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बीएसए साहिबा! ऐसे तबादलों से तो आप पर आरोप लग जाएंगे
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बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग में हमेशा तबादलों में पैसा खाने के आरोप लगते हैं लेकिन इसके बावजूद इंग्लिश स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर काउंसलिंग कराए जाने के बाद भी तैनाती के व्यक्तिगत आदेश जारी किए जा रहे हैं। इस वजह से अफसरों पर एक बार फिर चहेतों को मनचाही पोस्टिंग देने के आरोप लग रहे हैं। हालांकि इस मामले में अधिकारी पूर्व में संपन्न हुई काउंसलिंग के अनुसार ही शिक्षकों की ओर से चयनित विद्यालयों में तैनाती देने की बात कह रहे हैं।
फरीदपुर डायट पर काउंसलिंग के दौरान इंग्लिश स्कूलों की चयन सूची में शिक्षकों ने सवाल उठाए थे। आरोप था कि सूची में कई ऐसे स्कूल शामिल किए गए जो इंग्लिश स्कूलों की लिस्ट से बाहर हैं और कई स्कूल को इंग्लिश में तब्दील हो चुके हैं वे लिस्ट में शामिल ही नहीं हैं। वहीं ब्लॉकवार काउंसलिंग कराने पर भी अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया गया। हालांकि काउंसलिंग प्रक्रिया किसी तरह पूरी हुई तो शिक्षकों की तैनाती की सूची जारी होने का इंतजार था। 26 जुलाई को अचानक शिक्षकों के पास इंग्लिश स्कूलों में तैनाती का आदेश ब्लॉक से जारी हो गया। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने चहेतों को मनचाही पोस्टिंग देने के लिए गुपचुप आदेश पत्र जारी किए हैं। अगर सूची जारी होती तो उनका कारनामा सामने आ जाता। मामले में शिक्षक संगठनोें ने बीएसए कार्यालय से बगैर सूची जारी किए सीधे तैनाती के आदेश दिए जाने पर सवालिया निशान लगाते हुए मामले की जिलाधिकारी से जांच कराने की बात कही है।
परीक्षा ली है तो तैनाती भी हो
इंग्लिश स्कूलों में पदस्थापन के दौरान पिछले दिनों बीएसए ने बंद एकल विद्यालयों के ऐसे शिक्षकों जिन्होंने परीक्षा पास की उन्हें तैनाती देने से इंकार किया गया है। ताकि संबंधित स्कूल में शिक्षण कार्य सुचारू हो सके। लेकिन मामले पर शनिवार को उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार के नेतृत्व में बीएसए से मिलकर आदेश को निरस्त करने की मांग की। उन्होंने इंग्लिश स्कूलों की तैनाती प्रक्रिया में सफल रहे शिक्षकों को तैनाती देने की मांग की। जिसपर बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने दो शिक्षक वाले स्कूल से एक को तैनाती देने की मांग मानी लेकिन जिन स्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक है, फिलहाल उनके लिए निर्णय नहीं लिया। इस दौरान हरीश बाबू शर्मा, अरुण मिश्रा, केसी पटेल, योगेश, प्रेमपाल व अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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फरीदपुर डायट पर काउंसलिंग के दौरान इंग्लिश स्कूलों की चयन सूची में शिक्षकों ने सवाल उठाए थे। आरोप था कि सूची में कई ऐसे स्कूल शामिल किए गए जो इंग्लिश स्कूलों की लिस्ट से बाहर हैं और कई स्कूल को इंग्लिश में तब्दील हो चुके हैं वे लिस्ट में शामिल ही नहीं हैं। वहीं ब्लॉकवार काउंसलिंग कराने पर भी अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया गया। हालांकि काउंसलिंग प्रक्रिया किसी तरह पूरी हुई तो शिक्षकों की तैनाती की सूची जारी होने का इंतजार था। 26 जुलाई को अचानक शिक्षकों के पास इंग्लिश स्कूलों में तैनाती का आदेश ब्लॉक से जारी हो गया। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने चहेतों को मनचाही पोस्टिंग देने के लिए गुपचुप आदेश पत्र जारी किए हैं। अगर सूची जारी होती तो उनका कारनामा सामने आ जाता। मामले में शिक्षक संगठनोें ने बीएसए कार्यालय से बगैर सूची जारी किए सीधे तैनाती के आदेश दिए जाने पर सवालिया निशान लगाते हुए मामले की जिलाधिकारी से जांच कराने की बात कही है।
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परीक्षा ली है तो तैनाती भी हो
इंग्लिश स्कूलों में पदस्थापन के दौरान पिछले दिनों बीएसए ने बंद एकल विद्यालयों के ऐसे शिक्षकों जिन्होंने परीक्षा पास की उन्हें तैनाती देने से इंकार किया गया है। ताकि संबंधित स्कूल में शिक्षण कार्य सुचारू हो सके। लेकिन मामले पर शनिवार को उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार के नेतृत्व में बीएसए से मिलकर आदेश को निरस्त करने की मांग की। उन्होंने इंग्लिश स्कूलों की तैनाती प्रक्रिया में सफल रहे शिक्षकों को तैनाती देने की मांग की। जिसपर बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने दो शिक्षक वाले स्कूल से एक को तैनाती देने की मांग मानी लेकिन जिन स्कूलों में सिर्फ एक ही शिक्षक है, फिलहाल उनके लिए निर्णय नहीं लिया। इस दौरान हरीश बाबू शर्मा, अरुण मिश्रा, केसी पटेल, योगेश, प्रेमपाल व अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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