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Earthquake: बरेली मंडल में भूकंप ने फिर डराया, एक महीने में दूसरी बार डोली धरती, तेज झटकों से सहमे लोग
Sat, 04 Nov 2023 05:53 AM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 04 Nov 2023 05:53 AM IST
सार
बरेली मंडल में एक महीने के अंदर दूसरी बार भूकंप ने लोगों का डरा दिया। शुक्रवार रात 11:35 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इससे पूर्व तीन अक्तूबर को दिन में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
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भूकंप के झटके महसूस होने पर घरों से निकले लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक बार फिर धरती कांपी और लोग सहम गए। शुक्रवार रात 11:35 बजे आए भूकंप ने लोगों की नींद उड़ा दी। बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत समेत आसपास के जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। 35-40 सेकंड तक एक के बाद एक झटके महसूस हुए। इससे लोग सहम गए।
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रात का समय होने के कारण ज्यादातर लोग घरों में मौजूद थे। जो लोग सो रहे थे उनकी नींद उड़ गई। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद शहर की बहुमंजिला इमारतों से लोग बाहर आ गए। स्टेडियम रोड स्थित 10 मंजिला ट्यूलिप टॉवर के बाहर भीड़ देखी गई।
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शहर के गली मोहल्लों में भी लोग घरों से बाहर आ गए। हालांकि, इस दौरान बरेली मंडल में किसी स्थान से अप्रिय सूचना नहीं है। रिक्टर पैमान पर भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई है। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया जा रहा है, जहां भारी तबाही हुई है। कई लोगों की मौत हुई।
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क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।