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Bareilly News: तीन माह के बच्चे के पेट से निकला आठ सप्ताह का भ्रूण

Sat, 11 Jul 2026 12:36 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 11 Jul 2026 12:36 AM IST
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Eight-week-old fetus removed from the stomach of a three-month-old infant.
बरेली। रामपुर गार्डन स्थित निजी अस्पताल में सर्जरी कर तीन माह के बच्चे के पेट से करीब आठ सप्ताह का भ्रूण निकाला गया। डॉक्टरों के मुताबिक, इस स्थिति को फीटस इन फीटू कहते हैं। एक दशक में दुनियाभर में तीन सौ ऐसे मामले सामने आए हैं। बरेली में यह दूसरा मामला बताया जा रहा है।
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शाहजहांपुर के कलान निवासी किसान दुर्गेश और राधा के तीन माह के बेटे मंजेश को दूध पचने में दिक्कत हो रही थी। पेट में छाती के नीचे गांठ महसूस होने पर परिजन जांच के लिए निजी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जांच में लिवर के नीचे फीटस इन फीटू की पुष्टि हुई। उसमें बाल, हड्डी, अंगुलियां आदि विकसित हो रही थीं। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन से इन्कार कर दिया।
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तब परिजन बच्चे को लेकर रामपुर गार्डन स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. राजीव अग्रवाल के मुताबिक, 13 वर्ष पूर्व भी उन्होंने ऐसे एक मामले की सर्जरी की थी। उसमें भ्रूण पेट के निचले हिस्से में था। पुराने अनुभव के आधार पर उन्होंने हामी भरी। दो घंटे की सर्जरी के बाद भ्रूण निकाला।
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भ्रूण का वजन 60 ग्राम, 200 मिली भरा था द्रव्य
डॉ. राजीव अग्रवाल के मुताबिक, निकाले गए भ्रूण का वजन करीब 60 ग्राम था। सिस्ट में करीब 200 मिली द्रव्य भरा हुआ था। भ्रूण की रक्त आपूर्ति लिवर से हो रही थी और वह लिवर, किडनी, आंतों से चिपका था। जटिल स्थिति में सावधानी से अलग करना पड़ा। ऑपरेशन में डॉ. दीपक मिश्रा और डॉ. विवेक सक्सेना ने सहयोग किया। बच्चे के नाना छोटेलाल ने कहा कि बच्चा स्वस्थ है। उसकी हालत में सुधार हो रहा है।


जानिए, क्या है फीटस इन फीटू
डॉ. राजीव ने बताया कि जुड़वां भ्रूण के विकास से जुड़ी दुर्लभ जन्मजात स्थिति को फीटस इन फीटू कहते हैं। पांच लाख जन्मे बच्चों में से एक में ऐसी स्थिति सामने आती है। गर्भावस्था के शुरुआती चरण में जब निषेचित अंडाणु विभाजित होकर जुड़वां बनने की प्रक्रिया में होता है, तब किन्हीं परिस्थितियों में एक भ्रूण दूसरे के भीतर समा जाता है और उसका विकास रुक जाता है। दूसरे भ्रूण का विकास होता है। यह स्थिति बच्चियों में पेट के निचले हिस्से में ज्यादा होती है। इस मामले में बच्चा पुरुष है। भ्रूण लिवर के नीचे दाईं ओर (राइट हाइपोकॉन्ड्रियम) मिला, जो अपेक्षाकृत दुर्लभ है।
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