शहर