फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Coronavirus: Diesel-petrol price in India came down

कोरोना से चीन थर्राया तो भारत में भी डीजल-पेट्रोल का दाम नीचे आया

Thu, 12 Mar 2020 08:33 PM IST
बरेली ब्यूरो बरेली ब्यूरो
बरेली ब्यूरो Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 12 Mar 2020 08:33 PM IST
विज्ञापन
Coronavirus: Diesel-petrol price in India came down
कोरोनावायरस के खौफ से लोग मास्क पहनकर घूम रहे हैं - फोटो : अमर उजाला

कोरोना की विनाशलीला में घिरे चीन पर क्या बीत रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे देश में पेट्रोलियम पदार्थों की खपत आधी से भी कम रह गई है। कोरोना जिन दूसरे देशों की ओर बढ़ रहा है, वहां भी पेट्रोलियम पदार्थों की खपत पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। नतीजा यह है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में खलबली मचने के साथ दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें टूटने लगी हैं। लगातार कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट की वजह से भारत में भी डीजल-पेट्रोल के दाम में चार-पांच रुपये और घरेलू गैस के रेट में 53 रुपये की बड़ी गिरावट हुई है।

विज्ञापन

चीन को कोरोना ने अपनी चपेट में दो महीने पहले लिया था और फिर ये इतनी तेजी से फैला कि हजारों लोगों की जान लेकर पूरे देश को हिला दिया। चीन की सीमाओं से निकलकर अब कोरोना दूसरे देशों की तरफ बढ़ चला है। दुनिया के सौ से ज्यादा देशों में कोरोना के केस मिल चुके हैं और यह आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना का संक्रामकता के खतरे को देखते हुए इससे प्रभावित देशों में सबसे ज्यादा असर हर किस्म के यातायात पर पड़ रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों के सूत्रों के मुताबिक चीन में सड़क और हवाई यातायात घटकर आधे से भी कम रह गया है लिहाजा वहां पेट्रोलियम पदार्थों की खपत भी काफी कम हो गई है।

विज्ञापन


कोरोना से प्रभावित चीन के शहरों में तमाम उद्योगों पर भी ताला पड़ चुका है। चीन खुद भी पेट्रोलियम पदार्थों का उत्पादक देश है, लेकिन यातायात बंद होने की वजह से उसकी रिफाइनरियों से तेल की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है। इससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता मांग से काफी ज्यादा बढ़ गई है। इसी वजह से भारत समेत कई देशों में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत में खपत कम न होने के बावजूद 4 से 5 रुपये सत्ता हुआ डीजल-पेट्रोल

पेट्रोलियम कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक भारत में डीजल-पेट्रोल की कीमतों में पिछले एक साल के दौरान कभी 10 तो कभी 20 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि का सिलसिला लगातार बना रहा लेकिन दो महीने पहले जनवरी में चीन में कोरोना वायरस की शुरुआत होने के साथ से इस पर लगाम लगनी शुरू हो गई। पेट्रोलियम कंपनियों के अफसरों ने बताया कि चीन में तेल की खपत आधी से भी कम रह जाने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार गिर रही हैं। भारत में खपत कम न होने के बावजूद पिछले दो महीने में ही डीजल और पेट्रोल चार से पांच रुपये तक सस्ता हुआ है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की भी कीमत 53 रुपये कम हो गई है।

पेट्रोलियम कंपनियों के मुताबिक जिस तरह कोरोना की दहशत पूरी दुनिया में फैल रही है, उसे देखते हुए डीजल-पेट्रोल के दाम गिरने का सिलसिला जारी रहने के आसार साफ दिखाई दे रहे हैं। पेट्रोलियम कंपनियों के अफसरों ने बताया कि बरसात के मौसम में वैसे भी डीजल की मांग में काफी कमी आती है। वजह यह है कि इन दिनों में ट्रांसपोर्ट काफी हद तक कम हो जाता है और बारिश से पर्याप्त पानी मिल जाने की वजह से किसानों की भी डीजल की जरूरत न के बराबर रह जाती है। जनवरी में भी अच्छी-खासी बारिश होने से सिंचाई के लिए डीजल की मांग काफी कम रही लेकिन फरवरी और मार्च की औसत खपत में कोई कमी नहीं आई है।


पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गुप्ता का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कोरोना वायरस फैलने का काफी असर पड़ा है। इसी वजह से डीजल-पेट्रोल-गैस के दाम भी गिरने लगे हैं और इसमें अभी और गिरावट होने की संभावना है। ग्राहकों को इसका फायदा मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed