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Bareilly News: डीआईजी ने अदा नहीं किए 3.22 लाख रुपये, हाईकोर्ट ने डीएम से मांगा जवाब; जानें पूरा मामला

Fri, 25 Jul 2025 12:58 PM IST
मुकेश कुमार निर्मल पांडेय, संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
निर्मल पांडेय, संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 25 Jul 2025 12:58 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने पांच अगस्त को डीएम को स्पष्टीकरण समेत न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट का पत्र मिलते ही डीएम ने एसडीएम सदर को पुलिस विभाग से संबंधित धनराशि सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ वसूलने का आदेश दिया है।

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DIG did not pay three lakhs and 22 thousadn rupees High Court sought answer from DM Bareilly
डीएम अविनाश सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विमला देवी बनाम पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) बरेली मामले में मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण से पारित आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देना पुलिस को महंगा पड़ गया है। अब हाईकोर्ट ने पांच अगस्त को डीएम को स्पष्टीकरण समेत न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है। 21 जुलाई को हाईकोर्ट का पत्र मिलते ही डीएम अविनाश सिंह ने एसडीएम सदर को पुलिस विभाग से संबंधित धनराशि (3.22 लाख रुपये) सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ वसूलने का आदेश दिया है। 

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एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने भी बुधवार को ही एसएसपी/डीआईजी को पत्र लिखकर कहा है कि वसूली प्रक्रिया के तहत आरसी जारी हुई थी, लेकिन न तो धनराशि जमा की गई, न ही कोई स्थगन आदेश प्रस्तुत किया गया। 
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ऐसी स्थिति में चल संपत्ति की कुर्की का अधिपत्र भी जारी किया जा चुका है। इस संबंध में भी तहसील स्तर से कई पत्र भेजे गए, लेकिन धनराशि जमा नहीं की गई। धनराशि शीघ्र जमा करा दें, ताकि हाईकोर्ट से डीएम को जारी पत्र के अनुपालन में की गई कार्रवाई की जानकारी न्यायालय को दी जा सके। 

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अभिकरण ने सीज कर दिया था डीआईजी का खाता 
बताया जा रहा है कि शासन/पुलिस विभाग ने अभिकरण के आदेश को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में चुनौती दी थी। फिर प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन बताकर याची विमला देवी को भुगतान करने से इन्कार कर दिया था। इस पर तीन सितंबर 2024 को अभिकरण ने डीआईजी के बैंक खाते को सीज कर दिया था। इस खाते को चालू कराने के संबंध में अभिकरण में पैरवी के लिए एसएसपी ने 18 नवंबर 2024 को जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) पुरुषोत्तम सिंह को पत्र लिखा था।

वीरावती को भी नहीं किया 4.58 लाख का भुगतान
वीरावती की याचिका पर भी दो अप्रैल 2013 को फैसला आया था। इसमें कहा गया था कि डीआईजी वीरावती को 4.58 लाख रुपये अदा करें, पर अभी तक ऐसा नहीं किया गया। अभिकरण के पीठासीन अधिकारी क्षितिज कुमार श्रीवास्तव ने 21 जुलाई को डीएम को पत्र लिखकर कहा है कि क्षतिपूर्ति की धनराशि याचिका प्रस्तुत करने की तिथि से प्रतिकर भुगतान  तक सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से वसूलकर अभिकरण में जमा कराएं।

डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि प्रकरण मेरे संज्ञान में नहीं है। न ही इस संबंध में मेरे सामने कोई पत्र आया है। फिर भी इसकी जानकारी कर आदेश का अनुपालन कराएंगे। 

यह है मामला
मीरगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत पिपरिया मुस्तकीम के गांव छोटी पिपरिया निवासी नंदराम और चनेहटा के पप्पू सस्ते गल्ले के विक्रेता थे। वर्ष 2009 में दोनों बाइक से बरेली से घर लौट रहे थे। पप्पू का नाबालिग बेटा भी बाइक पर सवार था। फतेहगंज पश्चिमी के पास ठिरिया मोड़ पर डीआईजी की गाड़ी से बाइक में टक्कर हो गई थी। 

हादसे में बाइक सवार तीनों लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद नंदराम की पत्नी विमला देवी और पप्पू की पत्नी वीरावती ने मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण में 20 अक्तूबर 2009 को याचिका दाखिल की थी। इस पर वर्ष 2013 में निर्णय आया। इसके बावजूद पीड़ित पक्ष क्लेम पाने के लिए संर्घषरत है। क्लेम की अदायगी नहीं होने पर पीठासीन अधिकारी क्षितिज कुमार श्रीवास्तव ने चार जनवरी 2024 को आरसी जारी की थी।
 

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