UP News: बर्खास्त सिपाही महिलाओं से मुकदमे लिखवाकर करता था वसूली, वकील पत्नी करती थी कानूनी मदद
बरेली में भमोरा थाना पुलिस ने बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा, उसकी वकील पत्नी कृतिका शर्मा और गुर्गे ओमवीर को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर रंगदारी व अवैध वसूली के आरोप में कई मामले दर्ज हैं। सुरकेश शर्मा हिस्ट्रीशीटर है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
विस्तार
बरेली में आपराधिक छवि व समाज विरोधी हरकतों की वजह से बर्खास्त हुए सिपाही सुरकेश शर्मा के मोबाइल फोन से भमोरा थाना पुलिस को कई साक्ष्य मिले हैं। गांव की राजनीति करना, महिलाओं को आगे करके मुकदमे कराना, फिर वसूली करना उसका धंधा बन चुका था। पुलिस ने उच्चाधिकारियों को स्थिति बताई तो उस पर शिकंजा कसा जा सका। भमोरा थाना पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी सुरकेश, उसकी पत्नी कृतिका शर्मा और साथी ओमवीर को गिरफ्तार कर लिया।
सुरकेश शर्मा उप्र पुलिस का चर्चित सिपाही रहा है। उसके खिलाफ 17 मुकदमे पहले से दर्ज हैं, अब 18वां मामला भमोरा थाने में दर्ज हुआ है। चंदौली जिले में तैनाती के दौरान काफी समय से लापता रहने व आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने पर उसे पहले निलंबित और फिर बर्खास्त कर दिया गया। सुरकेश के बारे में बताया जाता है कि तैनाती भले ही किसी जिले में रही हो पर उसकी सक्रियता बरेली में रहती थी।
तैनाती के तत्काल बाद ही वर्ष 2024 में एसएसपी अनुराग आर्य ने सुरकेश पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। कुछ समय पहले इनाम की धनराशि 25 हजार रुपये कर दी गई थी। इसके बावजूद सुरकेश न तो पुलिस के हाथ आया, न ही उसने अपनी सक्रियता कम की।
वकील पत्नी कर रही थी कानूनी मदद
ममता की ओर से 24 अप्रैल को दर्ज कराए गए मुकदमे में वकील व अन्य ग्रामीण आरोपी बनाए गए थे। इसमें समझौते के नाम पर व्हाट्सएप पर रंगदारी मांगी जा रही थी। पुलिस ने जब सुरकेश का फोन कब्जे में लिया तो व्हाट्सएप कॉल व अन्य रिकॉर्ड मिल गए। पुलिस के मुताबिक, यह भी स्पष्ट हुआ कि सुरकेश की वकील पत्नी कृतिका शर्मा भी अवैध गतिविधियों में पति की कानूनी मदद कर रही थी।
सिपाही से बी क्लास हिस्ट्रीशीटर बना सुरकेश
बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा का नाम सप्ताहभर पहले उस समय सुर्खियों में आया जब पुलिस ने उसकी क्लास-बी हिस्ट्रीशीट खोली। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ रंगदारी, हत्या की कोशिश, अपहरण, मारपीट, धमकी, पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि कोई अपराधी भले ही पहले पुलिस विभाग का अंग रहा हो, लेकिन उसके कृत्यों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
आरोपी महिला वकील की गिरफ्तारी पर हंगामा
रंगदारी, संगठित अपराध समेत संगीन धाराओं में आरोपी महिला अधिवक्ता कृतिका शर्मा की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को एसीजेएम (जूनियर डिवीजन) विनेश कुमार की अदालत में तीन घंटे तक वकीलों ने हंगामा किया। पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, कोर्ट ने जमानत अर्जी निरस्त करते हुए कृतिका को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
वकीलों ने आरोप लगाया कि महिला अधिवक्ता को पहले उनके भमोरा थाना क्षेत्र के गांव लंगूरा स्थित घर से उठाया गया और बाद में एफआईआर दर्ज की गई। बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडेय, संयुक्त सचिव प्रकाशन शांतनु मिश्रा, कोषाध्यक्ष धर्मवीर सिंह, नरेंद्र मिश्रा समेत काफी संख्या में वकील महिला अधिवक्ता की जमानत की पैरवी के लिए कोर्ट पहुंच गए।
पुलिस अफसरों से वकीलों की हुई तकरार
वकीलों के गुस्से को देखते हुए पर्याप्त फोर्स बुला ली गई। कृतिका के वकील की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई। इसके बाद कोर्ट ने भमोरा थानेदार को भी तलब किया, लेकिन वह अदालत नहीं पहुंचे। बाद में सीओ आशुतोष शिवम, इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह कोर्ट पहुंचे तो उनसे वकीलों की तकरार हुई।
तीन घंटे तक चली खींचतान के बाद अदालत ने कृतिका शर्मा की जमानत याचिका निरस्त करते हुए उनको न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। बचाव पक्ष का कहना है कि शनिवार को सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। पूरे प्रकरण में पुलिस ने मनमाने ढंग से एकपक्षीय कार्रवाई की है।
कोर्ट के अंदर वकीलों की भीड़ और लगातार हो रहे हंगामे के कारण कोर्ट का कामकाज पूर्वाह्न 3:30 से 6:30 बजे तक प्रभावित रहा। भमोरा पुलिस कृतिका को लेकर कोर्ट पहुंचती, इससे पहले ही वकीलों को इस बारे में पता लग चुका था। भमोरा के एसीजेएम (कोर्ट संख्या-तीन) के अवकाश पर होने के कारण उनको कोर्ट संख्या-दो में पेश किया गया। शाम 6:30 बजे के बाद उसको जेल भेज दिया गया।
बचाव पक्ष ने दिया सीसी कैमरों की फुटेज का हवाला
बचाव पक्ष ने महिला अधिवक्ता की जमानत के समर्थन में सीसी कैमरों की फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि एसओजी और सुभाषनगर पुलिस ने महिला अधिवक्ता समेत तीन लोगों को बृहस्पतिवार दोपहर 1:15 बजे उनके घर से उठाने के बाद भमोरा पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
इसके बाद रात में अंकुर मिश्रा उर्फ प्रभात को थाने बुलाकर 11 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। तीनों लोगों को रातभर गैर कानूनी तरीके से हवालात में रखा और शुक्रवार सुबह उनकी गिरफ्तारी दिखा दी। कृतिका के घर में लगे सीसी कैमरों में पुलिस की हरकत कैद है।