{"_id":"65da570a1155eaae0f0c0256","slug":"digital-arrest-is-a-new-way-of-blackmailing-bareilly-news-c-4-1-bly1034-351533-2024-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: ब्लैकमेल करने का नया तरीका है डिजिटल अरेस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: ब्लैकमेल करने का नया तरीका है डिजिटल अरेस्ट
Sun, 25 Feb 2024 02:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 25 Feb 2024 02:22 AM IST
विज्ञापन
बरेली। डिजिटल अरेस्ट ब्लैकमेल करने का नया तरीका है। साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह के मुताबिक डिजिटल अरेस्ट स्कैम के शिकार वह लोग होते हैं जो अधिक पढ़े-लिखे और कंप्यूटर फ्रेंडली होते हैं। डिजिटल अरेस्ट का मतलब है कि कोई आपको ऑनलाइन धमकी देकर वीडियो कॉलिंग के जरिए आप पर नजर रख रहा है। अक्सर डिजिटल अरेस्ट के दौरान साइबर ठग खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को धमकाते और अपना शिकार बनाते हैं। कई बार डिजिटल अरेस्ट करने वाले ठग फोन करके कहते हैं कि वे पुलिस डिपार्टमेंट या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से बात कर रहे हैं। ये कहते हैं कि आपके पैन और आधार का इस्तेमाल करते हुए तमाम चीजें खरीदी गई हैं या मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। वे वीडियो कॉल करते हैं और सामने बैठे रहने के लिए कहते हैं। इस दौरान किसी से बात करने, मेसेज करने और मिलने की इजाजत नहीं होती। जमानत के नाम पर लोगों से रुपये भी मांगे जाते हैं।
निगरानी के दौरान सिर्फ जरूरी कॉल करने दी
छात्रा ने बताया कि साइबर ठगों ने दो दिन तक उसे निगरानी में रखा। पूरे समय उसके लैपटॉप की स्क्रीन खुली रही। वह अपने हॉस्टल के कमरे में बंद रही। स्क्रीन के सामने बैठकर केवल जरूरी कॉल रिसीव करने दी गईं। फ्रेश होने या कुछ बनाने, खाने को जाते वक्त मोबाइल स्क्रीन के सामने रखकर जाना पड़ा। वह इतनी घबरा गई थी कि अपने साथ हो रही धोखाधड़ी को समझ ही न सकी। साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह के अनुसार टीम मामले की पड़ताल में जुटी है।
विज्ञापन
निगरानी के दौरान सिर्फ जरूरी कॉल करने दी
छात्रा ने बताया कि साइबर ठगों ने दो दिन तक उसे निगरानी में रखा। पूरे समय उसके लैपटॉप की स्क्रीन खुली रही। वह अपने हॉस्टल के कमरे में बंद रही। स्क्रीन के सामने बैठकर केवल जरूरी कॉल रिसीव करने दी गईं। फ्रेश होने या कुछ बनाने, खाने को जाते वक्त मोबाइल स्क्रीन के सामने रखकर जाना पड़ा। वह इतनी घबरा गई थी कि अपने साथ हो रही धोखाधड़ी को समझ ही न सकी। साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह के अनुसार टीम मामले की पड़ताल में जुटी है।
विज्ञापन