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3.40 करोड़ से बनी बिल्डिंग साल भर में ही दरकने लगी

Mon, 02 Dec 2019 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2019 12:45 AM IST
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बहेड़ी तहसील की नई इमारत नहीं इसे घोटालों का स्मारक कहिए
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प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने पकड़ा खेल, डीएम ने शुरू कराई टीएसी जांच
दीवारों से टूटकर गिरने लगा प्लास्टर, कई जगह दरारें भी पड़ीं

बरेली। बहेड़ी तहसील की नई बनी इमारत को जल्द ही शायद सरकारी सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के स्मारक के तौर पर याद रखा जाएगा। 3.40 करोड़ की लागत से बनाई गई इस बिल्डिंग को कार्यदायी संस्था ने पिछले साल ही राजस्व विभाग को हैंडओवर किया था लेकिन इतने थोड़े से वक्त में ही पूरी बिल्डिंग दुर्दशाग्रस्त हो गई है। पिछले दिनों दौरे पर आए प्रमुख सचिव नवनीत सहगल जब नई बनी इमारत की दुर्दशा देखकर चौंके तो प्रशासन हरकत में आया। अब डीएम ने इस निर्माण की टीएसी जांच का आदेश दिया है।
बहेड़ी में तहसील की नई बिल्डिंग बनाने की जिम्मेदारी 2015 में सरकारी संस्था पैक्सफेड को दी गई थी। 3.40 करोड़ से बने इस भवन का निर्माण पिछले साल 15 अगस्त को पूरा होने के बाद इसे तहसील प्रशासन को हैंडओवर कर दिया गया था। 20 नवंबर को बतौर नोडल अफसर जिले के दौरे पर आए प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने जब इस बिल्डिंग का हाल देखा तो चौंक गए। एक साल पहले ही बनकर तैयार हुई इस बिल्डिंग का प्लास्टर कई जगह से उधड़ गया था। कई जगह दीवारों तक में दरारें पड़ने लगी थीं। प्रमुख सचिव ने इस तरफ प्रशासन के अफसरों का ध्यान दिलाया तो वे भी दंग रह गए। प्रमुख सचिव के आदेश के बाद डीएम नितीश कुमार ने टेक्निकल ऑडिट कमेटी यानी टीएसी से तहसील भवन के निर्माण की जांच शुरू करा दी है।
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प्रशासन के अफसर भी सवालों के घेरे में
बहेड़ी में तहसील की बिल्डिंग तैयार होने के बाद पैक्सफेड की ओर से उसे हैंडओवर किए जाने से पहले तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने एक टीम बनाकर उसकी गुणवत्ता की जांच कराई थी। इस टीम में प्रशासन के अफसरों के साथ इंजीनियर भी शामिल थे। डीएम की बनाई टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही बिल्डिंग को राजस्व विभाग को हैंडओवर किया गया था। इस कदर घटिया निर्माण के बावजूद बिल्डिंग को ओके बता दिए जाने पर अब प्रशासन के अफसरों पर भी सवाल उठ रहे हैं। यहां यह भी गौरतलब है कि 3.40 करोड़ का पूरा बजट खर्च होने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है। पैक्सफेड ने सरकार से इसके लिए डेढ़ करोड़ का और बजट मांगा है।
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डीएम ने एक्सईएन से मांगा जवाब
बोले- इस कदर घटिया निर्माण
बिल्डिंग की हालत देखकर डीएम नितीश कुमार का कहना है कि निर्माण देखकर साफ लग रहा है कि इसमें क्वालिटी पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस गड़बड़ी के लिए डीएम ने पैक्सफेड के एक्सईएन डीके चौधरी से स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि एक्सईएन तर्क दे रहे हैं कि तराई क्षेत्र में बिल्डिंग बनी होने के कारण बिल्डिंग का प्लास्टर गिर रहा है। करीब दो साल पहले अफसरों की टीम ने इस बिल्डिंग को चेक किया था तो भवन की दीवारों का नमी की वजह से प्लास्टर टूटता मिला था। रैंप पर कुछ टाइल्स लूज हो गई थीं। कुछ जगहों पर फर्श की घिसाई ठीक से नहीं कराई गई थी।
इनसेट-
प्रमुख सचिव ने पैक्सफेड स्टाफ की भी लगाई थी क्लास
21 नवंबर को नोडल अफसर नवनीत सहगल ने समीक्षा बैठक के दौरान बहेड़ी तहसील भवन के निर्माण में घपले का मामला उठाया तो पैक्सफेड के स्टाफ ने यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की थी यह भवन तहसील को हैंडओवर कर दिया गया है। नोडल अफसर ने इस पर फटाकर लगाई थी कि भवन दे दिया है तो क्या निर्माण में घपले का जिम्मा भी खत्म हो गया।
वर्जन-
बहेड़ी तहसील भवन के निर्माण की जांच कराई जा रही है। भवन की हालत देखकर यह लग रहा है कि निर्माण ठीक से नहीं कराया गया है। अगर गड़बड़ी हुई है तो टीएसी की जांच में यह खुल जाएगा। -नितीश कुमार, डीएम

वर्जन-
कुछ जगह प्लास्टर गिर रहा है। छोटी-मोटी और भी कमियां ही हैं। इन्हें ठीक कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में कोई कमी नहीं है। - डीके चौधरी, एक्सईएन, पैक्सफेड
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