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कैफे से फार्म भरवाना बना मुसीबत सैकड़ों स्टूडेंट्स की फीस अटकी
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बरेली। इंटरनेट कैफे से फार्म भरवाना बीएड के आवेदकों के लिए मुसीबत बन गया है। एक बार मौका मिलने के बावजूद एक हजार से ज्यादा ऐसे छात्र-छात्राएं अपनी बैंक अकाउंट संबंधी डिटेल दुरुस्त नहीं करा सके हैं। इस वजह से इनकी फीस विश्वविद्यालय में अटक गई है और ये उसे वापस पाने को भटक रहे हैं।
इस बार बीएड की प्रवेश प्रक्रिया कराने की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई थी। यह प्रक्रिया 15 जुलाई को पूरी हो चुकी है, जिसके तहत प्रदेश के करीब ढाई हजार बीएड कॉलेजों में छात्र-छात्राओं ने एडमिशन लिए हैं। फीस जमा करने के दौरान तमाम छात्र-छात्राएं ऐसे भी थे जिनकी तकनीकी गड़बड़ी के चलते खाते से फीस दो बार जमा हो गई। अब फीस वापसी की प्रक्रिया चल रही है। पिछले दिनों दो हजार से ज्यादा ऐसे छात्र-छात्राएं सामने आए थे, जिनकी अकाउंट डिटेल गड़बड़ थी। इस पर विश्वविद्यालय ने चार अक्तूबर से दस अक्तूबर तक छात्र-छात्राओं को यह डिटेल सही करने का मौका दिया था। विश्वविद्यालय ने छात्र-छात्राओं को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर यह सूचना भी भेजी थी। मगर एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं अब भी ऐसे बचे हैं जिनकी अकाउंट डिटेल सही न होने के चलते फीस वापस नहीं हो सकी है। बताया जाता है कि इनमें से तमाम छात्र-छात्राओं ने अपने फार्म इंटरनेट कैफे पर भरवाए थे और कैफे संचालक ने अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर कर दिया था। इस वजह से विश्वविद्यालय से भेजी जाने वाली सूचना उन तक पहुंच ही नहीं सकी।
प्रशासनिक अधिकारी जहीर अहमद का कहना है कि फीस वापसी के लिए रोजाना ही तमाम छात्र विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इनमें से कुछ छात्र-छात्राएं ऐसे भी हैं, जिन्होंने कर्ज लेकर फीस जमा की थी। अब वह कर्ज वापसी के लिए परेशान हो रहे हैं।
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कैफे से फार्म भरवाने के चलते तमाम छात्र-छात्राओं तक सूचना नहीं पहुंच रही है। इस वजह से अब भी एक हजार से ज्यादा आवेदकों की अकाउंट डिटेल गड़बड़ है और उनकी फीस वापस नहीं हो सकी है। जल्द ही उन्हें अकाउंट डिटेल सही करने का दोबारा मौका दिया जाएगा।
- प्रो. बीआर कुकरेती, राज्य समन्वयक, बीएड प्रवेश परीक्षा
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इस बार बीएड की प्रवेश प्रक्रिया कराने की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी गई थी। यह प्रक्रिया 15 जुलाई को पूरी हो चुकी है, जिसके तहत प्रदेश के करीब ढाई हजार बीएड कॉलेजों में छात्र-छात्राओं ने एडमिशन लिए हैं। फीस जमा करने के दौरान तमाम छात्र-छात्राएं ऐसे भी थे जिनकी तकनीकी गड़बड़ी के चलते खाते से फीस दो बार जमा हो गई। अब फीस वापसी की प्रक्रिया चल रही है। पिछले दिनों दो हजार से ज्यादा ऐसे छात्र-छात्राएं सामने आए थे, जिनकी अकाउंट डिटेल गड़बड़ थी। इस पर विश्वविद्यालय ने चार अक्तूबर से दस अक्तूबर तक छात्र-छात्राओं को यह डिटेल सही करने का मौका दिया था। विश्वविद्यालय ने छात्र-छात्राओं को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर यह सूचना भी भेजी थी। मगर एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं अब भी ऐसे बचे हैं जिनकी अकाउंट डिटेल सही न होने के चलते फीस वापस नहीं हो सकी है। बताया जाता है कि इनमें से तमाम छात्र-छात्राओं ने अपने फार्म इंटरनेट कैफे पर भरवाए थे और कैफे संचालक ने अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर कर दिया था। इस वजह से विश्वविद्यालय से भेजी जाने वाली सूचना उन तक पहुंच ही नहीं सकी।
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प्रशासनिक अधिकारी जहीर अहमद का कहना है कि फीस वापसी के लिए रोजाना ही तमाम छात्र विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इनमें से कुछ छात्र-छात्राएं ऐसे भी हैं, जिन्होंने कर्ज लेकर फीस जमा की थी। अब वह कर्ज वापसी के लिए परेशान हो रहे हैं।
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कैफे से फार्म भरवाने के चलते तमाम छात्र-छात्राओं तक सूचना नहीं पहुंच रही है। इस वजह से अब भी एक हजार से ज्यादा आवेदकों की अकाउंट डिटेल गड़बड़ है और उनकी फीस वापस नहीं हो सकी है। जल्द ही उन्हें अकाउंट डिटेल सही करने का दोबारा मौका दिया जाएगा।
- प्रो. बीआर कुकरेती, राज्य समन्वयक, बीएड प्रवेश परीक्षा