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अब डीएम करेंगे हिसाब- बीएसए समेत शिक्षा विभाग के अफसर तलब
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बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही गड़बड़ियों का हिसाब अब डीएम नितीश कुमार करेंगे। उन्होंने बुधवार को बीएसए तनुजा त्रिपाठी समेत शिक्षा विभाग के सभी अफसरों को तलब किया है। अफसरों के साथ बैठक करके वह स्वेटर एवं ड्रेस वितरण, खेल सामग्री की खरीद, बाउंड्रीवाल निर्माण आदि में हुए गोलमाल का हिसाब-किताब करेंगे।
अफसरों की मिलीभगत से बेसिक शिक्षा विभाग में बच्चों का ‘हक’ लूटने का खेल लंबे समय से चल रहा है। गोलमाल का आलम यह है कि अफसर प्रभारी मंत्री के आदेश पर हुई खेल सामग्री की खरीद में भी नहीं चूके।
सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने 144 न्याय पंचायतों के 275 स्कूलों में खेल सामान खरीद की जांच कराई तो खरीद फर्जी बिलाें पर सामने आई। उन्होंने बीएसए और एबीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी करके रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। स्वेटर वितरण का भी हाल खराब है। प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में पढ़ रहे 3.37 लाख बच्चों के लिए 200 रुपये प्रति स्वेटर के हिसाब अक्तूबर तक हर हाल में स्वेटर खरीदकर बच्चों को बांटे जाने थे। मगर अब तक सिर्फ 58,764 स्वेटर आए हैं और उनके साइज का भी कोई ब्योरा नहीं भेजा है। इस वजह से इनका वितरण भी अटका पड़ा है। ऐसे ही ड्रेस और स्कूल बैग वितरण में भी शिकायतें आती रहीं। स्कूलों की बाउंड्रीवाल निर्माण में भी शिकायतें मिलीं। इन सब शिकायतों का संज्ञान लेते हुए डीएम ने बीएसए तनुजा त्रिपाठी समेत शिक्षा विभाग के पूरे अमले को बुधवार को समीक्षा बैठक के लिए तलब कर लिया है। इससे शिक्षा विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया है।
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अफसरों की मिलीभगत से बेसिक शिक्षा विभाग में बच्चों का ‘हक’ लूटने का खेल लंबे समय से चल रहा है। गोलमाल का आलम यह है कि अफसर प्रभारी मंत्री के आदेश पर हुई खेल सामग्री की खरीद में भी नहीं चूके।
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सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने 144 न्याय पंचायतों के 275 स्कूलों में खेल सामान खरीद की जांच कराई तो खरीद फर्जी बिलाें पर सामने आई। उन्होंने बीएसए और एबीएसए को कारण बताओ नोटिस जारी करके रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। स्वेटर वितरण का भी हाल खराब है। प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में पढ़ रहे 3.37 लाख बच्चों के लिए 200 रुपये प्रति स्वेटर के हिसाब अक्तूबर तक हर हाल में स्वेटर खरीदकर बच्चों को बांटे जाने थे। मगर अब तक सिर्फ 58,764 स्वेटर आए हैं और उनके साइज का भी कोई ब्योरा नहीं भेजा है। इस वजह से इनका वितरण भी अटका पड़ा है। ऐसे ही ड्रेस और स्कूल बैग वितरण में भी शिकायतें आती रहीं। स्कूलों की बाउंड्रीवाल निर्माण में भी शिकायतें मिलीं। इन सब शिकायतों का संज्ञान लेते हुए डीएम ने बीएसए तनुजा त्रिपाठी समेत शिक्षा विभाग के पूरे अमले को बुधवार को समीक्षा बैठक के लिए तलब कर लिया है। इससे शिक्षा विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया है।
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