UP News: बरेली में मेट्रो परियोजना की डीपीआर तैयार, एयरफोर्स की एनओसी का इंतजार; जानें ताजा अपडेट
रेली मेट्रो परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। डिपो के लिए एयरफोर्स स्टेशन के पास बीस हेक्टेयर जमीन चिह्नित है। साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए एयरफोर्स से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) इसी माह मिलने की उम्मीद है।
विस्तार
बरेली में मेट्रो ट्रेन को धरातल पर उतारने के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। डिपो के लिए एयरफोर्स स्टेशन के पास 20 हेक्टेयर जमीन भी चिह्नित हो चुकी है। इंतजार बस एयरफोर्स से एनओसी मिलने का है। उम्मीद है कि यह बाधा भी इसी माह दूर हो सकती है। 21.5 किलोमीटर में तैयार होने वाले मेट्रो नेटवर्क के लिए 11 स्थानों पर स्टेशन बनाए जाएंगे। पूरी परियोजना पर साढ़े चार हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मेट्रो के संचालन से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 में मेट्रो परियोजना को स्वीकृति दी थी। इसको अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को मिली। इसके बाद रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) को डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। राइट्स ने रूट के लिए सर्वे किया और डिपो के लिए आईवीआरआई के निकट जमीन को उपयुक्त माना। आईवीआरआई की स्वीकृति नहीं मिली तो रजपुरा माफी में एयरफोर्स स्टेशन के पास करीब 20 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई।
बीडीए और एयरफोर्स अफसरों के बीच हुई अब तक की वार्ता सकारात्मक रही। पिछले दिनों हुई बैठक में एनओसी की बाधा दूर होने के संकेत मिले हैं। बीडीए के अफसरों का कहना है कि इसी माह एनओसी मिल सकती है। यदि ऐसा होता है तो डीपीआर भी शासन को जल्द भेज दी जाएगी।
इन रूटों पर होगा संचालन
ब्लू और रेड लाइन कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ाने तैयारी है। ब्लू लाइन कॉरिडोर बरेली जंक्शन से शुरू होकर चौकी चौराहा, गांधी उद्यान, सेटेलाइट, बीसलपुर चौराहा, रूहेलखंड यूनिवर्सिटी और फन सिटी तक होगा। इसकी लंबाई 12.5 किलोमीटर होगी। रेड लाइन कॉरिडोर चौकी चौराहे से शुरू होकर अय्यूब खां चौराहा, कुतुबखाना मार्केट, डीडीपुरम चौराहा, आईवीआरआई, रुहेलखंड यूनिवर्सिटी और फन सिटी तक तैयार होगा। इसकी लंबाई नौ किलोमीटर होगी। यानी दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई 21.5 किमी होगी। बीडीए की योजना 2031 तक शहर में मेट्रो सेवा शुरू करने की है।
जाम की समस्या होगी दूर
अभी लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और मेरठ में मेट्रो का संचालन हो रहा है। इन शहरों में मेट्रो लाइफ लाइन बनकर सामने आ रही है। बरेली में मेट्रो संचालन के लिए जो रूट तैयार किया गया है, उसमें भी यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखा गया है। जिन स्थानों का चयन किया गया है, वहां ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस की गई है। मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद इन स्थानों को जाम से मुक्ति मिलेगी। यातायात सुगम होगा और आवागमन में समय की बचत होगी।