Bareilly News: विस्फोट के बाद जागी पुलिस, अवैध रूप से मांझा बनाने व बेचने वालों पर कार्रवाई, आठ लोग पकड़े
बरेली के बाकरगंज में मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी में हुए धमाके में तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने रविवार को बाकरगंज में अभियान चलाकर आठ लोगों का पकड़ा। हालांकि बाद में इन्हें छोड़ दिया गया।
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बरेली के बाकरगंज में हुए विस्फोट के बाद अवैध रूप से मांझा बनाने व बिक्री करने वालों पर कार्रवाई के लिए एसएसपी ने छह सदस्यीय टीम गठित की है। किला थाना पुलिस ने बाकरगंज में अभियान चलाकर आठ लोगों को हिरासत में लिया। किला थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि बाकरगंज में टीम ने कई घरों में जाकर पतंग व मांझा निर्माण का जायजा लिया।
देखा गया कि मांझा निर्माण में गंधक पोटाश या किसी विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है। साथ ही बिक्री के अड्डों पर भी चेकिंग की गई। संदिग्ध गतिविधि वाले आठ लोगों को हिरासत में लिया गया। थाने लाकर इन्हें चेतावनी दी गई और छोड़ दिया गया। सीबीगंज थाना प्रभारी सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि 15 घरों में तलाशी ली गई, हालांकि कुछ संदिग्ध नहीं मिला।
किला थाना क्षेत्र के बाकरगंज में सात फरवरी की सुबह मांझा ठेकेदार अतीक रजा खान के मकान में विस्फोट हुआ था, जिसमें अतीक समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक अतीक के मकान में बिना लाइसेंस के विस्फोटक का भंडारण किया गया था। उसका प्रयोग मांझा निर्माण में कर रहे थे। इसी दौरान धमाका हुआ, जिससे अतीक, कारीगर फैजान और सरताज की जान चली गई थी।
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जांच के दौरान सामने आया कि अतीक ने अपनी फर्म का जीएसटी पंजीकरण करा रखा था। वह भी 50 से ज्यादा अलग-अलग नामों से मांझा बनाकर उसकी सप्लाई जिले समेत आसपास के जिलों और राज्यों में करता था।शुक्रवार को हुए विस्फोट ने पुलिस-प्रशासन के निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि मांझा निर्माताओं के पास इतनी तादाद में गंधक-पोटाश कहां से आता है। पुलिस की जांच इस दिशा में भी चल रही है।