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अब पीपीपी मोड में डिग्री कॉलेज चलाने की तैयारी
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बरेली। प्रदेश सरकार भविष्य में डिग्री कॉलेजों को पीपीपी मोड पर संचालित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर फिलहाल लखनऊ के तीन कॉलेजों का चयन किया गया है, जिनके लिए प्रदेश के उद्यमियों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके बाद बरेली समेत अन्य जिलों में भी इसे लागू करने की तैयारी है।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि शिक्षा गुणवत्ता और सरकार से बोझ कम करने के लिए आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में पीपीपी मोड को लागू करने की तैयारी है। इससे कॉलेजों की कमी भी दूर होगी। इसमें कॉलेज का भवन सरकार बनाकर देगी और मान्यता भी देगी। शिक्षक, फर्नीचर समेत अन्य संसाधन संचालन करने वाले उद्यमी को ही जुटाने होंगे। पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ के तीन कॉलेजों को चुना गया हे, जिसके लिए प्रदेश के उद्यमियों से आवेदन मांगे गए हैं। अब 19 सितंबर को इच्छुक उद्यमी इस संबंध में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के समक्ष प्रजेंटेशन देंगे। उन्होंने बताया कि अगले चरण में यह प्रोजेक्ट प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। इसके लिए नए कॉलेज खोले जाएंगे, पुराने कॉलेज की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा।
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क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने बताया कि शिक्षा गुणवत्ता और सरकार से बोझ कम करने के लिए आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र में पीपीपी मोड को लागू करने की तैयारी है। इससे कॉलेजों की कमी भी दूर होगी। इसमें कॉलेज का भवन सरकार बनाकर देगी और मान्यता भी देगी। शिक्षक, फर्नीचर समेत अन्य संसाधन संचालन करने वाले उद्यमी को ही जुटाने होंगे। पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ के तीन कॉलेजों को चुना गया हे, जिसके लिए प्रदेश के उद्यमियों से आवेदन मांगे गए हैं। अब 19 सितंबर को इच्छुक उद्यमी इस संबंध में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा के समक्ष प्रजेंटेशन देंगे। उन्होंने बताया कि अगले चरण में यह प्रोजेक्ट प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। इसके लिए नए कॉलेज खोले जाएंगे, पुराने कॉलेज की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा।
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