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Bareilly News: बस स्टैंड...गंदगी के अड्डे पर परोसी जा रहीं बीमारियां

Sat, 07 Oct 2023 02:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sat, 07 Oct 2023 02:01 AM IST
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Diseases being served at the bus stand...a place of filth
बरेली। सेटेलाइट और पुराने रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को खाद्य पदार्थों के साथ बीमारियां परोसी जा रही हैं। गंदगी से बजबजा रहे नाले के ऊपर ही पराठा, समोसा, चाय-पकौड़ी आदि पदार्थ परोसे जाते हैं। परिसर में लगने वाले ठेले-खोमचे एक कैंटीन की आड़ में अवैध रूप से चल रहे हैं।
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पुराना रोडवेज और सेटेलाइट बस अड्डा पर सामान्य दिनों में रोजाना 30 हजार से ज्यादा यात्रियों का रोडवेज बसों से आवागमन होता है। अकेले सेटेलाइट बस स्टैंड पर रोजाना करीब 16 हजार यात्रियों जाना-जाना होता है। यह आंकड़ा सिर्फ रोडवेज बसों के यात्रियों का है। चार राज्यों की 90 से ज्यादा डिपो की 24 घंटे में करीब 369 बसें यहां आती-जाती हैं।
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सेटेलाइट बस अड्डा पर एक अधिकृत कैंटीन है। हालांकि, कैंटीन संचालक अनुबंध की शर्तों से ज्यादा स्थान पर कब्जा रखता है। इसी तरह बस अड्डा परिसर में अमूल मिल्क पार्लर भी है। यहां डेयरी उत्पाद के अलावा अन्य सामान भी बेचे जाते हैं। इसके चारों ओर ठेला-खोमचे लगाकर अतिक्रमण कर लिया है। यहां लंबे समय से नाले की सफाई नहीं हुई है।
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लगभग यही हालात पुराना रोडवेज बस अड्डा के बाहर है। यहां भी परिसर के बाहर यात्रियों को दूषित खाद्य पदार्थ दिए जाते हैं। गौर करने की बात यह है कि गर्मियों में नकली पेय पदार्थ और बोतलबंद पानी की बिक्री का रैकेट सेटेलाइट बस अड्डा से लेकर जंक्शन तक यहीं से चलता है।



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बोतलबंद पानी बेचने के लिए कबाड़ कर दिया वाटर एटीएम
सेटेलाइट बस अड्डे पर यात्रियों के लिए शुद्ध शीतल पेयजल के लिए रोडवेज की ओर से वाटर एटीएम लगाया था। कुछ लोगों ने बोतलबंद पानी की बिक्री करने के लिए वाटर एटीएम को ही खराब कर दिया। प्रमुख सचिव परिवहन एल वेंकटेश्वर लू के बरेली दौरे के दौरान भी जिम्मेदार अधिकारी अव्यवस्थाओं पर पर्दा डालने में कामयाब रहे थे।






नियमों का पालन नहीं करा रहे जिम्मेदार
नियमानुसार खाद्य पदार्थ बेचने वाले लोगों का पंजीकरण जरूरी है। 12 लाख रुपये से अधिक वार्षिक टर्नओवर वाले दुकानदारों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। जिले में सिर्फ 15,169 ठेला-खोमचा वालों के ही पंजीकरण हैं। 12 लाख रुपये से अधिक का टर्नओवर करने वाले ढाबा, रस्टोरेंट आदि के 3,514 लाइसेंस हैं। हालांकि, दोनों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का निगरानी करना खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जिम्मेदारी है। जिला अभिहीत अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव स्वीकारते हैं कि सेटेलाइट और पुराना बस स्टैंड के आसपास ठेला-खोमचा लगारने वालों पर पंजीकरण नहीं हैं। जल्द ही वहां सैंपलिंग कराई जाएगी।


सेटेलाइट बस अड्डे पर नाले के ऊपर लगने वाले ठेला-खोमचा वालों को हटवाने के लिए नगर निगम को लिखा गया है। यात्रियों को गुणवत्तायुक्त खाने-पीने का सामान मिले इसके लिए एफएसडीए को भी लिखा जाएगा। कैंटीन संचालक को सख्ती के साथ नियमों का पालन करना ही होगा। - अरुण कुमार वाजपेयी, एआरएम, रुहेलखंड डिपो
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