Earthquake In Bareily: भूकंप के झटकों से सहमे लोग, घर-दफ्तरों से निकले बाहर, दीवार में पड़ी दरार
Earthquake Today In Up: बरेली में मंगलवार दोपहर भूकंप के झटकों से धरती कांपने लगी। झटके महसूस होने पर लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। बरेली में करीब 20 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में भी भूकंप के झटके लगे।
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नेपाल में आए भूकंप के झटके बरेली मंडल में भी महसूस किए गए। विशेषज्ञ के मुताबिक बरेली जिले में भूकंप की तीव्रता करीब 2.3 रेक्टर स्केल होने से कोई नुकसान नहीं हुआ। हालांकि पंखे, कुर्सियां, मेज आदि के हिलने से लोग घबराकर घर और कार्यालय से बाहर आ गए। बरेली के अलावा पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं और लखीमपुर खीरी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। करीब 20 सेकेंड तक कंपन्न होता रहा।
बरेली में भूकंप के झटके दोपहर 2.52 बजे से करीब 20 सेकंड तक शहर से देहात तक महसूस हुए। कुछ स्थानों पर भूकंप से घर में दरार पड़ने की भी सूचना है, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। लोगों का कहना था कि इतनी देर तक भूकंप के झटके पहले कभी महसूस नहीं हुए। बहुमंजिला भवनों में रहने वाले लोग नीचे मैदान में इकट्ठे हो गए और भूकंप को लेकर चर्चा करने लगे।
बरेली कॉलेज में बॉटनी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आलोक खरे के मुताबिक बरेली हिमालय की तलहटी, उत्तराखंड, नेपाल से नजदीक होने से भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील सूची में शामिल है। बारिश के बाद तीव्र गति से भूकंप आने की आशंका रहती है। यदि एक बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं तो इसके दोहराव की आशंका भी है। लोगों को अलर्ट रहने का सुझाव दिया है।
डॉ. खरे के मुताबिक पृथ्वी में सात प्लेट्स हैं, जो घूमती रहती हैं। ये प्लेट्स अक्सर टकराती रहती हैं। इससे प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं, दबाव बनने पर टूटते हैं। तब भूगर्भीय ऊर्जा बाहर निकलने पर भूकंप की वजह बनती है। इसे रेक्टर स्केल पर मापा जाता है। तीव्रता सात या ज्यादा होने पर 40-50 किमी में नुकसान की आशंका होती है। कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
विशेषज्ञ के मुताबिक भूकंप के झटके आने पर ज्यादातर लोग बाहर निकलते हैं। इससे बचाव से ज्यादा खतरे की आशंका रहती है। क्योंकि इससे असंतुलित होने या कोई सामान गिरने से चोट लग सकती है। घर, कार्यालय में हैं तो जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत फर्नीचर के नीचे बैठ जाएं। अन्यथा चेहरे, सिर को बाजुओं से ढक लें। बाहर हैं तो भवन, पेड़, स्ट्रीट लाइटों, बिजली/टेलीफोन के तारों से दूर रहें।
विकास भवन, कलक्ट्रेट, नगर निगम, बीडीए ऑफिस समेत अन्य सरकारी कार्यालयों समेत निजी कार्यालय, प्रतिष्ठानों के लोग भूकंप के झटके महसूस होने पर बाहर की ओर से भागे। सुरक्षित स्थान पहुंचकर उन्होंने परिजन का हाल फोन से जाना। थोड़ी देर बाद सोशल मीडिया पर भूकंप की पोस्ट तैरने लगीं।
सीडीओ ऑफिस की लिपिक लता सक्सेना ने बताया कि पहले लगा कि चक्कर आ रहे हैं लेकिन जब लोगों ने भूकंप का बताया तो घबराहट होने लगी। लिपिक विकास ने बताया कि दफ्तर में काम कर रहा था। अचानक कुर्सी हिलने लगी तो घबराकर बाहर आ गया था। कृषि विभाग के लिपिक अमित कुमार ने बताया कि कार्यालय में कार्य कर रहा था तभी अचानक हिलने का अहसास हुआ। तब बाहर निकला।
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