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बीसलपुर रोड का सफर भी जानलेवा सफर है

Mon, 04 Nov 2019 01:22 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 04 Nov 2019 01:22 AM IST
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बरेली। चार दिन पहले एक्सीडेंट में नौ लोगों की मौत के बावजूद बरेली-बीसलपुर रोड पर एक किलोमीटर में चार खूनी मोड़ पर रोड सेफ्टी के नाम एक संकेतक तक नहीं लगा है। इसकी वजह से इस रोड के खतरनाक मोड़ जानलेवा बने हुए हैं। जरा सी चूक यहां बड़ा हादसा करा सकती है।
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इस रोड पर अहरोला और दौलतपुर डड़िया के बीच कैलाश नदी के पुल के दोनों और करीब एक किलोमीटर में चार भयंकर मोड़ है। यहां पर दौलतपुर डड़िया में करगैना मोड और उसके 100 मीटर आगे मिलक गौंटिया पर तीव्र मोड़ है। कैलाश पुल से करीब 200 मीटर आगे खरदाह और उसके 50 मीटर आगे गौंटिया के पास इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के नजदीक भी खूनी मोड़ है। ये मोड़ इतने खतरनाक है कि 50 मीटर आगे कुछ भी दिखाई नहीं देेता है। ऐसे में अगर कोई वाहन सामने से तेज रफ्तार में आ रहा है तो संभलने का मौका तक नहीं मिल पाता है। 30 अक्तूबर को दौलतपुर डड़िया में हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी और नेशनल हाईवे के अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि इन खूनी मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं। रेडियम सिग्नल, कैटआई, स्पीड ब्रेकर सहित सड़क सुरक्षा के काम करना तो दूर की बात है। ऐसे में यहां आए दिन हादसों में मौतें हो रही हैं। बड़े हादसे के बाद भी यहां पर रोड सेफ्टी के कोई काम नहीं हुए हैं। गौरतलब है कि बरेली से बीसलपुर होते हुए पलिया, शाहजहांपुर, लखीमपुर के लिए लखनऊ-दिल्ली हाईवे के बाद सबसे ज्यादा ट्रैफिक इसी रोड से होकर गुजरता है।
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ढाई करोड़ खर्च करने के बावजूद उखड़ गई सड़क, अफसरों के चेताने के बाद भी रोड सेफ्टी के काम नहीं हुए पूरे
बीसलपुर रोड के लिए करीब ढाई करोड़ के प्रोजेक्ट में रोड बनाने के साथ ही सड़क सुरक्षा के कई काम भी शामिल किए गए थे, जबकि सुधार के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। पूर्व में तैनात रहे पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी ने भी रोड सेफ्टी के कामों में घपला पकड़ा था। रोड पर सफेद पट्टी पतली बनाई जा रही थी। मैटेरियल भी सही नहीं लगाया जा रहा था। इसके अलावा रोड सिग्नल सहित दूसरी सामग्री को लेकर भी चीफ इंजीनियर ने असंतोष जाहिर किया था। बाद में सुधार के नाम पर केवल लीपापोती कर दी गई। रोड के ब्लैक स्पॉट पर सड़क सुरक्षा के काम तक नहीं कराए गए। हालांकि नई बनी यह रोड भी कुछ महीने में टूट गई। इस पर पैच वर्क कराया गया है।
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फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पर एनएचएआई ने लगाया अड़ंगा
बीसलपुर रोड पर बड़ा बाईपास पर कट बन गया है। इससे यहां आए दिन बड़े हादसे हो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी ने यहां एक किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का प्रोजेक्ट तैयार किया था। इसमें करीब 70 से 80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। बाद में एनएचएआई ने इस खुद बनाने की बात कहते हुए अड़ंगा लगा दिया।

कमिश्नर तक पहुंची अफसरों की संवेदनहीनता
एक्सीडेंट में नौ लोगों की मौत के बाद भी सड़क सुरक्षा के कामों को लेकर अफसरों की संवेदनहीनता की शिकायत क्रांतिकारी विचार मंच के अध्यक्ष देवस्वरूप पटेल ने कमिश्नर रणवीर प्रसाद से की है। कमिश्नर ने शीघ्र ही रोड सेफ्टी के काम कराने का आश्वासन दिया है।


‘इस रोड का नवीनीकरण फरवरी-मार्च में पीडब्ल्यूूडी ने कराया था। अब यह सड़क राज्य के अधीन नेशनल हाईवे के पास पहुंच गई है। इसलिए इसमें जो भी काम है वह नेशनल हाईवे के अधिकारी ही कराएंगे।’
- वीएम शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड भवन
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