मिट गए शिकवे गिले: अदालत में दंपती ने एक-दूसरे को पहनाई माला, सुलह के बाद साथ लौटे घर
शाहजहांपुर के जनपद न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कई मामलों का निरस्तारण हुआ। आपसी समझौते से पति-पत्नी के विवाद भी सुलझ गए।
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शाहजहांपुर में एक-दूसरे की बात न मानने पर दंपती का विवाद फैमिली कोर्ट में पहुंच गया। दो साल तक दूर रहने के बाद शनिवार को लोक अदालत में दंपती का समझौता हो गया। कोर्ट के सामने पति-पत्नी ने एक-दूसरे को माला पहनाई। इसके बाद हंसी-खुशी दंपती घर चले गए।
शनिवार को जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें पिछले दो साल से अलग रह रहे पति-पत्नी पहुंचे। उन्होंने आपसी विवाद को खत्म कर साथ रहने का निर्णय लिया। अदालत में ही दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और गिले शिकवे दूरे किए।
मामला निपटने के बाद हरदोई निवासी कृष्ण कुमार और सरथौली निवासी रूपा ने बताया कि वो एक-दूसरे की बात नहीं मानते थे, जिसकी वजह से अक्सर उनमें विवाद होता था। इसके बाद दोनों ने अलग रहने का फैसला लिया।
'पत्नी की बात मानूंगा'
पत्नी ने रूपा ने पति से गुजारा भत्ता लेने के लिए फैमिली कोर्ट की शरण ली। इस बीच कृष्ण कुमार ने रूपा से साथ रहने और पत्नी की बात को तवज्जो देने का वादा किया। फैमिली कोर्ट से मामला राष्ट्रीय लोक अदालत भेज दिया गया। जिसमें दोनों ने एक दूसरे के साथ रहने निर्णय लेकर घर लौट गए।
इसी तरह से कनेंग निवासी सुनील और उनकी पत्नी सीता ने बताया कि रिश्तेदारों की वजह से आपसी मनमुटाव हो गया। इसके बाद मामला फैमिली कोर्ट में पहुंच गया। कोर्ट में आने से मनमुटाव दूर हो गया। दोनों ने साथ में रहने का फैसला लिया। इसके बाद घर चले गए।
जिला न्यायाधीश ने किया शुभारंभ
जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश भानु देव शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप जलाकर किया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय परिषद में जिला कारागार तथा राजकीय बाल गृह बालक की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। जिला न्यायाधीश में न्यायालय परिसर में बैंकों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया।
उनसे संबंधित मामलों की जानकारी ली। निर्देशित किया कि बैंक के लेनदेन से जुड़े सभी मामलों को लोक अदालत में निस्तारित करने का प्रयास किया जाए, जिससे वादकारियों को न्यायालयों का चक्कर न लगाना पड़े। उन्होंने मोटर क्लेम, फौजदारी, प्री लिटिगेशन आदि से जुड़े अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण कराने के लिए निर्देश दिए।