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Bareilly News: सीबीआई अधिकारी बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, दस लाख ठगे
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बरेली। शहर के एक व्यक्ति को पार्सल में गैरकानूनी सामान थाईलैंड भेजने की बात कहकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद उनसे दस लाख रुपये खाते में डलवाए गए। जब तक रुपये खाते में नहीं पड़े, तब तक उनको कैमरे के सामने से हटने नहीं दिया गया।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के अग्रसेन नगर निवासी प्रमोद कुमार राठौर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 24 अप्रैल को सुबह उनके पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह डिलीवरी करने वाली कंपनी से बोल रहा है। कहा कि उनके नाम, आधार नंबर व फोन से एक पार्सल मुंबई से थाईलैंड के लिए बुक हुआ है। इस पार्सल को रोक लिया गया है। पार्सल में गैरकानूनी सामान है। प्रमोद ने बताया कि उन्होंने कोई पार्सल नहीं भेजा है। तब ठग ने कहा कि इसकी रिपोर्ट मुंबई क्राइम ब्रांच में दर्ज करानी होगी। इसके बाद उसने मुंबई क्राइम ब्रांच व सीबीआई से बात कराने की बात कहते हुए कॉल ट्रांसफर कर दी।
दूसरी तरफ से बात करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उन्हें वीडियो कॉल पर अपना बयान रिकाॅर्ड कराना होगा। इसके लिए स्काइप मोबाइल एप ज्वाइन करने को कहा। इसके बाद वीडियो कॉलिंग के जरिये बातचीत होने लगी। खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले ने प्रमोद से कहा कि उनके ऊपर मनी लॉन्डि्रंग, ड्रग्स स्मगलिंग, ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले दर्ज हैं।
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पूछताछ के नाम पर उन्हें डराया और धमकाया गया। उनके बैंक खातों की जानकारी ली गई। बताया गया कि उनके खातों में पड़ी रकम की जांच की जाएगी। इसके लिए दस लाख रुपये आरबीआई द्वारा खोले गए सर्विलांस एकाउंट में डालने होंगे। प्रमोद ने डर के कारण दस लाख रुपये बताए गए खाते में डाल दिए। 24 अप्रैल को सुबह 8:38 से 25 अप्रैल को सुबह 10 बजे तक प्रमोद डिजिटल अरेस्ट रहे। इस दौरान उन्हें किसी से बात नहीं करने दी गई।
कहा गया कि अगर कैमरे के सामने से हटे तो सीबीआई गिरफ्तार करने पहुंच जाएगी। दो देशों के बीच तस्करी का मामला बताकर उन्हें डराया व धमकाया गया। रुपये डालने के बाद जब प्रमोद ने उस नंबर पर कई बार कॉल की, लेकिन वह रिसीव नहीं हुई। छानबीन में पता चला कि उन्हें ठगा गया है। इस पर उन्होंने साइबर थाने में तहरीर दी। संवाद
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मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जिस खाते में रुपये भेजे गए हैं, उसका स्टेटमेंट मांगा गया है। छानबीन की जा रही है। लोग भी जागरूक रहें। - अनिल कुमार, प्रभारी निरीक्षक, साइबर थाना
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इज्जतनगर थाना क्षेत्र के अग्रसेन नगर निवासी प्रमोद कुमार राठौर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 24 अप्रैल को सुबह उनके पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह डिलीवरी करने वाली कंपनी से बोल रहा है। कहा कि उनके नाम, आधार नंबर व फोन से एक पार्सल मुंबई से थाईलैंड के लिए बुक हुआ है। इस पार्सल को रोक लिया गया है। पार्सल में गैरकानूनी सामान है। प्रमोद ने बताया कि उन्होंने कोई पार्सल नहीं भेजा है। तब ठग ने कहा कि इसकी रिपोर्ट मुंबई क्राइम ब्रांच में दर्ज करानी होगी। इसके बाद उसने मुंबई क्राइम ब्रांच व सीबीआई से बात कराने की बात कहते हुए कॉल ट्रांसफर कर दी।
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दूसरी तरफ से बात करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उन्हें वीडियो कॉल पर अपना बयान रिकाॅर्ड कराना होगा। इसके लिए स्काइप मोबाइल एप ज्वाइन करने को कहा। इसके बाद वीडियो कॉलिंग के जरिये बातचीत होने लगी। खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले ने प्रमोद से कहा कि उनके ऊपर मनी लॉन्डि्रंग, ड्रग्स स्मगलिंग, ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामले दर्ज हैं।
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पूछताछ के नाम पर उन्हें डराया और धमकाया गया। उनके बैंक खातों की जानकारी ली गई। बताया गया कि उनके खातों में पड़ी रकम की जांच की जाएगी। इसके लिए दस लाख रुपये आरबीआई द्वारा खोले गए सर्विलांस एकाउंट में डालने होंगे। प्रमोद ने डर के कारण दस लाख रुपये बताए गए खाते में डाल दिए। 24 अप्रैल को सुबह 8:38 से 25 अप्रैल को सुबह 10 बजे तक प्रमोद डिजिटल अरेस्ट रहे। इस दौरान उन्हें किसी से बात नहीं करने दी गई।
कहा गया कि अगर कैमरे के सामने से हटे तो सीबीआई गिरफ्तार करने पहुंच जाएगी। दो देशों के बीच तस्करी का मामला बताकर उन्हें डराया व धमकाया गया। रुपये डालने के बाद जब प्रमोद ने उस नंबर पर कई बार कॉल की, लेकिन वह रिसीव नहीं हुई। छानबीन में पता चला कि उन्हें ठगा गया है। इस पर उन्होंने साइबर थाने में तहरीर दी। संवाद
मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जिस खाते में रुपये भेजे गए हैं, उसका स्टेटमेंट मांगा गया है। छानबीन की जा रही है। लोग भी जागरूक रहें। - अनिल कुमार, प्रभारी निरीक्षक, साइबर थाना