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Bareilly News: बरेली जेल से धनंजय रिहा, जौनपुर के लिए रवाना
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बरेली। जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह बुधवार सुबह आठ बजे सेंट्रल जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आने के बाद धनंजय ने कहा कि उन्हें फर्जी मुकदमे में सजा हुई है। पत्नी चुनाव लड़ रही हैं, इसलिए यहां से सीधे अपने लोकसभा क्षेत्र में जाऊंगा। इसके बाद वह जौनपुर के लिए रवाना हो गए। बता दें कि धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी जौनपुर संसदीय सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।
27 अप्रैल को जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बरेली सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। यहां धनंजय को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। धनंजय सिंह को जिस दिन बरेली लाया जा रहा था, उसी दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन सजा पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था। मंगलवार शाम को जौनपुर जिला जेल के अधीक्षक एसके पांडेय ने रिहाई का परवाना रेडियो मैसेंजर के जरिये बरेली सेंट्रल जेल को भेजा। इसके बाद बुधवार सुबह आठ बजे धनंजय को रिहा कर दिया गया।
977 के काफिले से लौटे जौनपुर
धनंजय सिंह सुबह 8:12 बजे जेल के गेट से बाहर निकले तो वहां पूरी तैयारी हो चुकी थी। बाहर उनकी गाड़ियों का काफिला तैयार था। सभी गाड़ियों का आखिरी नंबर 977 था। पांच मिनट पत्रकारों से बातचीत करने के बाद धनंजय काफिले के साथ जौनपुर के लिए निकल गए। बताते हैं कि रिहाई पर 40 किलो लड्डू भी बांटे गए।
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अपहरण व रंगदारी के मामले में हुई है सात साल की सजा
धनंजय सिंह को अपहरण व रंगदारी के मामले में सात मार्च को सात साल की सजा सुनाई गई थी। अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को जौनपुर के लाइन बाजार थाने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत दो के खिलाफ अपहरण व रंगदारी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। अदालत ने दो अप्रैल 2022 को धनंजय व सहयोगी पर आरोप तय किया था। 130 तारीखों की सुनवाई के बाद पांच मार्च 2023 को धनंजय समेत दो को दोषी पाया गया। इसके बाद सात मार्च को सजा सुनाई गई।
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27 अप्रैल को जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बरेली सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। यहां धनंजय को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। धनंजय सिंह को जिस दिन बरेली लाया जा रहा था, उसी दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन सजा पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था। मंगलवार शाम को जौनपुर जिला जेल के अधीक्षक एसके पांडेय ने रिहाई का परवाना रेडियो मैसेंजर के जरिये बरेली सेंट्रल जेल को भेजा। इसके बाद बुधवार सुबह आठ बजे धनंजय को रिहा कर दिया गया।
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977 के काफिले से लौटे जौनपुर
धनंजय सिंह सुबह 8:12 बजे जेल के गेट से बाहर निकले तो वहां पूरी तैयारी हो चुकी थी। बाहर उनकी गाड़ियों का काफिला तैयार था। सभी गाड़ियों का आखिरी नंबर 977 था। पांच मिनट पत्रकारों से बातचीत करने के बाद धनंजय काफिले के साथ जौनपुर के लिए निकल गए। बताते हैं कि रिहाई पर 40 किलो लड्डू भी बांटे गए।
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अपहरण व रंगदारी के मामले में हुई है सात साल की सजा
धनंजय सिंह को अपहरण व रंगदारी के मामले में सात मार्च को सात साल की सजा सुनाई गई थी। अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को जौनपुर के लाइन बाजार थाने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत दो के खिलाफ अपहरण व रंगदारी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। अदालत ने दो अप्रैल 2022 को धनंजय व सहयोगी पर आरोप तय किया था। 130 तारीखों की सुनवाई के बाद पांच मार्च 2023 को धनंजय समेत दो को दोषी पाया गया। इसके बाद सात मार्च को सजा सुनाई गई।