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नकली इंजेक्शन: 90 हजार रुपये में खरीदी रेमडेसिविर, मरीज की मौत के बाद नकली होने का पता चला
Wed, 09 Jun 2021 03:40 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 09 Jun 2021 03:40 PM IST
सार
फतेहगंज पश्चिमी के मनोहर मेडिकल हॉल के मालिक ने 90 हजार रुपये में दो रेमडेसिविर इंजेक्शन दी। इंजेक्शन लगाने के बाद भी मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई। शक होने पर बेटे ने शिकायत की तो पता चला कि इंजेक्शन नकली थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
बरेली के कस्बा फतेहगंज पश्चिमी के मोहल्ला साहूकारा निवासी संस्कार अग्रवाल के पिता मनोज कुमार अग्रवाल 19 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुए थे। 26 अप्रैल को रिपोर्ट आने के बाद उन्हें बरेली के एपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने को कहा।
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इस पर संस्कार ने फतेहगंज पश्चिमी के मनोहर मेडिकल हॉल के मालिक अनमोल अग्रवाल और प्रियांक अग्रवाल से संपर्क किया। उन्होंने अपने पास अच्छे इंजेक्शन होने की बात कहकर 90 हजार रुपये में दो रेमडेसिविर उपलब्ध कराए। मगर हालत में सुधार न होने के कारण मनोज को नई दिल्ली के नयाति सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां 12 मई को उनकी मौत हो गई।
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संस्कार को इंजेक्शन नकली होने का शक हुआ तो मंगलवार को उन्होंने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से शिकायत की। एसएसपी ने ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाकर जांच करने को कहा। बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टर ने इंजेक्शन नकली बताया तो एसएसपी ने आरोपी मेडिकल स्टोर वालों के खिलाफ थाना फतेहगंज पश्चिमी में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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