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शिवालयों में कल गूंजेंगे बम-बम भोले के उद्घोष
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 13 Feb 2018 01:06 AM IST
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lord shiva
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शहर के प्रमुख शिवालयों में महाशिवरात्रि 14 फरवरी को मनाई जाएगी। इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। साज-सज्जा का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। भक्त 13 फरवरी की रात 12 बजे के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक शुरू कर देंगे और इसके साथ ही शिवालय बम-बम भोले के उद्घोष से गूंजने लगेंगे।
महाशिवरात्रि को लेकर इस बार विद्वानों में मतभेद है। आचार्य मुकेश मिश्रा के अनुसार 13 फरवरी को रात 10:34 मिनट से चतुर्दशी तिथि लग जाएगी, जो बुधवार 14 फरवरी को रात 12:47 तक रहेगी। आचार्य रमाकांत दीक्षित ने बताया, लिंग पुराण और ईशान संहिता के अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि मनाई जानी चाहिए, जो 14 फरवरी को है। इसी को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों में रंगरोगन का काम पूरा हो चुका है। सजावट जारी है।
प्रमुख शिवालय बाबा अलखनाथ मंदिर में पर्व की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। यहां महाशिवरात्रि 14 फरवरी को है। श्रीमहंत लक्ष्मण भारती ने बताया 13 फरवरी की रात 12 बजे के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे, क्योंकि यहां रात से ही भक्तों की लाइनें लग जाती हैं। कैंट के प्राचीन धोपेश्वर नाथ मंदिर के महंत शिवानंद गिरि ने बताया कि मंदिर के कपाट मंगलवार रात खुल जाएंगे। यहां, संगीतमय शिवलिंग पार्थिव पूजन होगा। इसी तरह से बाबा त्रिवटी नाथ मंदिर, बाबा वनखंडी नाथ मंदिर, बाईपास रोड स्थित पशुपति नाथ मंदिर, मढ़ीनाथ और बाबा तपेश्वर नाथ मंदिर, हरिमंदिर आदि के कपाट भोर में खोल दिए जाएंगे।
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ऐसे करें पूजन
गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शर्करा, गन्ने का रस, सुगंधित तरल पदार्थों से शिवलिंग को स्नान कराएं। वस्त्र, चंदन, रोली आदि से श्रंगार करें। विल्वपत्र, भांग, धतूरा, शमी पत्र, आक के फूल, चढ़ाएं। नैवेध और फल अर्पित करें। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प योग या पितृ दोष हो वह चांदी के सर्प का जोड़ा ओर काले तिल अवश्य चढ़ाएं। पुरुष ऊं नम: शिवाय और महिलाएं शिवाय नम: का जाप करें।
श्री बांके बिहारी मंदिर में महाशिवरात्रि आज
श्री बांके बिहारी मंदिर में महाशिवरात्रि मंगलवार को मनाई जाएगी। कमेटी के विजय बंसल और मीडिया प्रभारी जगदीश भाटिया ने बताया कि महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए भोर में खोल दिए जाएंगे। सुबह से ही भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन शुरू हो जाएगा।
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महाशिवरात्रि को लेकर इस बार विद्वानों में मतभेद है। आचार्य मुकेश मिश्रा के अनुसार 13 फरवरी को रात 10:34 मिनट से चतुर्दशी तिथि लग जाएगी, जो बुधवार 14 फरवरी को रात 12:47 तक रहेगी। आचार्य रमाकांत दीक्षित ने बताया, लिंग पुराण और ईशान संहिता के अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि मनाई जानी चाहिए, जो 14 फरवरी को है। इसी को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों में रंगरोगन का काम पूरा हो चुका है। सजावट जारी है।
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प्रमुख शिवालय बाबा अलखनाथ मंदिर में पर्व की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। यहां महाशिवरात्रि 14 फरवरी को है। श्रीमहंत लक्ष्मण भारती ने बताया 13 फरवरी की रात 12 बजे के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे, क्योंकि यहां रात से ही भक्तों की लाइनें लग जाती हैं। कैंट के प्राचीन धोपेश्वर नाथ मंदिर के महंत शिवानंद गिरि ने बताया कि मंदिर के कपाट मंगलवार रात खुल जाएंगे। यहां, संगीतमय शिवलिंग पार्थिव पूजन होगा। इसी तरह से बाबा त्रिवटी नाथ मंदिर, बाबा वनखंडी नाथ मंदिर, बाईपास रोड स्थित पशुपति नाथ मंदिर, मढ़ीनाथ और बाबा तपेश्वर नाथ मंदिर, हरिमंदिर आदि के कपाट भोर में खोल दिए जाएंगे।
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ऐसे करें पूजन
गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शर्करा, गन्ने का रस, सुगंधित तरल पदार्थों से शिवलिंग को स्नान कराएं। वस्त्र, चंदन, रोली आदि से श्रंगार करें। विल्वपत्र, भांग, धतूरा, शमी पत्र, आक के फूल, चढ़ाएं। नैवेध और फल अर्पित करें। जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प योग या पितृ दोष हो वह चांदी के सर्प का जोड़ा ओर काले तिल अवश्य चढ़ाएं। पुरुष ऊं नम: शिवाय और महिलाएं शिवाय नम: का जाप करें।
श्री बांके बिहारी मंदिर में महाशिवरात्रि आज
श्री बांके बिहारी मंदिर में महाशिवरात्रि मंगलवार को मनाई जाएगी। कमेटी के विजय बंसल और मीडिया प्रभारी जगदीश भाटिया ने बताया कि महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए भोर में खोल दिए जाएंगे। सुबह से ही भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन शुरू हो जाएगा।