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तलाकशुदा और विधवा महिलाओं के बनेंगे राशन कार्ड
बरेली।
Updated Sun, 07 May 2017 01:07 AM IST
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तलाकशुदा और विधवा महिलाओं के बनेंगे राशन कार्ड
- फोटो : तलाकशुदा और विधवा महिलाओं के बनेंगे राशन कार्ड
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मंडल के चारों जिलों में असली गरीबों को फायदा पहुंचाने के लिए पात्र गृहस्थी परिवार(पीएचएच) के राशन कार्डों के सत्यापन हो रहा है। तहसीलों में एसडीएम की निगरानी में टीमें गांव-गांव जाकर उन घरों पर जा रही हैं, जिनके राशन कार्ड बने हैं। साथ ही उन लोगों का भी पता किया जा रहा है जो वास्तव में इस योजना के दायरे में आते हैं। सर्वे के दौरान जो वास्तविक पात्र होंगे उनके ऑन लाइन आवेदन कराकर राशन कार्ड जारी किए जाएंगे। तलाशशुदा, विधवा महिलाओं के भी नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड बनाए जाएंगे। फर्जी राशन कार्डों को एसडीएम की रिपोर्ट पर खारिज कर दिया है। शहरी इलाके में पीएचएच योजना के तहत 64 फीसदी और ग्रामीण इलाके में 79 फीसदी लोगों को कवर किया जाना है। इस योजना के तहत गरीबों को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल मिलेगा।
मुख्य रूप से इन लोगों के बनेंगे राशन कार्ड
-भिक्षावृत्ति करने वाले, एड्स रोगी, कुष्ठ रोग से प्रभावित
-अनाथ माता-पिता विहीन बच्चे, स्वच्छकार, भूमिहीन मजदूरों के परिवार
-गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले(राजस्व विभाग के प्रमाण पत्र के मुताबिक)
-तलाशशुदा, विधवा, परित्यक्त महिलाएं
-ऐसे परिवार जिनका मुखिया निराश्रित महिला, विकलांग और मानसिक रूप विक्षिप्त है
-ऐसे परिवार जिनमें कोई बालिग पुरुष नहीं है।
-जूते चप्पल की मरम्मत और घरेलू काम करने वाले
-रिक्शा चालक, खोमचे और फेरी लगाने वाले
-दैनिक वेतन भोगी, कुली और पल्लेदार
-ऐसे परिवार जिनके मकान की छत पक्की न हो
-आवासहीन और भूमिहीन परिवार
ऐसे लोगों के राशन कार्ड नहीं बन पाएंगे
- जिनके पास चार पहिया वाहनों में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी, पांच केवीए या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर
-पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले सिंचित किसान, हालांकि यह बुंदेलखंड और सोनभद्र में यह नियम लागू नहीं है।
-ऐसे लोग जिनके पास 100 गज से अधिक का शहरी इलाके में प्लाट है।
-शहरी इलाके में ऐसे परिवार जिनकी सालाना आमदनी 3 लाख रुपये है और ग्रामीण इलाके में 2 लाख रुपये है।
वर्तमान में राशन कार्डों की स्थिति
बरेली-6,65831
शाहजहांपुर-4,74157
बदायूं-4,48870
पीलीभीत-3,8724
कुल 18,97582
राशन कार्डों के बनने में प्रधान और सभासदों का रोल कम हो गया है। सर्वे में लगी टीमें पात्रता देखने के अलावा असली गरीबों का पता करके उनका राशन कार्ड भी बनवाने की कोशिश करेंगी। सरकार का मकसद यह है कि कोई करीब इस योजना का लाभ मिलने से बचने न पाएं। टीमें इसी तरह का प्रयास कर रही हैं-जीपी राय, उपायुक्त खाद्य, बरेली मंडल
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मुख्य रूप से इन लोगों के बनेंगे राशन कार्ड
-भिक्षावृत्ति करने वाले, एड्स रोगी, कुष्ठ रोग से प्रभावित
-अनाथ माता-पिता विहीन बच्चे, स्वच्छकार, भूमिहीन मजदूरों के परिवार
-गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले(राजस्व विभाग के प्रमाण पत्र के मुताबिक)
-तलाशशुदा, विधवा, परित्यक्त महिलाएं
-ऐसे परिवार जिनका मुखिया निराश्रित महिला, विकलांग और मानसिक रूप विक्षिप्त है
-ऐसे परिवार जिनमें कोई बालिग पुरुष नहीं है।
-जूते चप्पल की मरम्मत और घरेलू काम करने वाले
-रिक्शा चालक, खोमचे और फेरी लगाने वाले
-दैनिक वेतन भोगी, कुली और पल्लेदार
-ऐसे परिवार जिनके मकान की छत पक्की न हो
-आवासहीन और भूमिहीन परिवार
ऐसे लोगों के राशन कार्ड नहीं बन पाएंगे
- जिनके पास चार पहिया वाहनों में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी, पांच केवीए या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर
-पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले सिंचित किसान, हालांकि यह बुंदेलखंड और सोनभद्र में यह नियम लागू नहीं है।
-ऐसे लोग जिनके पास 100 गज से अधिक का शहरी इलाके में प्लाट है।
-शहरी इलाके में ऐसे परिवार जिनकी सालाना आमदनी 3 लाख रुपये है और ग्रामीण इलाके में 2 लाख रुपये है।
वर्तमान में राशन कार्डों की स्थिति
बरेली-6,65831
शाहजहांपुर-4,74157
बदायूं-4,48870
पीलीभीत-3,8724
कुल 18,97582
राशन कार्डों के बनने में प्रधान और सभासदों का रोल कम हो गया है। सर्वे में लगी टीमें पात्रता देखने के अलावा असली गरीबों का पता करके उनका राशन कार्ड भी बनवाने की कोशिश करेंगी। सरकार का मकसद यह है कि कोई करीब इस योजना का लाभ मिलने से बचने न पाएं। टीमें इसी तरह का प्रयास कर रही हैं-जीपी राय, उपायुक्त खाद्य, बरेली मंडल
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