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‘गब्बर इज बैक’ की तरह मौत के बाद भी इलाज करते रहे डॉक्टर
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गमजदा घरवालों को समझाते पुलिस वाले।
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। डीडीपुरम् क्षेत्र के एक प्राइवेट अस्पताल में रविवार को खटीमा के एक व्यक्ति की मौत हो गई। परिजनों ने उसे रविवार को सीने में दर्द की शिकायत पर भर्ती कराया था। परिवार वालाें का आरोप है कि उनका मरीज एकदम ठीक था। पहले कई जांचों के नाम पर उसे भर्ती रखा। करीब तीस हजार रुपये सुबह पांच बजे से दो बजे तक खर्च करा दिए। इसके बाद तीन लाख रुपये मांगे। परिजनों ने कहा कि वह कुछ दिन बाद इलाज कराएंगे। इस पर अस्पताल ने कुछ देर में मरीज को ले जाने की बात कही। परिजन करीब बीस मिनट बाद गए तो कहा कि उनके मरीज की मौत हो चुकी है।
खटीमा के 45 वर्षीय शिवकुमार पुत्र मंगली प्रसाद के सीने में सुबह के वक्त दर्द उठा तो परिजन उन्हें लेकर डीडीपुरम के एक प्राइवेट अस्पताल में आए। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की, जिससे उनके मरीज की मौत हो गई।
आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन उनके रुपये एेंठता रहा। डॉक्टरों ने तीन लाख रुपये ऑपरेशन के नाम पर मांगे। जब उन्हाेंने पैसे देने से मना किया तो कुछ देर बाद कह दिया कि मरीज की मौत हो गई है। इससे भड़के परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। अस्पताल के काउंटर पर तोड़फोड़ भी की। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई।
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दामाद सतीश ने बताया कि मरीज को सीने में दर्द की शिकायत थी। वह बराबर परिवार के लोगों से बात भी कर रहे थे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दस हजार रुपये काउंटर पर जमा करने को कहा। इसके कुछ देर बाद दो हजार रुपये दवाइयों के नाम पर ले लिए। फिर कहा कि जांचें होनी हैं, दस हजार रुपये और जमा करो। उन्होंने जमा कर दिए। दोपहर करीब दो बजे परिवार के लोगों ने शिवकुमार से बातचीत की। सतीश ने बताया कि फिर उन लोगों ने रिलीव करने की बात कही। डॉक्टरों ने कहा कि इनका वाल्व खराब हो गया है। अभी तीन लाख रुपये जमा करो इलाज करना पड़ेगा। इस पर परिवार वालों ने कहा कि वह कुछ दिन में पैसे का बंदोबस्त कर इलाज कराएंगे, अभी उनके पास पैसे नहीं हैं। इस पर डॉक्टरों ने कहा कि कुछ देर में रिलीव कर देंगे। सतीश ने बताया कि वह करीब आधा घंटे बाद गए और रिलीव करने की बात कही तो डॉक्टरों ने कहा कि उनकी तो मौत हो गई है। आरोप लगाया कि मरीज की मौत को डॉक्टरों ने उनसे छिपाया। उनके पूछने पर मरीज के मरने की जानकारी उन्हें दी गई। अस्पताल प्रबंधन और रुपये ऐंठना चाहता था। जब उन्हाेंने पैसे देने में असमर्थता जताई तो डॉक्टरों ने कुछ देर बाद कह दिया कि मरीज की मौत हो गई है। आरोप है कि विरोध जताने पर डॉक्टरों ने तीमारदारों के साथ काफी अभद्रता की।
उधर, अस्पताल प्रबंधनका कहना है कि परिवार वालों का आरोप गलत है। मरीज की एंजियोग्राफ ीकराई गई थी। मरीज सीरियस था। परिजनों से कहा गया था कि एंजियोप्लास्टी करनी पड़ेगी। परिजनों के आरोप गलत हैं। मरीज की कराई जांच रिपोर्ट भी उन्हें दी गई है।
इंस्पेक्टर परवीन सिंह का कहना है कि मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। परिजनों का बाद में अस्पताल प्रबंधन से समझौता हो गया।
मजदूरी नहीं दी, इलाज के अभाव में मासूम की जान गई
आंवला। भमोरा थानाक्षेत्र के गांव सिरोही निवासी आरिफ खां आंवला स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है। उसका दो साल का बेटा बीमार हो गया। आरोप है कि वह अपनी मजदूरी के रुपये मांगता रहा, लेकिन संचालक ने उसे नहीं दिए, जिसके चलते इलाज के अभाव में उसका बेटा तड़फ-तड़फ कर मर गया। कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी है।
आरिफ ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उसका दो सालका बेटा बीमार चल रहा था। भट्टा संचालक उसे मजदूरी नहीं दे रहा था, जिसके चलते वह अपने बेटे का इलाज भी नहीं करा पा रहा था। नौ फरवरी को उसके बेटे की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो उसने भट्ठा संचालक से अपने रुपये मांगे, लेकिन उसने देने से मना कर दिया। इस दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। आरिफ ने कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी है।
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खटीमा के 45 वर्षीय शिवकुमार पुत्र मंगली प्रसाद के सीने में सुबह के वक्त दर्द उठा तो परिजन उन्हें लेकर डीडीपुरम के एक प्राइवेट अस्पताल में आए। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की, जिससे उनके मरीज की मौत हो गई।
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आरोप है कि मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन उनके रुपये एेंठता रहा। डॉक्टरों ने तीन लाख रुपये ऑपरेशन के नाम पर मांगे। जब उन्हाेंने पैसे देने से मना किया तो कुछ देर बाद कह दिया कि मरीज की मौत हो गई है। इससे भड़के परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। अस्पताल के काउंटर पर तोड़फोड़ भी की। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई।
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दामाद सतीश ने बताया कि मरीज को सीने में दर्द की शिकायत थी। वह बराबर परिवार के लोगों से बात भी कर रहे थे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दस हजार रुपये काउंटर पर जमा करने को कहा। इसके कुछ देर बाद दो हजार रुपये दवाइयों के नाम पर ले लिए। फिर कहा कि जांचें होनी हैं, दस हजार रुपये और जमा करो। उन्होंने जमा कर दिए। दोपहर करीब दो बजे परिवार के लोगों ने शिवकुमार से बातचीत की। सतीश ने बताया कि फिर उन लोगों ने रिलीव करने की बात कही। डॉक्टरों ने कहा कि इनका वाल्व खराब हो गया है। अभी तीन लाख रुपये जमा करो इलाज करना पड़ेगा। इस पर परिवार वालों ने कहा कि वह कुछ दिन में पैसे का बंदोबस्त कर इलाज कराएंगे, अभी उनके पास पैसे नहीं हैं। इस पर डॉक्टरों ने कहा कि कुछ देर में रिलीव कर देंगे। सतीश ने बताया कि वह करीब आधा घंटे बाद गए और रिलीव करने की बात कही तो डॉक्टरों ने कहा कि उनकी तो मौत हो गई है। आरोप लगाया कि मरीज की मौत को डॉक्टरों ने उनसे छिपाया। उनके पूछने पर मरीज के मरने की जानकारी उन्हें दी गई। अस्पताल प्रबंधन और रुपये ऐंठना चाहता था। जब उन्हाेंने पैसे देने में असमर्थता जताई तो डॉक्टरों ने कुछ देर बाद कह दिया कि मरीज की मौत हो गई है। आरोप है कि विरोध जताने पर डॉक्टरों ने तीमारदारों के साथ काफी अभद्रता की।
उधर, अस्पताल प्रबंधनका कहना है कि परिवार वालों का आरोप गलत है। मरीज की एंजियोग्राफ ीकराई गई थी। मरीज सीरियस था। परिजनों से कहा गया था कि एंजियोप्लास्टी करनी पड़ेगी। परिजनों के आरोप गलत हैं। मरीज की कराई जांच रिपोर्ट भी उन्हें दी गई है।
इंस्पेक्टर परवीन सिंह का कहना है कि मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था। वह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। परिजनों का बाद में अस्पताल प्रबंधन से समझौता हो गया।
मजदूरी नहीं दी, इलाज के अभाव में मासूम की जान गई
आंवला। भमोरा थानाक्षेत्र के गांव सिरोही निवासी आरिफ खां आंवला स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है। उसका दो साल का बेटा बीमार हो गया। आरोप है कि वह अपनी मजदूरी के रुपये मांगता रहा, लेकिन संचालक ने उसे नहीं दिए, जिसके चलते इलाज के अभाव में उसका बेटा तड़फ-तड़फ कर मर गया। कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी है।
आरिफ ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उसका दो सालका बेटा बीमार चल रहा था। भट्टा संचालक उसे मजदूरी नहीं दे रहा था, जिसके चलते वह अपने बेटे का इलाज भी नहीं करा पा रहा था। नौ फरवरी को उसके बेटे की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो उसने भट्ठा संचालक से अपने रुपये मांगे, लेकिन उसने देने से मना कर दिया। इस दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। आरिफ ने कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी है।