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कॉपियों की रीचेकिंग कराने पर गुस्साए शिक्षक
बरेली
Updated Fri, 05 Jun 2015 01:30 AM IST
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रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के हिंदी विषय के मूल्यांकन केंद्र पर कॉपियों की दोबारा जांच कराने पर गुस्साए शिक्षकों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि उनको फिर से जांच के लिए बाध्य किया जा रहा है, जबकि यह काम उनका नहीं है। हंगामे पर पहुंचे सहायक रजिस्ट्रार ने बाध्य नहीं करने का आश्वासन दिया तो वे शांत हुए।
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रूटा पंजीकृत के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को इस मूल्यांकन केंद्र पर शिक्षकों से समस्याएं पूछीं तो उन्होंने रीचेकिंग की बात उनके सामने रखी। बताया कि इस केंद्र पर 10 बंडलों के मूल्यांकन के बाद उनको कॉपियों की रीचेकिंग के लिए बाध्य किया जाता है। कहा जाता है कि सौ कॉपियों की रीचेकिंग करने के बाद ही मूल्यांकन के लिए कॉपियां दी जाएं। रूटा पंजीकृत की वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. चारू मेहरोत्रा ने बताया कि मूल्यांकन केंद्र के सहायक समन्वयक का कहना था कि शिक्षकों की संख्या ज्यादा होने की वजह से ऐसा करते हैं। वहीं, इंटरनल परीक्षकों ने मूल्यांकन के लिए कम कॉपियां उपलब्ध कराने की शिकायत की। इसके बाद रूटा के पदाधिकारियों ने मूल्यांकन बंद करा दिया और सारे परीक्षक कुलपति व कुलसचिव को केंद्र पर बुलाने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना पर कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन ने सहायक कुलसचिव वीके मौर्य को केंद्र पर भेजा। उनकी शिक्षकों से नोकझोंक भी हुई। इसके बाद सहायक कुलसचिव ने कहा कि किसी भी शिक्षक को रीचेकिंग के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और इंटरनल शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए पर्याप्त कॉपियां दी जाएंगी तब शिक्षकों ने हंगामा खत्म किया।
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पूरा टीए-डीए न देने का विरोध
बरेली। रूटा पंजीकृत ने यूनिवर्सिटी मूल्यांकन में लगे शिक्षकों को पांच दिन के अंतराल पर 10-10 दिन का ही टीए, डीए देने का विरोध किया। इसके लिए रूटा के अध्यक्ष डॉ. एके रुस्तगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. चारू मेहरोत्रा और महामंत्री डॉ. दानवीर यादव ने कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन, कुलसचिव एके सिंह और वित्त अधिकारी से वार्ता की, लेकिन वित्त अधिकारी ने इस व्यवस्था के लिए एक शासनादेश का हवाला दिया। रूटा वालों ने कहा कि बाकी सभी यूनिवर्सिटी तो पूरे 30 दिन के टीए-डीए का भुगतान कर रही हैं। इस पर कुलपति ने दूसरी यूनिवर्सिटी का नियम प्रस्तुत करने की बात कही।
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