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आईवीआरआई अंडरपास- दो करोड़ का फाइबर शेड कहीं बर्बाद न हो जाए
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बरेली। आईवीआरआई क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण तय योजना के मुताबिक न हो पाने से नए-नए खतरे सामने आ रहे हैं। रेलवे के हिस्से के ओवरब्रिज का निर्माण लटका रह गया और इस बीच अंडरपास पर फाइबर शेड लगाने का काम शुरू हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान अगर ऊपर से कोई निर्माण सामग्री फाइबर शेड पर गिरी तो करीब दो करोड़ से तैयार हो रहा यह शेड बर्बाद हो जाएगा। इस ओवरब्रिज की डिजाइन और रेलवे अफसरों की कार्यशैली पर पहले से ही उंगली उठ रही हैं।
आईवीआरआई क्रॉसिंग पर सेतु निगम और रेलवे दोनों को ही मिलकर पहले ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करना था। क्रॉसिंग पर अपने हिस्से का ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे ने ठेका दिया था, लेकिन डिजाइन सहित कई खामियों को लेकर ठेकेदार ने बीच में ही काम छोड़ दिया। इसके बाद करीब सवा साल से काम ठप है। आईवीआरआई की तरफ से नैनीताल रोड पर ट्रैफिक की दिक्कत को देखते हुए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने रेलवे अफसरों को पहले अंडरपास बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद करीब 11 करोड़ की लागत से यहां दो अंडरपास तैयार किए गए हैं। हालांकि बाद में इनकी लागत बढ़कर करीब 14.5 करोड़ हो चुकी है। इसके बावजूद अंडरपास पर फाइबर शेड लगाने के लिए दो करोड़ का अलग से ठेका दिया गया है। इसके लिए रेलवे अस्पताल की तरफ अंडरपास पर आवागमन बंद करके शेड लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके बाद दूसरी साइड स्टेशन की तरफ भी इसी तरह अंडरपास के ऊपर फाइबर शेड लगाया जाएगा। ताकि उसके नीचे गुजरने वालों का धूप-बारिश से बचाव हो सके। इसमें दिक्कत यह आ रही है कि शेड लगाने के लिए बाद रेलवे पास ही ओवरब्रिज का काम शुरू करेगा। इससे निर्माण कार्य के दौरान सीमेंट, सरिया सहित दूसरी भारी निर्माण सामग्री भी गिरेगी। साथ ही पिलर के ऊपर सैकड़ों टन वजनी रेडीमेड गॉर्डर भी रखे जाएंगे। इससे फाइबर शेड को नुकसान पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
लोहे का शेड सस्ता होने के बावजूद लगाया जा रहा फाइबर शेड
रेलवे ज्यादातर जगहों पर अब फाइबर की जगह लोहे के शेड ही लगवा रहा है। इसके बावजूद लोगों की यह समझ में नहीं आ रहा है कि रेलवे यहां फाइबर शेड क्यों लगवा रहा है? जबकि बताते हैं कि फाइबर शेड के मुकाबले लोहे का शेड सस्ता और मजबूत होता है।
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आईवीआरआई ओवरब्रिज पर बने बनाए गार्डर रखे जाएंगे। इसमें निर्माण सामग्री गिरने को कोई खतरा नहीं है। फाइबर शेड को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेलवे मंडल
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आईवीआरआई क्रॉसिंग पर सेतु निगम और रेलवे दोनों को ही मिलकर पहले ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करना था। क्रॉसिंग पर अपने हिस्से का ओवरब्रिज बनाने के लिए रेलवे ने ठेका दिया था, लेकिन डिजाइन सहित कई खामियों को लेकर ठेकेदार ने बीच में ही काम छोड़ दिया। इसके बाद करीब सवा साल से काम ठप है। आईवीआरआई की तरफ से नैनीताल रोड पर ट्रैफिक की दिक्कत को देखते हुए कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने रेलवे अफसरों को पहले अंडरपास बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद करीब 11 करोड़ की लागत से यहां दो अंडरपास तैयार किए गए हैं। हालांकि बाद में इनकी लागत बढ़कर करीब 14.5 करोड़ हो चुकी है। इसके बावजूद अंडरपास पर फाइबर शेड लगाने के लिए दो करोड़ का अलग से ठेका दिया गया है। इसके लिए रेलवे अस्पताल की तरफ अंडरपास पर आवागमन बंद करके शेड लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके बाद दूसरी साइड स्टेशन की तरफ भी इसी तरह अंडरपास के ऊपर फाइबर शेड लगाया जाएगा। ताकि उसके नीचे गुजरने वालों का धूप-बारिश से बचाव हो सके। इसमें दिक्कत यह आ रही है कि शेड लगाने के लिए बाद रेलवे पास ही ओवरब्रिज का काम शुरू करेगा। इससे निर्माण कार्य के दौरान सीमेंट, सरिया सहित दूसरी भारी निर्माण सामग्री भी गिरेगी। साथ ही पिलर के ऊपर सैकड़ों टन वजनी रेडीमेड गॉर्डर भी रखे जाएंगे। इससे फाइबर शेड को नुकसान पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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लोहे का शेड सस्ता होने के बावजूद लगाया जा रहा फाइबर शेड
रेलवे ज्यादातर जगहों पर अब फाइबर की जगह लोहे के शेड ही लगवा रहा है। इसके बावजूद लोगों की यह समझ में नहीं आ रहा है कि रेलवे यहां फाइबर शेड क्यों लगवा रहा है? जबकि बताते हैं कि फाइबर शेड के मुकाबले लोहे का शेड सस्ता और मजबूत होता है।
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आईवीआरआई ओवरब्रिज पर बने बनाए गार्डर रखे जाएंगे। इसमें निर्माण सामग्री गिरने को कोई खतरा नहीं है। फाइबर शेड को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर रेलवे मंडल