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एलएलबी के बाद अब एलएलएम में एडमिशन पर उठे सवाल
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बरेली। बरेली कॉलेज में एलएलबी में फर्जी एडमिशन का पहले ही सुर्खियों में है, अब एक छात्र ने राज्यपाल से शिकायत कर विश्वविद्यालय में एलएलएम में एडमिशन में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। छात्र का कहना है कि गरीब सवर्ण आरक्षण के तहत उसके पात्र होने के बावजूद कई रैंक बाद के अभ्यर्थी को एडमिशन दे दिया गया।
आंवला के गांव शिवपुरी निवासी चंद्रप्रकाश शर्मा ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल को शिकायती पत्र भेजा है। उनका कहना है कि एलएलएम की प्रवेश परीक्षा में उनकी 149 ओपन और 8 ईडब्ल्यूएस (गरीब सवर्ण आरक्षण) की रैंक प्राप्त हुई थी। काउसंलिंग के दौरान वह ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट न होने के चलते एडमिशन नहीं ले सके। इसके बाद ईडब्ल्यूएस की खाली बची सीटों के लिए आवेदन मांगे तो उन्होंने आवेदन किया, लेकिन उनकी रैंक आठ होने के बावजूद 14 रैंक के अभ्यर्थी को एडमिशन दे दिया गया। चंद्र प्रकाश का आरोप है कि इस संबंध में उन्होंने प्रवेश समिति से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। छात्र ने राज्यपाल और कुलपति से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि इससे पहले बरेली कॉलेज में भी एडमिशन को लेकर हंगामा मचा हुआ है। फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट से तीन एडमिशन सामने आए हैं, लेकिन उन्हें निरस्त करने को लेकर टालमटोल चल रही है।
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आंवला के गांव शिवपुरी निवासी चंद्रप्रकाश शर्मा ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल को शिकायती पत्र भेजा है। उनका कहना है कि एलएलएम की प्रवेश परीक्षा में उनकी 149 ओपन और 8 ईडब्ल्यूएस (गरीब सवर्ण आरक्षण) की रैंक प्राप्त हुई थी। काउसंलिंग के दौरान वह ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट न होने के चलते एडमिशन नहीं ले सके। इसके बाद ईडब्ल्यूएस की खाली बची सीटों के लिए आवेदन मांगे तो उन्होंने आवेदन किया, लेकिन उनकी रैंक आठ होने के बावजूद 14 रैंक के अभ्यर्थी को एडमिशन दे दिया गया। चंद्र प्रकाश का आरोप है कि इस संबंध में उन्होंने प्रवेश समिति से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। छात्र ने राज्यपाल और कुलपति से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि इससे पहले बरेली कॉलेज में भी एडमिशन को लेकर हंगामा मचा हुआ है। फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट से तीन एडमिशन सामने आए हैं, लेकिन उन्हें निरस्त करने को लेकर टालमटोल चल रही है।
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